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कोरोना काल में आविष्कार:मुंबई में बना देश का पहला बैट्री ऑपरेटेड मास्क, 6 से 8 महीने है एक मास्क की लाइफ; इसके संपर्क में आते ही वायरस हो जाता है डेड

मुंबई3 महीने पहले
नरसी मोनजी स्कूल ऑफ साइंस के डीन डॉ नितिन देसाई और उनकी टीम ने इसे 8 महीने की कड़ी मेहनत के बाद तैयार किया है।

महाराष्ट्र समेत पूरा देश कोरोनावायरस महामारी की तीसरी लहर के मुहाने पर खड़ा है। सरकार ने वैक्सीन और मास्क को ही इससे बचाव का सबसे कारगर हथियार कहा है। बाजार में मास्क की भारी डिमांड है और हर दिन नए-नए तरीके के मास्क का अविष्कार हो रहा है। इसी कड़ी में मुंबई के के विलेपार्ले स्थित नरसी मोनजी स्कूल ऑफ साइंस ने 'TP100' नाम का मास्क तैयार किया है। इसकी खास बात यह है कि यह एक बैटरी ऑपरेटेड मास्क है। दावा किया जा रहा है कि बाहर से इसके संपर्क में आने वाला वायरस बाहर ही मर जाएगा। इस मास्क में कॉपर फिल्टर का इस्तेमाल किया गया है।

स्कूल की ओर से दावा किया गया है कि यह देश का पहला बैटरी ऑपरेटेड मास्क है। सिर्फ कोरोना ही नहीं, कोई भी वायरस इस मास्क की सतह पर आते ही मर जाएगा। यह मास्क इसी सप्ताह बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध होगा।

कड़ी मशक्कत के बाद 8 महीने में तैयार हुआ मास्क
स्कूल के डीन डॉ नितिन देसाई ने बताया कि इस अनूठे मास्क को तैयार करने में कुल 8 महीने की कड़ी मशक्कत लगी है। देसाई के मुताबिक, मास्क ने सरकार की सभी गाइडलाइन को पास कर लिया है और जल्द ही यह बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध होगा। इंस्टीट्यूट इसका कमर्शियल उत्पादन 'मिल्टन फार्मा कंपनी' के साथ मिलकर कर रही है। खास यह है कि यह मास्क बाजार में 40 अलग-अलग डिजाइन में उपलब्ध होंगे। इसकी कीमत 800 रुपये से 1,000 रुपये के बीच होगी।

इस मास्क में चार लेयर में कॉटन और एक लेयर में मेटल लगा है।
इस मास्क में चार लेयर में कॉटन और एक लेयर में मेटल लगा है।

इसमें एक मेटल की जाली और चार लेयर में कॉटन लगा है
स्कूल के डीन के मुताबिक, 'वर्तमान में लोग साधारण कपड़े या एन-95 मास्क का इस्तेमाल कर रहे हैं, उनमें एयर क्वालिटी फिल्टर होते हैं। यह एयरजेल और बड़े धूल कणों से बचाते हैं, वे अधिकांश मानव रोगजनकों(human pathogens) से रक्षा नहीं करते। इसके विपरीत, इस नए तरह के मास्क में मैटल की जाली के साथ चार-परत में कॉटन लगा है, जो एक इलेक्ट्रिक फिल्टर के रूप में काम करता है। सांस लेने और छोड़ने के दौरान, मास्क के संपर्क में आने वाले बैक्टीरिया तुरंत मर जाते हैं, जिससे इसका इस्तेमाल करने वाले को पूर्ण सुरक्षा मिलती है।

इसकी कीमत 800 रुपये से 1,000 रुपये के बीच होगी।
इसकी कीमत 800 रुपये से 1,000 रुपये के बीच होगी।

6 महीने तक चलती है इस मास्क की बैट्री
देसाई के मुताबिक, यह मास्क दोबारा उपयोग किए जाने लायक और पर्यावरण के अनुकूल है। यदि उचित देखभाल के साथ उपयोग किया जाता है और इसे बदला जा सकता है, तो बैटरी छह महीने से अधिक समय तक चलती है। देसाई ने कहा, लैब में इसे लगातार 72 घंटे तक इस्तेमाल किया गया। यह मास्क बैक्टीरिया और फंगस के विकास को 99.9 प्रतिशत तक रोक देता है। इस मास्क की सबसे खास बात यह है कि इसके बाहरी हिस्से को धोया भी जा सकता है।

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