महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री पर शिकंजा:वसूली रैकेट में अनिल देशमुख को ED ने एक हफ्ते में दूसरी बार बुलाया; उनके PA और PS को 1 जुलाई तक कस्टडी में भेजा

मुंबई4 महीने पहले
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अनिल देशमुख को शनिवार को भी ED ने बुलाया था, लेकिन वे नहीं आए थे। - Dainik Bhaskar
अनिल देशमुख को शनिवार को भी ED ने बुलाया था, लेकिन वे नहीं आए थे।

महाराष्ट्र में वसूली रैकेट चलाने के आरोपों से घिरे पूर्व गृह मंत्री और एनसीपी नेता अनिल देशमुख की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। देशमुख को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर समन जारी किया है। उन्हें शनिवार को भी बुलाया गया था, लेकिन वे नहीं आए। उनकी बजाय उनके वकील जांच एजेंसी के पास पहुंचे थे।

देशमुख के वकीलों की टीम में शामिल वकील जयवंत पाटिल ने कहा, ‘पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख शनिवार को पेश नहीं हुए, हमें इस मामले से जुड़े दस्तावेज नहीं दिए गए हैं। जिनकी मांग की गई है, हम उसी के अनुसार अपना जवाब देंगे।'

ED ने देशमुख के PA और PS को किया गिरफ्तार
मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह द्वारा 100 करोड़ रुपए की वसूली के आरोप के बाद मनी लांड्रिंग का केस दर्ज करने वाले प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के PA कुंदन शिंदे और पर्सनल सेक्रेटरी संजीव पलांडे को अरेस्ट कर लिया है। गिरफ्तार करने के बाद शनिवार को दोनों को स्पेशल PMLA कोर्ट में पेश किया गया, जहां कुछ देर की जिरह के बाद उन्हें 1 जुलाई तक ED की कस्टडी में भेज दिया गया।

कुंदन शिंदे को कस्टडी में लेकर ED के अधिकारी शनिवार को मुंबई स्थित ऑफिस पहुंचे।
कुंदन शिंदे को कस्टडी में लेकर ED के अधिकारी शनिवार को मुंबई स्थित ऑफिस पहुंचे।

एक करता था डीलिंग और दूसरा करता था वसूली
सूत्रों के मुताबिक, ED की अब तक की जांच में सामने आया है कि शिंदे और पलांडे वसूली के काम में शामिल थे। एक पैसों की डील करता था और दूसरा कैश वसूलता था। ED को उनके खिलाफ कई सबूत हाथ लगे हैं, जिसमें फोन और व्हाट्स ऐप कॉल भी शामिल हैं। हालांकि, इसकी पुष्टि अभी तक नहीं हुई है कि ये देशमुख या किसी अन्य के लिए उगाही कर रहे थे। फिलहाल दोनों से ED की टीम पूछताछ कर रही है। जल्द ही इन्हें अनिल देशमुख के सामने बैठाकर पूछताछ होगी।

पर्सनल सेक्रेटरी संजीव पलांडे को भी ईडी ने अपने दफ्तर बुलाया था।
पर्सनल सेक्रेटरी संजीव पलांडे को भी ईडी ने अपने दफ्तर बुलाया था।

पलांडे के वकील ने ED को 'पिंजड़े में बंद गौरैया' कहा
देशमुख के सहायकों की अदालत में पेशी के दौरान, पलांडे के वकील ने ईडी को 'पिंजरे में बंद गौरैया कहा जो सिर्फ ट्वीट के अलावा कुछ नहीं करती' है। वकील ने कहा कि ईडी को एक बेहतरीन संगठन के रूप में जाना जाता है लेकिन वर्तमान में वह स्थानीय पुलिस के रूप में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कल मेरे क्लाइंट पलांडे के आवास पर छापा मारा और उन्हें पीएमएलए की धारा 50 का नोटिस दिया और फिर उन्हें अपने साथ ले गए। ये किस तरह की कार्रवाई है? हालांकि 'पिंजरे में बंद गौरैया' वाली टिप्पणी पर बाद में वकील ने माफी मांग ली।

ED के पास ऑन रिकॉर्ड दिखाने के लिए कोई सबूत नहीं
वहीं कुंदन शिंदे के वकील मेहुल ठक्कर ने कहा कि ऑन रिकॉर्ड दिखाने के लिए कुछ भी नहीं है कि सचिन वाजे कुंदन शिंदे के सीधे संपर्क में थे। वाजे के बयान के आधार पर पूरी तरह से भरोसा नहीं किया जा सकता है। इस मामले में केवल सहयोग न करना रिमांड का आधार नहीं हो सकता। ईडी द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया में गिरफ्तारी के कारण भी नहीं दिए गए हैं।

देशमुख के पार्टनर के घर पर भी हुई है रेड
इससे पहले शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की 6 टीमों ने उनके 6 ठिकानों पर रेड की थी और देर रात उनके पर्सनल सेक्रेट्री संजीव पलांडे और पर्सनल असिस्टेंट कुंदन शिंदे गिरफ्तार कर लिया था। दोनों को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत गिरफ्तार किया गया है। अनिल देशमुख के एक बेहद करीबी सागर नाम के शख्स के नागपुर स्थित ठिकाने पर भी रेड हुई है। सागर अनिल देखमुख की तीन दर्जन से ज्यादा कंपनी में डायरेक्टर भी रहा है। सागर नाम के इस शख्स का कोलकाता में भी करोड़ों का बिजनेस बताया जा रहा है।

संजय राउत ने कहा-हम भी देखेंगे इन्हें
अनिल देशमुख के घर पर हुई रेड पर संजय राउत ने कहा, 'कल उनके कार्यालय और घर पर रेड हुई। जो लोग सरकार नहीं बना सके, यह उनकी निराशा का परिणाम है। वे अपनी विफलता से निराश चल रहे हैं। महाविकास अघाड़ी के नेताओं और मंत्रियों को तंग करने का काम जारी है। सभी को लपेटने का काम चल रहा है। हम भी देखेंगे इन्हें।"

ED ने 24 घंटे पहले देशमुख के घर पर छापेमारी की थी
ED ने शुक्रवार सुबह 7 बजे अनिल देशमुख के नागपुर स्थित आवास पर छापेमारी शुरू की थी। यह करीब 9 से 10 घंटे तक चली। पता चला है कि देशमुख के परिवार के सदस्यों से भी नागपुर स्थित उनके आवास पर पूछताछ की गई थी। शाम को ED के अधिकारी कुछ दस्तावेज लेकर घर से बाहर निकले। ED ने देशमुख के दोनों निजी सहयोगियों से भी मुंबई में कई घंटे की पूछताछ की। आधी रात के बाद दोनों को ED ने गिरफ्तार कर लिया।

यह मामला देशमुख पर लगे वसूली के आरोपों से जुड़ा है। मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने करीब ढाई महीने पहले राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखे एक पत्र में आरोप लगाया था कि अनिल देशमुख ने ही मुंबई पुलिस के निलंबित अधिकारी सचिन वझे को हर महीने 100 करोड़ रुपये की वसूली का टारगेट दिया था।

इस केस में ED की टीम ने करीब 10 से 12 बार मालिकों के भी बयान दर्ज किए हैं। इसके बाद तलोजा जेल जाकर बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वझे का भी बयान दर्ज किया है।

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