मुंबई में 60 मंजिला बिल्डिंग में भीषण आग:बचने के लिए एक व्यक्ति 10 मिनट तक ग्रिल से लटका रहा, 19वें फ्लोर से गिरकर मौत

मुंबईएक महीने पहले

साउथ मुंबई के करी रोड इलाके में शुक्रवार को एक 60 मंजिला बिल्डिंग में भीषण आग लग गई। इस घटना का एक दिल दहला देने वाला वीडियो सामने आया है। इसमें दिख रहा है कि एक व्यक्ति आग से बचने के लिए 19वें फ्लोर की ग्रिल से 10 मिनट तक लटका रहा। इसी दौरान उसका हाथ छूट गया और नीचे गिरने से उसकी मौत हो गई। वह इमारत का सिक्योरिटी इंचार्ज था।

फायर ब्रिगेड डिपार्टमेंट के मुताबिक करी रोड इलाके की अविघ्ना पार्क बिल्डिंग में आग सुबह 11 बजकर 51 मिनट पर लगी। सबसे पहले आग 19वें फ्लोर पर लगी। कुछ ही देर में यह 17वें और 20वें फ्लोर तक फैल गई। तकरीबन ढाई घंटे बाद आग पर काबू पा लिया गया और एक घंटे तक कूलिंग चली है।

पता चला है कि अविघ्ना पार्क बिल्डिंग की इस इमारत का फायर सिस्टम दो साल से बंद था, लेकिन सोसाइटी ने इस बारे में BMC को कोई जानकारी नहीं दी थी। इसके बाद अब BMC ने इस मामले की जांच का आदेश दे दिया है।

आग लगने के बाद फ्लैट में पहुंचा था सिक्यूरिटी गार्ड

इस दुर्घटना में अरुण तिवारी नाम के सिक्यूरिटी गार्ड की मौत हुई है। जांच में सामने आया है कि आग लगने के बाद वह फ्लैट में घुसा था और आग भड़कने के बाद उसमें फंस गया था। वह जाना बचाने के लिए बालकनी में पहुंचा और वहां से उतरने के चक्कर में ग्रिल से लटक गया। इस दौरान वह लगातार जान बचाने का प्रयास करता रहा और तकरीबन 10 मिनट बाद गिर पड़ा। ऊंचाई से गिरने के बाद उसे KEM हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मुंबई की मेयर किशोरी पेडनेकर ने कहा कि आग में फंसे सभी लोगों को सही सलामत बाहर निकाल लिया गया है। BMC कमिश्नर इकबाल सिंह चहल ने कहा कि आग पर काबू पा लिया गया है और कूलिंग का काम जारी है। हम इस मामले की जांच का आदेश दे चुके हैं।

आग लगातार बड़ी होकर 17वें से 20वें फ्लोर तक पहुंच गई।
आग लगातार बड़ी होकर 17वें से 20वें फ्लोर तक पहुंच गई।

आग लगने की सूचना मिलते ही आसपास के फायर ब्रिगेड स्टेशनों से दमकल की 15 गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं और रेस्क्यू शुरू कर दिया। मुंबई की मेयर किशोरी पेडनेकर भी मौके पर पहुंची हैं।

यह एक निर्माणाधीन इमारत बताई जा रही है, लेकिन इसके निचले हिस्सों में भी कुछ लोगों ने रहना शुरू कर दिया था।
यह एक निर्माणाधीन इमारत बताई जा रही है, लेकिन इसके निचले हिस्सों में भी कुछ लोगों ने रहना शुरू कर दिया था।