आक्रोश:पैक्स से धान की खरीदी का किसानों ने किया विरोध, किसानों ने कहा- धान आज बेचेंगे, पैसे तीन महीने बाद आएगा, तो खेती कैसे करेंगे

सतबरवा2 महीने पहले
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पैक्स के माध्यम से धान खरीदारी होगी। वित्त मंत्री की इस घोषणा से किसानों में आक्रोश है । प्रखंड के किसानों ने इस घोषणा का विरोध करते हुए कहा कि धान आज बेचेंगे और पैसा तीन माह के बाद मिलेगा, इससे अच्छा तो हम सस्ते दर पर महाजनों को बेच दें ,ताकि मेरी समय पर खेती हो सके।

ऐसे में हम महाजनों का कर्ज भी दे सकेंगे।पोंची गांव के किसान प्रदीप उपाध्याय ने कहा कि कई वर्षों से एफसीआई में धान बेचते आ रहे हैं,पैसा जल्द मिल जाता है। महाजन से कर्ज लेकर खेती करते हैं, समय पर महाजन को पैसा नहीं देने पर ब्याज लेते हैं ,यह परेशानी बन जाएगी।

इन्होंने झारखंड सरकार से अनुरोध करते हुए कहा कि पिछले वर्ष जैसे एफसीआई से धान खरीदा जाता था ,उसी तरह से इस वर्ष भी धान एफसीआई ले।ठेमी गांव के किसान कामता प्रसाद ने कहा कि कर्जा लेकर खेती करते हैं । एफसीआई के माध्यम से प्रत्येक वर्ष धान बेचते थे ,पैसा तुरंत मिल जाता था । इस पैसा से हम महाजनों का कर्ज भर देते थे और पति ,पत्नी दोनों अपनी बीमारी के इलाज में पैसा लगा देते हैं, जिससे हमारी जिंदगी बची हुई है।

अभी सुना जा रहा है कि पैक्स के माध्यम से धान की खरीदारी होगी और आधा पैसा अभी मिलेगा और आधा 3 माह के बाद ,यह किसानों के साथ नाइंसाफी है। इससे अच्छा है कि व्यापारियों को धान बेच दे ,जिससे हम कर्ज से मुक्ति पा जाएं और समय पर अपना इलाज करा लें।किसान संजय प्रसाद खामडीह, सुख सागर सिंह बारी ,उमेश कुमार उपाध्याय पोंची ,सुरेंद्र यादव पोंची, दीपक कुमार सतबरवा ,मनीष कुमार कमारू, भोला नाथ उपाध्याय पोंची , विनोद यादव, लाल बिहारी यादव ठेमा ने भी एफसीआई के माध्यम से धान की खरीदारी करने का अनुरोध करते हुए झारखंड सरकार से कहा कि सरकार इस पर विचार करें कि किसानों को किससे फायदा होगा आज एफसीआई हमें जल्द भुगतान कर देता है जबकि पैक्स के माध्यम से आधा अभी और आधा पैसा 3 माह के बाद भुगतान करने की बात कह रही है। झारखंड सरकार की यह योजना किसानों के हित में नहीं है ।

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