नवमी तिथि:संतान की लंबी उम्र के लिए माताओं ने रखीं 36 घंटे का रखी निर्जला उपवास

रंका2 महीने पहले
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जिवित्पुत्रिका व्रत हर साल आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है।इसे ही जिउतिया या जितिया व्रत या जिवित्पुत्रिका व्रत कहा जाता है। बुधवार को प्रखंड के विभिन्न भागो में माताएं ने अपने संतान की दीर्घायु ,आरोग्य, और सुखमयी जीवन के लिए 36 घंटे का निर्जला उपवास रखी है।जिस प्रकार तीज व्रत मे पत्नी ने पति की दीर्घायु व सुखमय जीवन के लिए निर्जला व्रत रखती है।

उसी प्रकार जितिया व्रत मे हर मां अपनी संतान के दीर्घायु की कामना के लिए व्रत रखते हुये ईश्वर की कामना करती है।प्रखंड मे मंगलवार सप्तमी तिथि को नहाय खाय ,बुधवार अष्टमी तिथि को निर्जला उपवास एवं गुरूवार को नवमी तिथि को पारण होगा।

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