शक्ति मिल गैंगरेप केस:तीनों दोषियों को बॉम्बे हाईकोर्ट से बड़ी राहत, मौत की सजा उम्र कैद में बदली

मुंबई3 दिन पहले
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शक्ति गैंगरेप केस के तीन दोषियों को बॉम्बे हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने तीन दोषियों की मौत की सजा को उम्र कैद में बदलने का फैसला सुनाया है। तीनों दोषियों को आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया। जस्टिस एसएस जाधव और जस्टिस पृथ्वीराज चौहान की बेंच ने उनकी सजा कम करने का फैसला सुनाया। बता दें कि साल 2014 में मुंबई सेशन कोर्ट ने तीनों आरोपियों विजय जाधव, कासिम बंगाली और सलीम अंसारी को दोषी मानते हुए फांसी की सजा सुनाई थी।

दो युवतियों से हुआ था शक्ति मिल में गैंगरेप

बता दें कि शक्ति मिल गैंगरेप के 2 मामले थे। पहला मामला महिला फोटो जर्नलिस्‍ट के साथ गैंगरेप का था। दूसरा एक महिला टेलीफोन ऑपरेटर से गैंगरेप का। दोनों मामलों में 5 दोषी थे, जिसमें 1 नाबालिग था। दोनों मामलों के तीन दोषी कॉमन थे। साल 2013 के 22 अगस्त को महिला फोटो जर्नलिस्ट के साथ महालक्ष्मी स्थित शक्ति मिल कंपाउंड में शाम के समय गैंगरेप हुआ था। मामला सामने आने के बाद अगले ही दिन यानी कि 23 अगस्त को पहला आरोपी गिरफ्तार हुआ, जो कि नाबालिग था। 24 अगस्त गैंगरेप में शामिल दूसरा आरोपी विजय जाधव और तीसरा आरोपी सिराज रहमान उर्फ सिरजू की भी गिरफ्तारी हुई थी। चौथा आरोपी कासिम बंगाली 25 अगस्त को गिरफ्तार हुआ। 25 अगस्त को ही पांचवां और मुख्य साजिशकर्ता मोहम्मद सलीम अंसारी को भी गिरफ्तार किया गया।

3 दिन बाद सामने आया था दूसरा मामला

3 सितंबर 2013 को एक और रेप का मामला सामने आया। पीड़िता 19 साल की टेलीफोन ऑपरेटर थी। उसने पुलिस को बताया कि 31 जुलाई को उसके साथ भी पांच लोगों ने गैंगरेप किया, जिसमें पहले से गिरफ्तार तीन आरोपी शामिल थे। चार सितंबर को आइडेंटिफिकेशन परेड कराई गई, जिसमें सभी आरोपियों की पहचान की गई। इसके बाद 19 सितंबर 2013 को मुंबई क्राइम ब्रांच ने तकरीबन 600 पन्ने की चार्जशीट दायर की। 20 मार्च 2014 को मुंबई सेशंस कोर्ट ने सभी चारों आरोपियों को गैंगरेप का दोषी पाया। 4 अप्रैल 2014 को तीन रिपीट ऑफेंडर्स को फांसी जबकि बाकी आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई।

8 साल पहले सुनाई गई थी फांसी की सजा

शक्ति मिल गैंगरेप मामले में शामिल चार आरोपियों में से तीन दोषियों को मुंबई कोर्ट ने फांसी की सजा जबकि एक अन्‍य नाबालिग आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। कोर्ट ने तीनों आरोपियों को बार-बार जुर्म करने का दोषी ठहराया और उन्‍हें फांसी की सजा सुनाई। शक्ति मिल में टेलीफोन ऑपरेटर और महिला फोटो जर्नलिस्‍ट के साथ गैंगरेप के आरोप में तीनों दोषियों को धारा 376 E के तहत सजा मिली थी। गौरतलब है कि धारा 376 E का पहली बार इस्तेमाल करते हुए अधिकतम सजा दी गई थी।

उज्जवल निकम ने गिनाए थे फांसी के 10 कारण

इस मामले का केस लड़ रहे वकील उज्‍ज्‍वल निकम ने कहा था कि उन्‍होंने कोर्ट को इन आरोपियों को फांसी देने के 10 कारण बताए थे। उन्‍होंने बताया कि इन तीन आरोपियों में से एक आरोपी को पहले भी एक मामले में सजा हो चुकी है। हालांकि बाद में कोर्ट ने उसे रिहा कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद इसने गैंगरेप किया।

निकम ने कहा था कि इन अभियुक्‍तों ने फोटो जर्नलिस्‍ट के साथ अप्राकृतिक तरह से गैंगरेप किया और उसके साथ मारपीट भी की। आरोपियों को राक्षसी प्रवृत्ति का बताते हुए उन्‍होंने कहा कि पीड़िता ने इनके सामने हाथ भी जोड़े, लेकिन आरोपियों को जरा भी दया नहीं आई। उज्‍ज्‍वल निकम ने बताया कि फैसले के समय कोर्ट के सामने आरोपियों की उम्र को देखते हुए उनके बचाव की भी दलील दी गई थी, लेकिन कोर्ट ने उसे अस्‍वीकार कर दिया।

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