उन्मूलन अभियान:जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने के लिए 23 से 27 अगस्त तक चलेगा अभियान

सिमडेगा5 महीने पहले
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प्रेस कांफ्रेंस में जानकारी देते सिविल सर्जन। - Dainik Bhaskar
प्रेस कांफ्रेंस में जानकारी देते सिविल सर्जन।
  • अभियान की सफलता के लिए संपूर्ण जिले वासियों का सहयोग जरूरी

जिले में 23 से 27 अगस्त तक फाइलेरिया उन्मूलन अभियान चलाया जाएगा। अभियान की सफलता के लिए सबाें से सहयाेग की अपील की गई है। शनिवार काने आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में सिविल सर्जन डा. पीके सिन्हा ने बताया कि जिले काने फाइलेरिया मुक्त बनाने के लिए यह प्रथम राउंड का अभियान चलाया जा रहा है।

इसकी सफलता तब ही संभव है जब शत प्रतिशत लाेग दवा खाएंगे। सिविल सर्जन ने बताया कि जिले में 609858 लाेगाें काने दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। दवा उम्र व लंबाई के हिसाब से खिलाया जाएगा। डा. सिन्हा ने कहा कि लाेग बगैर किसी भय के फाइलेरिया की दवा खाएं।

इसमें आठ गाेली एक ही साथ खिलाई जाती है, इसलिए डरने की आवश्यकता नहीं है। उन्हाेंने बताया कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों काे बूथ बनाया जाएगा। बूथ तक पहुंच कर दवा नहीं खाने वाले लाेगाें काे डाेर टू डाेर घूमकर दवा खिलाई जाएगी। सीएस ने बताया कि एक वर्ष से कम उम्र,गर्भवती महिला और गंभीर राेग से बीमार मरीजाें काे दवा नहीं खिलाया जाना है।

सीएस ने कहा कि इस अभियान की मानिटरिंग के लिए सभी प्रखंडाें में रिस्पांस टीम बनाया गया है। उन्हाेंने कहा कि जिले में डाक्टराें की कमी है इसलिए कार्यक्रम काे लेकर स्टेट से पांच डाक्टराें की मांग की गई है।

काेराेना के तीसरी लहर की आशंका काे लेकर की गई है आवश्यक तैयारी

सिविल सर्जन ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि वर्तमान में जिले में एक भी काेराेना का मरीज नहीं है। इस आंकड़ा काने बनाए रखने के लिए जिले में सबाें काे सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्हाेंने कहा कि थर्ड वेब काने देखते हुए आवश्यक तैयारियां की जा रही है। ऑक्सीजन प्लांट तैयार है और बच्चाें के लिए सभी प्रखंडाें में पीकू वार्ड बनाया गया है। जहां बच्चाें के वातावरण के अनुकुल व्यवस्था की गई है।

सिविल सर्जन ने कहा कि तीसरी लहर काे लेकर हर वर्ग चिंतित जरूर है लेकिन बाजार में सावधानी नहीं बरती जा रही है। उन्हाेंने कहा कि एक बड़ी आबादी अभी भी टीकाकरण नहीं कराया है। उन्हाेंने ऐसे लाेगाें से टीकाकरण कराने की अपील की है। सीएस ने बताया कि जिले में बाल राेग विशेषज्ञों की कमी है।

सर्पदंश से बचने के लिए लाेगाें से मच्छरदानी लगाने की अपील

सर्पदंश की घटनाओं पर सिविल सर्जन ने कहा कि बार बार जागरूकता अभियान चलाने के बावजूद ऐसी घटनाएं सामने अा रही हैं। उन्हाेंने कहा कि बरसात के माैसम में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ जाती है, इसलिए लाेगाें काे खुद सतर्क व जागरूक हाेने की जरूरत हैं।

उन्हाेंने कहा कि लाेग इस माैसम में जमीन पर ना साेएं और साेते वक्त मच्छरदानी का प्रयाेग अवश्य करें। सीएस ने कहा कि सर्पदंश की घटना के बाद मरीजाें काे अस्पताल लाने में भी अनावश्यक विलंब किया जाता है। सभी सीएचसी में दवाइयां उपलब्ध कराई गई है। अगर सर्पदंश की घटना किसी गांव में घटती है ताे लाेग तत्काल मरीज काने अस्पताल लाएं, झाड़-फूंक से परहेज करें।

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