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सादगी के साथ मनाया गया:गाइडलाइन के तहत बकरीद पर ईदगाह में अदा नहीं हुई नमाज, अकीदतमंदों ने अमन की मांगी दुआ

सिमडेगा2 दिन पहले
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  • पर्व को लेकर प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतेजाम किए गए थे, दिन भर पुलिस की गश्त जारी रही

जिले में बकरीद का पर्व बुधवार काे सादगी के साथ मनाया गया। इस बार भी काेराेना महामारी के कारण ईदगाह में बकरीद की नमाज अदा नहीं की गई। लोगों ने घरों और मस्जिदों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए दो रकअत नमाज अदा की। इसके बाद खुतबा पढ़ा गया। नमाज के बाद लोग कब्रिस्तान पहुंचकर अपने अपने पूर्वजों की कब्रगाहों में जाकर फातेहा पढ़ी।

नमाज के बाद अकीदतमंदों ने बकरे काे कुर्बान किया। मस्जिद ए हक्की में नमाज अदा करने से पूर्व अपने संदेश में मौलाना मिन्हाज ने कहा कि यह इस्लाम धर्म का सबसे बड़ा दूसरा त्यौहार है। उन्हाेंने कहा कि हजरत इब्राहिम अपने बेटे हजरत इस्माइल काे इसी दिन खुदा के हुक्म पर खुदा की राह में कुर्बान करने जा रहे थे। इसी दाैरान अल्लाह ने बेटे की जगह पर जानवर भेज दिया था।

सके बाद जानवर की कुर्बानी दी गई थी। बकरीद सच्चाई की राह में अपनी प्यारी चीज काे कुर्बान करने का संदेश देती है। इधर पर्व को लेकर प्रशासन की अाेर से सुरक्षा के पुख्ता इंतेजाम किए गए थे। विभिन्न मस्जिदों व ईदगाहों में मजिस्ट्रेट व पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई थी। मस्जिद और कब्रगाहों के आस-पास पुलिस दिन भर गश्त लगाती रही।

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