पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

लड़की की हालत काफी खराब:हरियाणा के करनाल में बेची गई सिमडेगा की नाबालिग बच्ची भाग कर वापस आई

सिमडेगा19 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
अस्पताल में इलाजरत नाबालिग। - Dainik Bhaskar
अस्पताल में इलाजरत नाबालिग।
  • सहयोग विलेज में काम करने वाले ऑटो चालक ने झांसा देकर पहुंचाया था दिल्ली

जिले की एक नाबालिग बच्ची हरियाणा के करनाल से किसी तरह अपनी जान बचाकर रांची होते हुए शुक्रवार को बीमार हालात में सिमडेगा पहुंची। अपने घर में ताला लगा हुआ था किसी तरह क्षेत्र की मुखिया राजमुनि प्रधान के पास पहुंच कर सीडब्ल्यूसी की पूर्व अध्यक्ष किरण चौधरी से फोन पर बात कर सीडब्ल्यूसी की ऑफिस पहुंची और अपनी आपबीती से सीडब्ल्यूसी की अध्यक्ष किरण चौधरी को बताई।

इस दौरान लड़की की हालत काफी खराब हो चुकी थी कि वो अपने पैरों पर खड़ी होने की स्थिति में नहीं थी। पूर्व अध्यक्ष किरण चौधरी ने एएचटीयू थाना को फोन कर जानकारी देते हुए किसी प्रकार लड़की को सदर अस्पताल पहुंचाया, साथ ही उस लड़की का इलाज कराया। इलाज के बाद लड़की ने बताया कि जब वह सहयोग विलेज से अपने घर आ गई थी तो एक अज्ञात नंबर से उसे बार-बार फोन आता था। फोन पर बात होने के दौरान उसे पता चला कि युवक सहयोग विलेज मतरामेटा में काम करने वाला ऑटो ड्राइवर है। बताया कि कुछ साल पहले उसे दिल्ली से वापस लाया गया था। उस समय भी वह ट्रैफिकिंग का शिकार हुई थी।

दुष्कर्म की भी हुई शिकार 1.20 लाख रुपए में बेचा था

बताया कि वह सहयोग विलेज में रहती थी। उस समय उक्त ऑटो वाला वहीं कार्य क्या करता था। सहयोग विलेज मतरामेटा में रहने वाली सभी बच्चियों को स्कूल छोड़ा करता था। लड़की ने बताया कि उसने उसे कहा कि वह उसकी शादी अच्छे घर में करा देगा एवं अच्छी जिंदगी जीने के लिए दिल्ली लेकर जाना चाहता है।

उसने बताया कि लालच में आकर वह अपने घर से कपड़े व कुछ सामान लेकर निकल गई और ऑटो वाले ने जिसका वह नाम नहीं बता पाई। उसने कहा कि युवक को देखने पर वह पहचान जाएगी। उस युवक ने उसे कुलदीप नाम के युवक को सौंप दिया था। जिसने उसे 2 दिनों तक अपने घर में रख कर उसके साथ दुष्कर्म किया, फिर हरियाणा के करनाल लेकर चला गया। जहां उसे 1.20 लाख में बेचकर वापस चला आया।

हमसे जितना हो सकता है वह मदद करेंगे : किरण
सीडब्ल्यूसी की पूर्व अध्यक्ष किरण चौधरी ने बताया कि कि 31 अगस्त 2021 को बाल कल्याण समिति में कार्यरत सभी लोगों का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। पूरे राज्य के 24 जिलों में बाल कल्याण समिति निष्क्रिय है। ऐसे में पीड़ित बच्चों की देखभाल और जरूरतमंदों को सहयोग कैसे मिलेगा, यह कह पाना मुश्किल है। फिर पूर्व अध्यक्ष होने के नाते हमसे जितना हो सकता है वह मदद करेंगी।

आरोपी ऑटाे चालक को थाना के हवाले किया
युवती का बयान सोमवार को सदर अस्पताल में समाज कल्याण पदाधिकारी, बाल संरक्षण पदाधिकारी, सहयोग विलेज बालक/बालिका के सचिव के समक्ष एएचटीयू थाना प्रभारी ने लिया। युवती ने जिस चालक का नाम लिया है, उसे समाज कल्याण पदाधिकारी द्वारा एएचटीयू थाना को सुपुर्द कर दिया गया है।

प्रतिदिन लड़की के साथ मारपीट की जाती थी

लड़की ने बताया कि उसके पिता और भाई नहीं है। परिवार की स्थिति बहुत ही खराब थी वह अच्छी जिंदगी जीने की चाह में हरियाणा के करनाल पहुंच गई, जहां उससे बहुत ही ज्यादा प्रताड़ित किया जा रहा था। प्रतिदिन मारपीट की जाती थी। उस घर की महिला भी उसे दांत से काट दिया करती थी। बड़ी मुश्किल से वह वहां से अपनी जान बचाकर भागी।

खबरें और भी हैं...