जंगली हाथीयों ने मचाया उत्पात:लिटीमारा जंगल में 7 हाथी जमे, शाम होते ही गांवों पर कर रहे हमला

कुरडेग6 दिन पहले
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कुरडेग जंगल में हाथियाें का झुंड। - Dainik Bhaskar
कुरडेग जंगल में हाथियाें का झुंड।

प्रखण्ड के डुमरडीह के लिटीमारा और बाघलता जंगल में पिछले दो दिनों से सात जंगली हाथी जंगल में जमे हुए हैं। जैसे ही शाम होता है, जंगली हाथियों का झुंड गांव की ओर बढ़ते हैं और और ग्रामीण के घर में धावा बोलकर और घर क्षतिग्रस्त कर देते हैं। हाथियाें द्वारा घर में रखे अनाज धान चावल आदि बर्बाद कर दिया जाता है। शनिवार रात लिटीमारा सराई टोली में ग्रामीण तेलेस्फोर एक्का के घर को निशाना बनाया। जंगली हािथयों के झुंड से लिटीमारा, चापाडांड, बरटोली, बाधलता, छाताकाहु आदि टोली के ग्रामीणों में दशहत है। वहीं बीते शुक्रवार की रात चापाडांड निवासी संजय यादव की मकाई की फसल को भी चट कर गए। हाथी गांवों के बगल जंगल में जमे हुए हैं। इसकी सूचना वन विभाग रेंजर नथुनी सिंह को दी गई।

ग्रामीणों ने हाथियों के झुंड को खदेड़ने का किया प्रयास, केरोसिन खत्म हुआ तो लौटे

ठेठईटांगर|प्रखंड के जोराम पंचायत में जंगली हाथियों का उत्पात लगातार जारी है। एक ओर जहां सिमडेगा के केलाघाघ की ओर से आए जंगली हाथी उत्पात मचा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर शुक्रवार की देर रात 18-20 की संख्या में बोलबा की ओर से आए जंगली हाथियों के झुंड ने उत्पात मचाना शुरू कर दिया है। शनिवार को 18-20 की संख्या में हाथियों के झुंड को पावर ग्रिड जंगल से ग्रामीणों द्वारा काफी मशक्कत ओडिशा की ओर भगाने का प्रयास किया गया। किन्तु हाथियों का झुंड एनएच 143 में स्थित जामपानी नदी के समीप पहुंच कर रुक गया और वहां से रविवार की तड़के पुनः जोराम के पावरग्रिड जंगल लौट आया। इस दौरान हाथियों ने अकवनटोली में एक व्यक्ति के घर को क्षतिग्रस्त कर उसमें रखे आनाज आदि सामग्री को बर्बाद कर दिया।

हाथियों को भगाने वाले ग्रामीणों की टोली उनके उग्र रूप को देखकर डर गई और किरोसिन, मशाल आदि की कमी होने पर सभी लोग हाथियों को भगाने के स्थान पर गांव की सुरक्षा के प्रति सतर्क हो गए। इधर हाथी पुनः जोराम के जंगल मे आ गए। समाजसेवी राजेश टोप्पो ने बताया कि इस दौरान हाथियों के झुंड ने ग्रेगोरी बिलुंग, सुशील सोरेंग, विजय सोरेंग, जेम्स कुजूर, जोसेफ एक्का आदि ग्रामीणों के खेतों में लगी फसल को बर्बाद कर दिया है। हाथियों को भगाने के लिए सब ग्रामीण आपस में चंदा एकत्र कर मशाल, किरोसिन, मोबिल, पटाखे आदि की व्यवस्था कर रहे है, जो नाकाफी साबित हो रहा है।

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