समीक्षा:जिले में गर्मी में पेयजल की किल्लत नहीं होने दें खराब चापाकल, जलमीनार की मरम्मत कराएं

सिमडेगा6 महीने पहले
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  • डीसी ने पेयजल विभाग के अधिकारियों के साथ की बैठक, समन्वय बनाने को कहा

प्रशासन ने कोविड से निपटने की कोशिशों के साथ जनता की अन्य जरूरतों को पूरा करने का प्रयास भी जारी रखा है। उपायुक्त सुशांत गौरव ने जिलेवासियों को समुचित पेयजलापूर्ति की दिशा में गुरुवार को अम्बेडकर चौक के समीप जिला पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यालय पहुंच कार्यपालक अभियंता सहायक अभियंता सहित पेयजल विभाग के जिला समन्वयक के साथ बैठक की। उपायुक्त ने पूर्व के निर्देश के अनुपालन की समीक्षा की। कहा कि जिन क्षेत्रों में अब भी चापाकल एवं जलमीनार की मरम्मत नहीं हुई है, वहां समूह बनाकर ग्राउंड में सत्यापन कराते हुए शत प्रतिशत कार्य पूर्ण कराएं।

आये दिन गर्मी के बदहाल स्थिति को देखते हुए क्षेत्र भ्रमण के दौरान देखा जा रहा है कि तालाब, नदी, नाले का जल स्तर में कमी हो रहे हैं। ऐसे में ग्रामीणों को पेयजल की कोई समस्या न हो, विशेष रूप से कार्यपालक अभियंता सुनिश्चित कराएं। बैठक में कहा गया कि आवश्यकतानुसार नए चापाकल लगाने का काम भी पूर्ण करायें। 10 मई तक मरम्मत के साथ निर्माण के विपत्रों की राशि का भुगतान भी सुनिश्चित करें। कार्य के उपरांत पारिश्रमिक राशि का ससमय भुगतान करें। कोचेडेगा और बासेन में चल रहे ग्रामीण जलापूर्ति योजना की उपायुक्त ने समीक्षा की। कहा कि गर्मी में जलापूर्ति की योजनाएं सबसे महत्वपूर्ण है। तीव्रता के साथ कार्य को पूर्ण करायें। उन्‍होंने कहा कि पेयजलापूर्ति योजना के क्रियान्वयन एवं कार्यों के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या होने पर अविलम्ब कार्यपालक अभियंता सूचित करें।

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