पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

भाजपा में शामिल हुए कृपाशंकर:22 महीने के लंबे इंतजार के बाद मिली भाजपा में एंट्री, राहुल गांधी से नाराज हो छोड़ी थी कांग्रेस

मुंबईएक महीने पहलेलेखक: विनोद यादव
  • कॉपी लिंक
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल और पूर्व CM देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में कृपाशंकर सिंह भाजपा में शामिल हुए। - Dainik Bhaskar
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल और पूर्व CM देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में कृपाशंकर सिंह भाजपा में शामिल हुए।

महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री एवं कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे कृपाशंकर सिंह आखिरकार 22 महीने के लंबे इंतजार के बाद बुधवार दोपहर भाजपा में शामिल हो गए। दोपहर 12.30 बजे कृपाशंकर सिंह पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल की उपस्थिति में औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल हुए। सिंह के साथ नासिक जिले के निफाड विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक स्व. रावसाहेब कदम के बेटे यतीन कदम भी भाजपा में शामिल हुए हैं।
राहुल गांधी से नाराज हो छोड़ी थी पार्टी
कृपाशंकर सिंह की गिनती कांग्रेस के कद्दावर नेताओं में होती थी। गांधी परिवार (सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी) के वे काफी करीब रहे हैं। यही वजह है कि कृपाशंकर जब मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष थे, तब मुंबई कांग्रेस के कार्यालय का उद्घाटन करने तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी खुद आईं थीं। मगर कांग्रेस की कमान राहुल गांधी के हाथ आते ही मुंबई में राजनीतिक समीकरण बदलने लगे। राहुल ने कृपाशंकर सिंह के बदले मूलत: बिहार से आने वाले हिंदी भाषी नेता संजय निरुपम को संगठन में बढ़ाना शुरू किया, तो बात बिगड़ती चली गई।

कृपाशंकर कांग्रेस पार्टी से उसी वक्त से अंदरखाने से नाराज होने लगे थे, तब कांग्रेस के एक पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री ने उनके खिलाफ साजिश रचकर आय से अधिक संपत्ति के मामले में उन्हें फंसाना शुरू किया और गांधी परिवार सब कुछ जानते हुए खामोश रहा। इस अंदरूनी नाराजगी के बीच पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री गुरुदास कामद के निधन से खाली हुई उत्तर पश्चिम लोकसभा सीट से कृपाशंकर सिंह ने 2019 में लोकसभा चुनाव लड़ने की इच्छा पार्टी के सामने जाहिर की। परंतु राहुल गांधी ने तब कृपाशंकर सिंह के बदले संजय निरुपम को इस सीट से उम्मीदवार बनाया, जबकि निरुपम उत्तर मुंबई से सांसद रह चुके थे। इसलिए मुंबई कांग्रेस के कई बड़े नेताओं का मानना था कि निरुपम को राहुल गांधी उत्तर मुंबई से ही उम्मीदवार बनाएं। इस तरह लोकसभा की उम्मीदवारी न मिलने पर कृपाशंकर सिंह ने कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में आर्टिकल 370 का मुद्दा उठाया और जब पार्टी ने इस पर अपनी कोई स्पष्ट राय नहीं रखी, तो उन्होंने अपना इस्तीफा दे दिया।

क्या होगा भाजपा को सियासी लाभ ?
कृपाशंकर सिंह के रूप में उत्तर भारतीयों में जनाधार रखने वाला एक बड़ा नेता फरवरी 2022 में होने वाले मुंबई मनपा सहित अन्य स्थानीय निकाय चुनावों से पहले भाजपा को मिल गया है। चूंकि कोरोना महामारी के बीच कुछ महीने के अनलॉक के दौरान परिश्रम- द वाइस ऑफ हार्ड वर्कर्स अभियान चलाकर वे मुंबई, नवी मुंबई, मीरा-भाईंदर, वसई-विरार, पालघर सहित अन्य शहरों में भारी जनसंपर्क कर चुके हैं। लिहाजा कृपाशंकर सिंह के भाजपा में शामिल होने से पहले से ही भाजपा की ओर झुके उत्तर भारतीय वोटर अब कांग्रेस की ओर नहीं जाएंगे। दूसरी ओर मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष पद की कमान भाई जगताप के रूप में मराठी भाषी व्यक्ति के हाथ होने की वजह से पूर्व कैबिनेट मंत्री नसीम खान, पूर्व सांसद संजय निरुपम सहित कोई भी बड़ा कांग्रेसी नेता संगठन को मजबूत करने में रूचि नहीं ले रहा है। लिहाजा मुंबई में अब कांग्रेस के उत्तर भारतीय वोट बैंक में कृपाशंकर सिंह भारी सेंधमारी कर सकते हैं।