14500 करोड़ के घोटालेबाजों से संबंध के आरोप:ED ने अभिनेता डिनो मोरिया, संजय खान और डीजे अकील की करोड़ों की प्रॉपर्टी सीज की

मुंबई7 महीने पहले
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अहमद पटेल के दामाद इरफान सिद्दीकी को संदेसरा बंधु रिश्वत में मोटी रकम देते हैं। इरफान के बाद अब डिनो पर यह कार्रवाई हुई है। - Dainik Bhaskar
अहमद पटेल के दामाद इरफान सिद्दीकी को संदेसरा बंधु रिश्वत में मोटी रकम देते हैं। इरफान के बाद अब डिनो पर यह कार्रवाई हुई है।

महाराष्ट्र में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में अभिनेता डिनो मोरिया, संजय खान और डीजे अकील की करोड़ों की प्रॉपर्टी अटैच की है। डिनो, दिवंगत कांग्रेस नेता अहमद पटेल के दामाद भी हैं। अहमद पटेल की भूमिका महाविकास अघाड़ी सरकार के निर्माण के दौरान सक्रिय रूप से देखने को मिली थी। पिछले साल उनका निधन हो गया था।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई स्टर्लिंग बायोटेक बैंक धोखाधड़ी और मनी लांड्रिग मामले में हुई है। ED को इन तीनों का कनेक्शन 14 हजार 500 करोड़ रुपए के बैंक लोन घोटाले के आरोपी और गुजरात के बिजनेसमैन संदेसरा बंधुओ के साथ मिला था। जांच में यह भी सामने आया था कि अहमद पटेल के संदेसरा बंधुओ के साथ अच्छी जान-पहचान थी।

आरोप था कि अहमद पटेल के दामाद इरफान सिद्दीकी को संदेसरा बंधु रिश्वत में मोटी रकम देते हैं। इरफान के बाद अब डिनो पर यह कार्रवाई हुई है।

दिवंगत अहमद पटेल के दामाद के साथ संदेशरा बंधुओं के संबंध
ED सूत्रों की माने तो चेतन और नितिन संदेसरा कई बार पटेल के दामाद इरफान के घर रुपए से भरा बैग लेकर जाते थे। चार-पांच मौकों पर वह खुद भी उनके साथ थे. एक बार में 15-25 लाख रुपए दिए जाते थे। चेतन संदेसरा अक्सर अहमद पटेल के सरकारी आवास (23, मदर क्रेसंट, नई दिल्ली) जाया करते थे और संदेसरा बंधु इसे कोड वर्ड में ‘हेडक्वॉर्टर 23’ बोलते थे। इरफान सिद्दीकी को संदेसरा बंधु जे-2 और फैजल पटेल को जे-1 बुलाते थे।

सीबीआई भी कर रही है इस मामले की जांच
14,500 करोड़ रुपए के इस बैंक घोटाले में अक्तूबर 2017 में सीबीआई की ओर से मामला दर्ज करने के बाद ईडी ने भी जांच शुरू की थी। जांच में खुलासा हुआ कि संदेसरा ने देश में ही नहीं विदेशों में भारतीय बैंकों को चूना लगाया है। संदेसरा की विदेश स्थित कंपनियों ने भारतीय बैंकों के विदेशी शाखाओं से करीब 9000 करोड़ रुपये का ऋण लिया था।

संदेसरा की कपंनी को पांच बैंकों आंध्रा बैंक, यूको बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, इलाहाबाद बैंक और बैंक ऑफ इंडिया की संयुक्त कंसोर्टियम ने कर्ज देने को मंजूरी दी थी।

साल 2019 में ED ने 9,778 करोड़ की संपत्ति जब्त की थी
प्रवर्तन निदेशालय ने 27 जून 2019 को संदेसरा समूह की 9,778 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की थी। इनमें तेल क्षेत्र ओएमएल 143 (नाइजीरिया), चार समुद्री जहाज तुलजा भवानी, वरिंदा, भव्या, ब्रह्मनी शामिल थे। ये जहाज अटलांटिक ब्लू वाटर सर्विसेज के नाम से पनामा में पंजीकृत था।

इसके अलावा अमेरिका में पंजीकृत हवाई जहाज और लंदन स्थित फ्लैट को भी जब्त किया गया था। साल 2017 में केस दर्ज करने के आबाद से नितिन और चेतन संदेसरा देश से गायब हैं।