हॉकी की प्रैक्टिस:पहले वेतन से बच्चों के लिए बॉल लाईं हॉकी स्टार संगीता

सिमडेगाएक महीने पहले
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बच्चों के साथ हॉकी स्टार संगीता कुमारी। - Dainik Bhaskar
बच्चों के साथ हॉकी स्टार संगीता कुमारी।

गरीबी और अभावों के बीच पली-बढ़ी, बांस के डंडे और शरीफे से बनी गेंद से हॉकी की प्रैक्टिस कर जूनियर भारतीय महिला हॉकी टीम तक पहुंची संगीता कुमारी ने रेलवे से पहली तनख्वाह मिलने के बाद मिसाल पेश की है। रेलवे में सरकारी नौकरी मिलने के बाद संगीता कुमारी पहली बार शुक्रवार को गांव पहुंची और बुजुर्गों से आशीर्वाद लेने के बाद उन्हें उपहार दिया। गांव के बच्चों के बीच हॉकी की गेंद बांटी।

हाल के वर्षों में ऐसा पहली बार देखा गया कि किसी हॉकी खिलाड़ी ने अपनी पहली सैलरी या पुरस्कार की राशि से गांव के लोगों के बीच कुछ उपहार दिया। गांव पहुंच कर संगीता सबसे बुजुर्ग व् यक्ति से मिलकर उनसे आशीर्वाद लिया और उन्हें धोती देकर सम्मानित किया। इसके बाद अपने गांव के दर्जन भर गरीब छोटे बच्चो के बीच अपने नौकरी के पहली पगार से मिले रकम से खरीदकर लाई हॉकी गेंद एवम मिठाई दी।

गांव के छोटे बच्चे नई गेंद पाकर खुशी से गदगद हो गए। बताया कि कई अंतरराष्ट्रीय हॉकी प्रतियोगिता में जूनियर भारतीय महिला हॉकी टीम की प्रतिनिधित्व कर चुकी संगीता कुमारी सिमडेगा जिला के करँगागुड़ी नवाटोली के गरीबी रेखा से जीवन यापन करने वाले किसान रंजीत मांझी एवं लखमणि देवी की चौथी पुत्री है। छह भाई-बहनों में संगीता चौथे नंबर में आती है एवं काफी गरीबी में पल बढ़कर आज अपने हॉकी की प्रतिभा के बलबूते पर रांची रेलवे में दो माह पहले नौकरी पा चुकी है।

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