पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

महाराष्ट्र में लॉकडाउन पर सर्वे:84% लोग चाहते हैं कि लॉकडाउन 31 मई तक बढ़े, 71% ने कहा- होम डिलीवरी की सुविधा मिले

मुंबईएक महीने पहलेलेखक: विनोद यादव

महाराष्ट्र में जारी लॉकडाउन को लेकर 84% लोगों का मानना है कि कोरोना की दूसरी लहर को कंट्रोल करने के लिए राज्य सरकार को लॉकडाउन जैसी पाबंदियां 31 मई तक बढ़ा देनी चाहिए। महाराष्ट्र में फिलहाल 15 मई तक एक जिले से दूसरे जिले में जाने के लिए ई-पास लेना जरूरी किए जाने समेत कई पाबंंदियां लगी हुई हैं। लगाई गई है।

कम्युनिटी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लोकल सर्कल NGO ने महाराष्ट्र के 30 जिलों के 18 हजार से ज्यादा लोगों से ऑनलाइन संपर्क कर एक सर्वे रिपोर्ट तैयार की है। 5 मई से 9 मई तक किए गए सर्वे में 66% पुरुषों और 34% महिलाओं ने हिस्सा लिया। लोकल सर्कल के सचिन तपारिया ने बताया कि सर्वे के दो मुख्य पॉइंट्स थे। इनमें लॉकडाउन की अवधि और इस दौरान होम डिलीवरी मॉडल अपनाए जाने को लेकर सवाल किए गए थे।

कोरोना की रोकथाम के सबसे अच्छे तरीके क्या हो सकते है, क्या आर्थिक गतिविधियां दोबारा शुरू होनी चाहिए?

  • 84% लोगों ने लॉकडाउन जैसी पाबंदियां 31 मई तक बढ़ाने की बात कही। इनमें से 43% ने ये भी कहा कि सभी दुकानों और व्यवसायिक संस्थानों को सिर्फ होम डिलीवरी के लिए खोलने की परमिशन दी जानी चाहिए।
  • 14% लोगों की राय है कि 15 मई को ही लॉकडाउन जैसी पाबंदियों को खत्म कर सभी स्टोर्स और बिजनेस संस्थानों को पहले की तरह खोल दिया जाना चाहिए। जबकि 2% ऐसे भी लोग थे, जिन्होंने कोई राय नहीं दी।

लॉकडाउन और कर्फ्यू के दौरान होम डिलीवरी के मॉडल को अपनाना चाहिए?

  • 71% लोगों ने कहा कि लॉकडाउन और कर्फ्यू के दौरान होम डिलीवरी मॉडल को अपनाया जाना चाहिए।
  • 29% लोगों ने कहा कि इसे अपनाने में कोरोना को पूरी तरह रोक पाना संभव नहीं होगा। हो सकता है कि कहीं चूक हो जाए।

लॉकडाउन जैसी पाबंदी और कर्फ्यू के दौरान किस तरह की सेवाओं को जारी रखा जाना चाहिए?

  • 40% लोगों ने कहा कि दवाओं और किराना समानों की होम डिलीवरी होनी चाहिए।
  • 31% लोगों ने कहा कि सभी तरह के सामानों की होम डिलीवरी होनी चाहिए।
  • 28% लोगों ने कहा कि खुदरा दुकानों को फिजिकल खरीदारी के लिए अलग-अलग शिफ्ट में खोलने की परमिशन दी जानी चाहिए।

लॉकडाउन के बीच सबसे ज्यादा जरूरत किसकी?

  • 60% लोगों ने बताया कि लॉकडाउन में स्कूल बुक, स्टेशनरी और ऑनलाइन क्लासेज के इक्विपमेंट की मांग सबसे ज्यादा है।
  • 43% ने बच्चों के कपड़े, जूते, रेनकोट जैसे सामानों की जरूरत बताई।
  • 35% ने कहा कि बच्चों को घरों में व्यस्त रखने के लिए खिलौनों सहित दूसरी चीजों की जरूरत है।
  • 60% ने कहा कि वर्क फ्रॉम होम के लिए उन्हें अगले तीन महीनों के दौरान लैपटॉप, मोबाइल और इससे संबंधित चीजों की सबसे ज्यादा जरूरत होगी।
  • 26% ने एयर कंडीशनर, कूलर, पंखे जैसी चीजों को जरूरी बताया।
  • 19% ने घरेलू उपकरणों, बिस्तर और साजो-सामान की जरूरत बताई।
खबरें और भी हैं...