पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Maharashtra
  • Dilip Kumar Untoled Story From Pune: He Worked In A British Canteen For Only 36 Rupees, The British Liked Their Hand Sandwiches; Arrested For Raising Slogans Of Freedom

दिलीप कुमार की पुणे से जुड़ी यादें:यहां एक ब्रिटिश कैंटीन में सिर्फ 36 रुपए में किया काम, अंग्रेजों को पसंद थी इनके हाथ की सैंडविच; आजादी का नारा लगाने पर हुए थे गिरफ्तार

पुणे25 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
अंग्रेजी जानने के चलते उन्हें पुणे के ब्रिटिश आर्मी के कैंटीन में असिस्टेंट की नौकरी मिल गई। दिलीप कुमार को कैंटीन में 36 रुपए मेहनताना मिलता था। - Dainik Bhaskar
अंग्रेजी जानने के चलते उन्हें पुणे के ब्रिटिश आर्मी के कैंटीन में असिस्टेंट की नौकरी मिल गई। दिलीप कुमार को कैंटीन में 36 रुपए मेहनताना मिलता था।

ट्रैजेडी किंग अभिनेता दिलीप कुमार अब हमारे बीच नहीं रहे हैं, लेकिन एक अभिनेता से लेजेंड बनने का उनका सफर आसान नहीं रहा है। 65 से ज्यादा फिल्मों में काम करने वाले दिलीप कुमार का जन्म 11 दिसंबर 1922 को पेशावर में हुआ था। माता-पिता ने उनका नाम मोहम्मद यूसुफ खान रखा, लेकिन मुंबई आने के बाद फिल्मों में दिलीप कुमार के नाम से पहचान मिली। उनके नाम बदलने की कहानी भी बेहद दिलचस्प है।

दिलीप कुमार कुल 12 भाई-बहन थे। उनका बचपन काफी तंगहाली से गुजरा था। दिलीप कुमार के पिता अपने परिवार सहित पेशावर से मुंबई आ गए थे। मुंबई आने के बाद परिवार को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। परिवार में अनबन होने के कारण दिलीप कुमार पुणे चले आए। अंग्रेजी जानने के चलते उन्हें पुणे की ब्रिटिश आर्मी कैंटीन में असिस्टेंट की नौकरी मिल गई। दिलीप कुमार को कैंटीन में 36 रुपए मेहनताना मिलता था।

वहीं, उन्होंने अपना सैंडविच काउंटर खोला जो अंग्रेज सैनिकों के बीच काफी लोकप्रिय हो गया था, लेकिन इसी कैंटीन में एक दिन एक आयोजन में भारत की आजादी की लड़ाई का समर्थन करने के चलते उन्हें गिरफ्तार होना पड़ा और उनका काम बंद हो गया। हालांकि, कुछ ही दिनों में उन्हें रिहा कर दिया गया और वे वापस मुंबई आ गए थे। मुंबई आने के बाद पिता के काम में हाथ बटाने लगे और उन्होंने तकिए बेचने का काम भी शुरू किया जो कामयाब नहीं हुआ।

पिता के डर से बदला था नाम
काम के सिलसिले में दिलीप कुमार को उनके दोस्त बॉम्बे टॉकिज की मालकिन देविका रानी से मिलने के लिए लेकर पहुंचे। इस दौरान जब देविका रानी दिलीप कुमार की खूबसूरत और उनकी चाल-ढाल देखकर हैरान रह गईं। जिसके बाद उन्होंने दिलीप को फिल्मों का ऑफर दिया। हालांकि, दिलीप कुमार के पिता को फिल्मों में काम करना बिल्कुल भी पसंद नहीं था। इसलिए उन्होंने पिता के डर से ही उन्होंने अपना नाम मोहम्मद यूसुफ खान से बदलकर दिलीप कुमार रख लिया।

नाम बदलने की सलाह देविका रानी ने ही दी थी। देविका रानी ने नाम की लिस्ट एक्टर को दी। जिसमें एक्टर को ‘वासुदेव’ और ‘दिलीप कुमार’ नाम पसंद आए। बाद में उन्होंने तय किया कि वे दिलीप कुमार नाम रखेंगे। पढ़िए पूरी खबर...

शूटिंग के दौरान खाली समय में क्रिकेट खेलते थे दिलीप साहब
दिलीप साहब को शूटिंग के दौरान जब भी वक्त मिलता था, वो क्रिकेट खेलना पसंद करते थे। सोशल मीडिया के जरिए अपनी पुरानी यादों का ताजा करना भी उनका आदतों में से एक था। देखिए दिलीप साहब की जिंदगी के सफर की चुनिंदा तस्वीरें...

पिता बनने का सपना अधूरा रह गया
सायरा बानो और दिलीप कुमार की लव स्टोरी शादी के अंजाम तक तो पहुंच गई, लेकिन इनके माता-पिता बनने का सपना अधूरा रह गया। ऐसा क्यों हुआ इसका खुलासा दिलीप साहब ने अपनी ऑटोबायोग्राफी 'द सबस्टांस एंड द शैडो' में किया था। ​​​​​​इसमें बताया गया है कि दिलीप-सायरा ताउम्र माता-पिता क्यों नहीं बन सके। पढ़िए पूरी खबर...

खबरें और भी हैं...