पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

बैठक:शत-प्रतिशत बच्चों का वजन कराएं आंगनबाड़ी सेविका

सिमडेगा8 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • अांगनबाड़ी कर्मियों की बैठक में योजनाओं पर चर्चा, समाज कल्याण पदाधिकारी ने कहा

जिला समाज कल्याण पदाधिकारी रेणु बाला ने सदर प्रखंड की महिला पर्यवेक्षिका, आंगनबाड़ी सेविकाओं के साथ बुधवार काे प्रखंड कार्यालय सभागार में बैठक की। बैठक में वीएचएसएनडी, कुपोषण उपचार केन्द, आधार कार्ड, दीदी बाड़ी योजना, आंगनबाड़ी सेविका सहायिका मानदेय, आंगनबाड़ी केंद्र भवन, शौचालय, नशा मुक्त भारत अभियान, टीकाकरण एवं संस्थागत प्रसव के अलावा अन्य योजनाओं की समीक्षा की गई। इस मौके पर समाज कल्याण पदाधिकारी ने कहा कि शतप्रतिशत बच्चों का वजन किया जा रहा है या नहीं एवं सभी वजन किए गए बच्चों का वृद्धि चार्ट भरा गया है या नहीं इसे सुनिश्चित करें। शतप्रतिशत बच्चों का वजन मापी का कार्य सम्पन्न कराने का निर्देश दिया गया।

समाज कल्याण पदाधिकारी ने कहा कि सभी महिला पर्यवेक्षिका अपने-अपने क्षेत्र भ्रमण में वृद्धि चार्ट का मूल्यांकन सबसे पहले करेंगी। वीएचएसएनडी कार्यक्रम पूरी तरह सफल करना है, अगर बच्चे केन्द्र में नहीं आते है, तब आंगनबाड़ी सेविका घर से बच्चे को लाकर बच्चे का टीकाकरण कराएं। वीएचएसएनडी दिवस के दिन वार्ड प्रतिनिधि, जल सहिया, सखी दीदी को भी बुलाकर महिलाओं को योजना की जानकारी दें। पोषण, साफ-सफाई, कोविड-19 से बचाव,नशापान की जानकारी दें।

बैठक में समाज कल्याण पदाधिकारी ने कहा कि कुपोषण उपचार केन्द्र में शतप्रतिशत बेड आक्यूपेंसी सुनिश्चित किया जाए तथा सभी चिन्हित बच्चों को एमटीसी केन्द्र में उपचार के लिए लाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि एमटीसी सिमडेगा में फिलहाल सिर्फ चार बच्चे इलाजरत है।

आंगनबाड़ी सेविकाओं काे अपनी बाड़ी में सब्जी, फल के पौधे लगाने का निर्देश

महिला पर्यवेक्षिका को कुपोषण उपचार केन्द्र में बेड आक्यूपेंसी का विस्तृत प्रतिवेदन समर्पित करने का निर्देश दिया। उन्होंने दीदी बाड़ी योजना सभी आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका को अपनी निजी बाड़ी में लगाने को कहा। जिससे अन्य लोग भी प्रेरित होंगे। पपीता, मुनगा, अमरुद, कढ़ी पेड़ अवश्य लगाएं। न्यूट्रीशनल काॅन्सेलर ने पौष्टिक आहार,स्तनपान के बारे में विस्तृत जानकारी दी। नशा मुक्ति अभियान में सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों से रैली निकाल कर लोगों को जागरूक किया जाए। संस्थागत प्रसव के लिए गर्भवती महिलाओं को चिन्हित कर सूची तैयार किया जाए। समय पर अस्पताल पहुंचाने के लिए ममता वाहन का प्रयोग करेंगे।

खबरें और भी हैं...