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ताऊ ते में फंसे 37 लोगों की मौत की पुष्टि:नौसेना ने कहा- बार्ज P-305 से 188 लोगों को रेस्क्यू करके मुंबई तट पर लौटा INS कोच्चि, 38 की तलाश जारी

मुंबई8 महीने पहले
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चक्रवाती तूफान ताऊ ते अब कमजोर पड़ गया है, पर सोमवार को जब ये महाराष्ट्र से गुजरा तो इसने तबाही मचा दी। इसके चलते समुद्र में 4 जहाज फंस गए। इनमें से एक जहाज बार्ज P- 305 अब डूब गया है। ONGC के मुताबिक, इस पर 263 लोग सवार थे। 37 के शव बरामद किए गए हैं और 38 अभी लापता हैं। हालांकि, नेवी की ओर से यह आंकड़ा पहले 273 बताया गया था।

नौसेना ने बताया कि INS कोच्चि 188 लोगों को रेस्क्यू कर लौट आया है। वहीं INS कोलकाता के देर रात तक लौटने की संभावना है।

बार्ज P-305 के अलावा गाल कंस्ट्रक्टर पर 137 लोग फंसे थे, इन सभी को रेस्क्यू कर लिया गया है। बार्ज SS-3 पर 202 और सागर भूषण पर 101 लोग फंसे हैं। नेवी के मुताबिक, ये सभी लोग सुरक्षित हैं और इन्हें खाना-पानी जैसी चीजें मुहैया कराई गई हैं। इन जहाजों को ONGC की मदद से खींच कर वापस लाने की कोशिश जारी है।

समुद्र में फंसे 4 जहाज, उनमें सवार लोगों की स्थिति

जहाजइतने लोग सवार थेइतने रेस्क्यू किए गए
बार्ज P305273188
GAL कंस्ट्रक्टर137137
बार्ज SS-3202सभी सुरक्षित हैं
सागर भूषण101101

मुंबई से 175 किमी दूर हीरा फील्ड्स में बार्ज P305 पर रेस्क्यू सोमवार शाम 5 बजे से जारी है। इस पर सबसे ज्यादा 273 लोग सवार थे। इस जहाज के चालक दल और अन्य लोगों को निकालने में INS कोलकाता और INS कोच्चि जुटे हुए हैं।

कोलावा पॉइंट से 48 नॉटिकल मील उत्तर की ओर फंसा था जहाज GAL कंस्ट्रक्टर।
कोलावा पॉइंट से 48 नॉटिकल मील उत्तर की ओर फंसा था जहाज GAL कंस्ट्रक्टर।

जहाज बार्ज GAL कंस्ट्रक्टर पर 137 लोग सवार थे। इन सभी लोगों को मंगलवार देर शाम तक रेस्क्यू कर लिया गया था। जहाज को भी सुरक्षित निकाल लिया गया है। डिफेंस प्रवक्ता ने बताया कि GAL कंस्ट्रक्टर, कोलावा पॉइंट से 48 नॉटिकल मील उत्तर की ओर फंसा था। यहां बचाव के लिए इमरजेंसी नौका वाटर लिली भेजी गई थी। इसके अलावा बाकी दोनों जहाजों यानी बार्ज SS-3 और सागर भूषण पर सवार सभी लोग सुरक्षित हैं। SS-3 पर सवार 202 लोगों को अभी भी शिप पर ही रखा गया है। वहीं सागर भूषण के सभी 101 लोगों को रेस्क्यू कर लिया गया है।

रेस्क्यू ऑपरेशन में 10 जहाजों ने हिस्सा लिया
सोमवार दोपहर से शुरू हुए रेस्क्यू ऑपरेशन में नौसेना और तटरक्षक बल के 10 जहाजों ने हिस्सा लिया। INS शिकारा के कैप्टन डीएस पुरोहित ने कहा कि मंगलवार को मौसम साफ होते ही दो विमान और चार हेलिकॉप्टर भी तलाशी अभियान में शामिल हो गए। एक आपातकालीन पोत को भी रेस्क्यू में लगाया गया था।

चार दशक का सबसे मुश्किल रेस्क्यू ऑपरेशन
पश्चिमी नौसेना कमान के वॉइस एडमिरल एमएस पवार ने कहा, 'पिछले 4 दशकों में हमने जितने भी राहत और बचाव कार्य देखे हैं, उनमें यह सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण है। मुंबई से 60 किमी की दूरी पर बार्ज P305 डूब गया। उसमें सवार लोगों को रेस्क्यू करने में 4 INS शामिल रहे।

नेवी हेलिकॉप्टर्स के जरिए बार्ज P-305 से लोगों को रेस्क्यू किया गया।
नेवी हेलिकॉप्टर्स के जरिए बार्ज P-305 से लोगों को रेस्क्यू किया गया।

मुंबई में 3 नौकाओं पर सवार 29 को बचाया गया
चक्रवाती तूफान के चलते समुद्र में फंसी तीन नौकाओं पर सवार 29 लोगों को मंगलवार को आवो जेटी के पास रेस्क्यू कर लिया गया। इस रेस्क्यू में मुंबई पुलिस, CISF और मझगाव डॉक शिपबिल्डर्स जुटे थे। वहीं मुंबई तट के पास भटके दो तेल टैंकर जहाजों को भी सुरक्षित किनारे लगा दिया गया है।​​

तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति गठित
चक्रवात तूफान ताऊ ते के बाद ओएनजीसी के कई जहाजों के फंसे होने के घटनाक्रम की जांच के लिए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने तीन सदस्सीय उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया है। इस समिति को एक महीने के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।

इसमें नौवहन महानिदेशक अमिताभ कुमार, हाइड्रोकार्बन महानिदेशक एस.सी.एल. दास और रक्षा मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी नाजली जाफरी शायिन शामिल हैं। यह समिति जरूरत पड़ने पर अपने साथ अन्य सदस्य को भी शामिल कर सकते हैं और आवश्यकता अनुसार किसी अन्य व्यक्ति की मदद भी ले सकती है।

दरअसल अरब सागर में चक्रवात तूफान ताऊ ते के आने की चेतावनी मौसम विभाग ने कई दिनों पहले ही जारी कर दी थी। इसके बावजूद ओएनजीसी के कई जहाज जिनमें 600 से अधिक लोग सवार थे। वे चक्रवाती तूफान में फंस गए। जिसकी वजह से कई क्रू मेंबर्स को अपनी जान गंवानी पड़ी है।

मौसम विभाग की चेतावनी के बावजूद ओएनजीसी के जहाजों के तूफान में फंसने की घटना पर न सिर्फ आश्चर्य व्यक्त किया जा रहा था बल्कि कई तरह की चर्चाएं हो रही थीं। लिहाजा पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने पूरे मामले की जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है।

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