मुंबई की घटना:पालनाघर चलाने वाली महिला का पति बच्चियों का करता था यौन उत्पीड़न, दोनों को पुलिस ने किया अरेस्ट

मुंबई6 महीने पहले
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पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी ने और कितनी बच्चियों संग ऐसी हरकत की है-प्रतीकात्मक फोटो। - Dainik Bhaskar
पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी ने और कितनी बच्चियों संग ऐसी हरकत की है-प्रतीकात्मक फोटो।

सात साल की बच्ची के यौन उत्पीड़न के मामले में मुंबई से सटे नालासोपारा इलाके में पुलिस ने पालनाघर (Cradle house) चलाने वाली एक महिला और उसके पति को गिरफ्तार किया है। बच्ची की मां इमरजेंसी सेवा में काम करती है। इसलिए उसे नियमित तौर पर काम पर जाना पड़ता था। वह अपनी बेटी को घर के पास ही स्थित पालनाघर में छोड़कर जाती थी। इसे संचालित करने वाली महिला का पति बच्ची का पिछले डेढ़ महीने से यौन उत्पीड़न कर रहा था। लेकिन आरोपी की धमकी से डरी बच्ची ने इसका खुलासा नहीं किया।

ऐसे हुई आरोपियों की गिरफ्तारी
आरोपी की हरकतों से परेशान बच्ची ने आखिरकार इसकी जानकारी अपनी मां को दी। इसके बाद महिला ने नालासोपारा पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर पॉक्सो और IPC की धाराओं के तहत बलात्कार के आरोप में FIR दर्ज कर महिला और उसके पति दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों को कोर्ट में पेशी के बाद 23 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस इस बात की छानबीन कर रही है कि पालनाघर में कितनी और बच्चियां आतीं थीं और क्या आरोपी ने उनके साथ भी अश्लील हरकत की है।

नाबालिग से देह व्यापार कराने वाले दो गिरफ्तार
मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने एक नाबालिग से देह व्यापार कराने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में से एक महिला है। पुलिस ने फर्जी NGO की मदद से फर्जी ग्राहक भेजकर शिरीष कुमार शेडगे और पूनम उर्फ नीलम जाधव नाम के आरोपियों को महानगर का घाटकोपर इलाके में स्थित एक घर से दबोचा। पुलिस के मुताबिक पूनम ने लड़की को पैसे का लालच देकर देह व्यापार के लिए तैयार किया था जबकि शिरीष ग्राहक खोजता था।

शिरीष पेशे से इंटीरियर डिजाइनर है, लेकिन लॉकडाउन में उसने देह व्यापार का काम शुरू कर दिया था। आरोपियों के चंगुल से नाबालिग के अलावा दो बालिग लड़कियों को भी रिहा कराया गया है। अपराध शाखा ने आगे की कार्रवाई के लिए आरोपियों को घाटकोपर पुलिस के हवाले कर दिया।