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तीसरी लहर का डर:महाराष्ट्र में 10वीं के बाद 12वीं बोर्ड की परीक्षा भी रद्द, 16 लाख छात्र होंगे प्रभावित; पहले मई के अंत तक टाली गई थी परीक्षा

मुंबई4 महीने पहले
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महाराष्ट्र में इस बार 16 लाख छात्र 12वीं का एग्जाम देने वाले थे। - Dainik Bhaskar
महाराष्ट्र में इस बार 16 लाख छात्र 12वीं का एग्जाम देने वाले थे।

संक्रमण के आंकड़ों में राहत के बावजूद महाराष्ट्र सरकार ने आखिरकार 12वीं की परीक्षा को रद्द करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस संबंध में विस्तृत गाइडलाइन जल्द जारी हो सकती है। माना जा रहा है कि इमसें भी दसवीं की तरह ही इंटर्नल एग्जाम के रिजल्ट के आधार पर मार्किंग की जाएगी।

कैबिनेट बैठक में एग्जाम रद्द करने पर बनी थी सहमती
मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक के दौरान तीसरी लहर को देखते हुए लगभग सभी मंत्रियों ने 12वीं की परीक्षा को रद्द करने की मांग उठाई थी। राज्य में 16 लाख छात्र 12वीं का एग्जाम देने वाले थे। पहले यह परीक्षा मई के अंत तक के लिए टाली गई थी।

शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़ ने भी परीक्षा रद्द करने का संकेत बुधवार को दे दिया था। उन्होंने कहा था कि 12वीं की परीक्षा रद्द किए जान के निर्णय को राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) को भेजा जाएगा और इस संबंध में औपचारिक घोषणा अगले दो दिनों में की जाएगी।

शिक्षा मंत्री लगातार एग्जाम रद्द करने के पक्ष में थीं
इससे पहले राज्य की शिक्षा मंत्री ने परीक्षा रद्द करने का संकेत देते हुए कहा था, “कैबिनेट मीटिंग में, हमने बच्चों के वैक्सीनेशन, हेल्थ और सुरक्षा और उनके मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव का मुद्दा उठाया था। उस मीटिंग में CM ने यह भी कहा था कि 12वीं कक्षा की परीक्षा पर एक समान नीति होनी चाहिए।” उन्होंने आगे कहा कि हमने बुधवार को कैबिनेट को केंद्र और अन्य राज्यों के परीक्षा रद्द करने के फैसले के बारे में जानकारी दी। गायकवाड़ ने आगे कहा कि हमारे लिए, बच्चों का स्वास्थ्य और सुरक्षा महत्वपूर्ण है।

10वीं की परीक्षा पहले ही की जा चुकी है रद्द
महाराष्ट्र सरकार ने 10वीं की परीक्षा को पहले ही रद्द कर दी थी। दसवीं के छात्रों को नौवीं के नंबरों और इंटर्नल एग्जाम के मार्क्स के आधार पर दसवीं में नंबर दिए जायेंगे।

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