क्या भाजपा के करीब आ रहे पवार:गृहमंत्री अमित शाह से अकेले में मिले शरद पवार, 16 दिन पहले प्रधानमंत्री मोदी से की थी मुलाकात

मुंबईएक वर्ष पहलेलेखक: विनोद यादव
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शरद पवार का पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करना और अब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलने के पीछे महाराष्ट्र में कई तरह के राजनीतिक अर्थ निकाले जा रहे हैं। - Dainik Bhaskar
शरद पवार का पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करना और अब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलने के पीछे महाराष्ट्र में कई तरह के राजनीतिक अर्थ निकाले जा रहे हैं।

“राजनीति में कोई किसी का स्थाई दोस्त व शत्रु नहीं होता।” महाराष्ट्र की सियासत में यदि किसी दिन यह बात चरितार्थ होकर सामने आये तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए। क्योंकि राज्य में कांग्रेस को साथ लाकर महाविकास आघाडी सरकार गठित कर शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री बनाने वाले राकांपा सुप्रीमो शरद पवार ने अब दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से करीब 15 मिनट लंबी मुलाकात की है।

पवार इससे पहले 17 जुलाई को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मिले थे। चूंकि अब उन्होंने शाह से मुलाकात की है। लिहाजा दिल्ली में महाराष्ट्र को लेकर कोई राजनीतिक खिचड़ी तो नहीं पक रही है? यह सवाल अब सूबे के सियासी गलियारे में पूछा जा रहा है। वैसे सिर्फ पवार ही नहीं भाजपा के करीब आते नजर आ रहे हैं, बल्कि सियासी बयार को अच्छी तरह से समझने वाले मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे भी नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस से राजनीतिक रिश्ते सुधारते नजर आ रहे हैं। यही वजह है कि कोल्हापुर में बाढ़ प्रभावित इलाके का दौरा करते वक्त उन्होंने बंद कमरे के बदले जनता के बीच फडणवीस से मुलाकात की।

तब राकांपा ने क्या कहा और कब क्या बयान दिया है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जब शरद पवार ने मुलाकात की थी तब राकांपा की ओर से बयान आया था कि दोनों वरिष्ठ नेताओं के बीच मुलाकात सहकारी बैंकिंग कानून की खामियों के मुद्दे पर हुई थी। अब शाह से उनकी मुलाकात के वक्त नेशनल फेडरेशन ऑफ को-ऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज लिमिटेड के प्रकाश नाईकनवरे और जयप्रकाश दांडेगावकर ये दो पदाधिकारी भी उपस्थित थे। इसके अलावा राकांपा सांसद सुनिल तटकरे भी मुलाकात के वक्त पवार के साथ थे। उन्होंने बताया कि महाडा में बाढ़ के वक्त राहत व बचाव कार्यों के लिए NDRF कैंप होना चाहिए। इस प्रकार की मांग केंद्रीय गृह मंत्री से की की है। इसके अलावा कुछ अन्य मांगों का निवेदन शाह को सौंपा गया है। कुल मिलाकार राकांपा की ओर से गृह मंत्री शाह से मुलाकात को राजनीतिक नहीं बल्कि मुद्दों की मुलाकात साबित करने की कोशिश की जा रही है।

दबे हुए हैं शरद पवार के सियासी हाथ

महाराष्ट्र में इस वक्त राकांपा सुप्रीमो शरद पवार के सियासी हाथ दबे हुए हैं। यही वजह है कि राकांपा की ओर से लाख कोशिश की जाए, दोनों नेताओं की मुलाकात को गैर-राजनीतिक साबित करने की परंतु अटकले हैं कि पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख पर जिस तरह से ED का शिकंजा कसता जा रहा है उससे कहीं न कहीं राकांपा में बेचैनी है। इसके अलावा खुद पवार के भतीजे और उप मुख्यमंत्री अजित पवार को जरंडेश्वर चीनी मिल में हुए भ्रष्टाचार के मामले को तूल देकर गिरफ्त में लेने की कोशिश शुरू है।

भाजपा छोड़ कर पवार की शरण में आए पूर्व राजस्व मंत्री एकनाथ खडसे के दामाद को तो ED ने गिरफ्तार भी कर लिया है। यही वजह है कि शरद पवार का पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करना और अब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलने के पीछे महाराष्ट्र में कई तरह के राजनीतिक अर्थ निकाले जा रहे हैं।

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