बैठक का आयोजन:पेड़-पाैधाें काे बचाए रखना हम सबाें की जिम्मेवारी, इसे निभाएं : खुशीराम

सिमडेगा16 दिन पहले
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  • मेरामडेगा में हुई बैठक में वनाधिकार अधिनियम पर की गई चर्चा

ठेठईटांगर प्रखण्ड के मेरोमडेगा पंचायत अंतर्गत मेरोमडेगा राजस्व ग्राम के गिरजा टोली,महुआ टोली,बरटोली,बईर टोली,भादरा टोली,नागड़ा टोली,पूरब टोली,पहाड़ टोली,जाम टोली के ग्रामीणाें की बैठक हुई। झारखण्ड जंगल बचाओ जनआंदोलन संगठन सह जिलास्तरीय ग्राम सभा संगठन के मीडिया प्रभारी खुशीराम कुमार उपस्थित थे।

बैठक में पर्यावरण बचाओ संबंधित जानकारी ग्रामीणाें काे दी गई। इस विशेष अवसर पर खुशीराम कुमार ने कहा कि वनाधिकार कानून 2006 में जंगल का उपयोग करने एवं प्रबंधन करने का अधिकार ग्राम सभा को है। इसलिए आदिवासियों कम अन्य परंपरागत वन निवासियों की देखरेख में आज भी हमारी संस्कृति जंगलों के पेड़ पौधों एवं जंगली जानवरों के साथ साथ जंगली जीव जंतुओं से मिलती है।

हमारे पूर्वजों के संघर्ष और बलिदान से आज तक हमारी जंगल बची हुई है इसलिए हमारा भी फर्ज बनता है कि हमें भी जंगलों को बचा कर रखना है जिससे कि हमारे आने वाली पीढ़ियों को भी लाभ मिले। उन्हाेंने कहा कि जंगल हमारी संस्कृति के साथ साथ जीविका का भी मूल संसाधन है। इसलिये हम सब को प्रकृति को बचाने के लिए पेड़ों की कटाई को रोकना होगा। साथ ही आगे हमें अपने अधिकारों के बारे में जागरूक होने की जरूरत है। हमारा क्षेत्र पांचवीं अनुसूचित क्षेत्र है यहां पेसा कानून लागू है, पेसा कानून 1996 के तहत ग्राम सभा को जो अधिकार दिया गया है उसे भी हमें समझने और जानने की जरूरत है। चूंकि हम कानून की जानकारी नहीं रखते हैं इसलिए हमारे लोग ठगे जाते हैं और शोषित एवं अधिकारों से भी वंचित होते हैं। मौके पर सोहानी केरकेट्टा,सुषमा केरकेट्टा विनीता केरकेट्टा ओमिका सोरेंग मिनी देवी, सीता देवी,नीलिमा केरकेट्टा बहलेंन केरकेटा, सुचिता कुल्लु, अलेकसिया लुगुन, दीपक लकड़ा, विजय मांझी, शाहरु लोहरा, एलिजाबेथ बिलुंग, शोभा सोरेंग, सरन केरकेट्टा, सुमरैय कुल्लू, बुधो देवी, दयामनी कुल्लु, सुरेश सोरेंग, रोयान कुल्लु सहित काफी संख्या में लोग उपस्थित थे।

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