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जंगल बचाओ आंदोलन:ग्रामवासियाें काे नहीं मिल रहा संवैधानिक अधिकार, बिचौलिये की बढ़ी दखल

सिमडेगा4 दिन पहले
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केरसई प्रखंड के किनकेल करईगुड़ा गांव में झारखंड जंगल बचाओ आंदोलन जनसंगठन के तत्वावधान में ग्रामसभा की बैठक ग्रामसभा अध्यक्ष विक्टर तिग्गा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में केरसई प्रखंड प्रभारी अनूप लकड़ा और खुशीराम कुमार को विशेष ताैर पर आमंत्रित किया गया। बैठक में लकड़ा ने कहा कि यह क्षेत्र पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत है, जहां पेसा कानून भी लागू है।

यहां ग्राम सभा सर्वोपरि है लेकिन दुर्भाग्य है कि बहुत से जगह में ग्राम सभा को दरकिनार कर योजनाएं बनाई जा रही है और काम भी हो रहा है जो की संविधान के विरुद्ध है। कहीं कहीं फर्जी तरीके से ग्रामसभा बिचौलियों द्वारा कराई जा रही है जाे ग्रामवासियों के अधिकारों का हनन है। खुशीराम कुमार ने कहा कि सिमडेगा में अनेक ग्रामसभा के लोगों ने वनाधिकार कानून 2006 के तहत सामुदायिक वन पट्टा के लिए आवेदन किया है लेकिन दुर्भाग्य है कि वर्षों बीत जाने के बाद वन पट्टा नहीं मिला है।

ऐसा प्रतीत होता है कि ग्रामवासियों को उनके संविधानिक अधिकारों से वंचित करने का प्रयास किया जा रहा है। बैठक में मुख्य रूप से महेश मिंज, संजय किंडो, असीम बेलास लकड़ा, सुनिता तिर्की, समीरा लकड़ा, राजेंद्र बड़ाईक, जय मंगल प्रधान, मामदेव बड़ाईक, बिबयानी मिंज, प्रदीप मांझी, राफेल तिग्गा आदि उपस्थित थे।

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