लॉकडाउन में चौंकाने वाला खुलासा:पुणे में बीते 15 महीने में पुरुष प्रताड़ना के केस 6 गुना बढ़े; पत्नियों पर मारपीट और मानसिक उत्पीड़न के आरोप

पुणे4 महीने पहलेलेखक: आशीष राय
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महाराष्ट्र में कोरोना के चलते बीते डेढ़ साल से ज्यादातर लोग वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं। इस दौरान सामने आया है कि घर पर 24 घंटे साथ रहने के दौरान पति-पत्नी के बीच झगड़े बढ़ रहे हैं। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि पति ज्यादा प्रताड़ित हुए हैं। पुणे पुलिस की ट्रस्ट सेल (भरोसा सेल) ने यह दावा किया है कि लॉकडाउन के दौरान घरों में रहने वाले पति लॉकडाउन से पहले की तुलना में पत्नियों से ज्यादा प्रताड़ित हुए हैं।

लॉकडाउन में पति प्रताड़ना के केस 6 गुना बढ़े
भरोसा सेल की प्रमुख सुजाता शानमे ने बताया कि लॉकडाउन से पहले के एक साल के दौरान 1283 लोगों ने पुणे पुलिस की ट्रस्ट सेल में पारिवारिक झगड़े की शिकायत दर्ज कराई थी। इनमें पत्नियों की संख्या 791 थी, जबकि पति सिर्फ 252 थे।

लेकिन लॉकडाउन के दौरान, यानी बीते 15 महीने में यह आंकड़ा बढ़कर 3,075 तक पहुंच गया है। इसमें से पतियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाने वाली महिलाओं की संख्या 1540 है, जबकि पुरुषों की संख्या 1535 है। यानी शिकायत करने वाले पुरुषों की संख्या लॉकडाउन से पहले के एक साल की तुलना में 6 गुना बढ़ गई है।

सुजाता के मुताबिक पिछले डेढ़ साल के दौरान घरेलू कलह के तीन हजार से ज्यादा केस दर्ज हुए हैं। इनमें ज्यादातर केस मारपीट, शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न के हैं। कुछ शिकायतों में यह भी दावा किया गया है कि उनकी पत्नियां झगड़ा कर उनके बच्चों के साथ मायके चली गईं हैं और अब वे लौट नहीं रही हैं।

घर में रहने के कारण लोगों में बढ़ रहा मानसिक तनाव
सुजाता ने बताया कि 24 घंटे बंद कमरे में रहने के चलते लोगों में मानसिक तनाव लगातार बढ़ रहा है। पति-पत्नी, छोटी-छोटी बातों पर झगड़ रहे हैं। हम ऐसे लोगों को अपने यहां बुलाकर या फिर ऑनलाइन माध्यम से उनकी काउंसिलिंग कर समझाने की कोशिश करते हैं।

पुणे में 2 साल पहले बना भरोसा सेल
पुणे पुलिस के भरोसा सेल का गठन 9 जनवरी 2019 को हुआ था। इसका मकसद बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं की हरसंभव मदद करना है। सेल से जुड़े पुलिसकर्मी घरेलू हिंसा, कलह से जुड़े मामलों में महिलाओं या पुरुषों की काउंसिलिंग भी करते हैं।

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