रिसर्च रिपोर्ट में डराने वाला दावा:कोयला आधारित बिजली संयंत्रों से अगले 10 साल के दौरान मुंबई में होंगी 6200 असामयिक मौतें, देश में अकाल मौत 60 फीसदी बढ़ने की संभावना

मुंबई2 महीने पहलेलेखक: विनोद यादव
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C 40 सिटीज, मैरीलैंड यूनिवर्सिटी और सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) द्वारा संयुक्त रूप से यह रिसर्च रिपोर्ट तैयार की गई है।-फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
C 40 सिटीज, मैरीलैंड यूनिवर्सिटी और सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) द्वारा संयुक्त रूप से यह रिसर्च रिपोर्ट तैयार की गई है।-फाइल फोटो

देश में कोयला आधारित बिजली संयंत्रो की आगामी विस्तार की योजनाओं से मुंबई में एक दशक में 6,200 असमय मौत होगी। यह दावा किया गया है 'C 40 सिटीज' नामक NGO की रिसर्च रिपोर्ट में। एनजीओ की रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार, 10 साल में 3,200 शिशुओं का समय से पूर्व जन्म होगा, अस्थमा रोगियों का अस्पतालों में आपातकालीन दौरा बढ़ेगा और बड़ी संख्या में लोग विकलांगता के शिकार होंगे।

C 40 सिटीज, मैरीलैंड यूनिवर्सिटी और सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) द्वारा संयुक्त रूप से यह रिसर्च रिपोर्ट तैयार की गई है। मुंबई से संबंधित यह सनसनीखेज रिसर्च ऐसे समय में सामने आई है, जब मुंबई का क्लाइमेट एक्शन प्लान तैयार हो रहा है।

मुंबई में बढ़ेगी 35 प्रतिशत अकाल मौतें
रिपोर्ट में कहा गया है कि मुंबई से करीब 500 किमी की दूरी पर भारत में कोयले से बनाई जाने वाली कुल बिजली का 9 फीसदी उत्पादन होता है। रिसर्च रिपोर्ट जारी करने वाली एनजीओ में नॉलेज और रिसर्च प्रमुख डॉ. राहेल हक्सले का कहना है कि देश में कोयले से बिजली उत्पादन की क्षमता को 28 फीसदी तक बढ़ाने की प्रस्तावित योजना से अकेले मुंबई में सालाना अकाल मौतों की संख्या में 35 फीसदी तक का इजाफा होने की संभावना है।

बीमार होकर लोगों को लंबे समय तक घर पर बैठना पड़ेगा
उन्होंने बताया कि मुंबई में घरेलु बिजली की डिमांड बहुत ज्यादा है। उसकी जरूरत की 95 फीसदी बिजली का उत्पादन कोयले से होता है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यदि कोयला प्लांटों की संख्या बढ़ती है, तो वर्ष 2030 तक मुंबई के लोगों को विभिन्न बिमारी के चलते हजारों दिनों की छुट्टी लेने पड़ सकती है।

देश में अकाल मौत 60 फीसदी बढ़ने की संभावना
देश में कोयला आधारित बिजली संयंत्रों से होने वाले वायु प्रदूषण से 2019 में कितने अकाल मौत हुई इसकी जानकारी भी इस रिसर्च रिपोर्ट में दी गई है। मौजूदा कोयला संयंत्रों की वजह से कोलकाता में सबसे अधिक 2.200 अकाल मौत हुई। इसी प्रकर मुंबई में 460, चेन्नई में 340, दिल्ली एनसीटी में 330 और बेंगलुरू में 230 अकाल मौत हुई है। वर्ष 2030 में देश के इन पांच प्रमुख शहरों में मौजूदा कोयला संयंत्रों की वजह से क्रमशः 1060, 160, 500, 250 और 200 अकाल मौत होने की संभावना सी40 सिटीज के रिसर्च रिपोर्ट में जताई गई है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मौजूदा कोयला आधारित बिजली संयंत्रों की वजह से मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई और बेंगलुरु में करीब 60 फीसदी अधिक अकाल मौत होगी।

क्लीन एनर्जी और मुंबई के करीब के कोयला संयंत्रों को बंद करने से क्या होगा
रिसर्ज रिपोर्ट के अनुसार यदि क्लीन एनर्जी को बढ़ावा दिया जाता है और चरणबद्ध ढंग से मुंबई से करीब 500 किमी की दूरी पर स्थित कोयला संयंत्रों को बंद किया जाता है, तो लोगों की घरेलु बचत बढ़ेगी। इसके अलावा भारत का कुल वार्षिक ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन 11 प्रतिशत तक हर साल घटेगा। यह हर साल 6 करोड़ वाहनों को सड़क से हटाने के बराबर होगा। रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई के पास करीब 36 गीगा वॉट क्षमता वाले 20 कोयला संयंत्र हैं। इसमें से आने वाले दो वर्षों में सबसे पुराने, अत्याधिक प्रदूषण फैलाने वाले और सबसे कम किफायती प्लांट को बंद करने की जरूरत है।

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