सिस्टम से परेशान हुए किसान:हिंगोली जिले के 50 किसानों ने CM को पत्र लिख नक्सली बनने देने की अनुमति मांगी

हिंगोली8 दिन पहले
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इन किसानों ने सेनगांव के तहसीलदार के माध्यम से अपना पत्र मुख्यमंत्री तक पहुंचाया है। - Dainik Bhaskar
इन किसानों ने सेनगांव के तहसीलदार के माध्यम से अपना पत्र मुख्यमंत्री तक पहुंचाया है।

महाराष्ट्र के हिंगोली जिले के सेनगांव तालुका के 50 किसानों ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर नक्सली बनने की अनुमति मांगी है। इन किसानों ने सेनगांव के तहसीलदार के माध्यम से अपना पत्र मुख्यमंत्री तक पहुंचाया है। अपनी अर्जी में किसानों ने लिखा है कि हमारी कमाई नहीं हो रही, फसल चौपट हो गई है, इसलिए हमें नक्सली बनने की अनुमति दे दी जाए।

किसानों ने अपनी अर्जी में यह लिखा
किसानों द्वारा भेजी गई इस अर्जी में यह लिखा है कि इस साल अत्यधिक बरसात और बाढ़ से खेती पूरी तरह से तबाह हो गई है। सोयाबीन. अरहर, कपास, उड़द, मूंग की फसलें सड़ गईं। खरीफ की फसलें तो कुदरत के कहर से खराब हो गईं, जबकि रबी की फसलें सरकार के बिजली विभाग द्वारा बिजली कट किए जाने से खराब हो जाएंगी।

किसानों ने आगे लिखा है, 'महाराष्ट्र में बिजली सप्लाई करने वाली संस्था महावितरण द्वारा किसानों के खेतों में सिंचाई के लिए इस्तेमाल में लाई जाने वाली बिजली काट दी जा रही है। किसानों का कहना है कि वे बिजली बिल भरने के लिए तैयार हैं, बस थोड़ी मोहलत मांग रहे हैं। लेकिन महावितरण के अधिकारी उनकी बातें सुनने को तैयार नहीं हैं। सरकार एक हाथ से बाढ़ प्रभावितों को मदद दे रही है तो दूसरे हाथ से बिजली बिल वसूली के नाम पर पैसे वापस ले रही है। ऐसे में किसान खाएगा क्या, खेतों में अगली फसल के लिए लगाएगा क्या? किसान तबाह हो रहे हैं।'

किसानों ने आगे लिखा है कि हम इससे पूरी तरह से हताश हो गए हैं। कमाई तो रही नहीं। किसान करें तो क्या करें। मुख्यमंत्री ही कोई उपाय बता दें या फिर नक्सली बनने के लिए इजाजत दे दें। किसानों की इस अर्जी पर सेनगाव तालुके के इस ताकतोडा गांव के 50 से अधिक किसानों ने हस्ताक्षर किए हैं।

कल CM के सामने जा सकता है यह मामला
बता दें कि CM उद्धव ठाकरे एक छोटी सी सर्जारी के बाद फिर से वापस फील्ड पर आ गए हैं। गुरुवार को कैबिनेट की बैठक होने वाली है, माना जा रहा है कि यह मामला भी CM के सामने जा सकता है।