महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री की मुश्किलें बढ़ीं:ED ने अनिल देशमुख के 5 ठिकानों पर 10 घंटे तक की छापेमारी, देशमुख ने कहा-परमबीर ने कमिश्नर रहते हुए क्यों नहीं लगाया आरोप

नागपुर5 महीने पहले
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मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने अनिल देशमुख पर अवैध वसूली का टारगेट देने का आरोप लगाया था, जिसके बाद उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था।- फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar
मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने अनिल देशमुख पर अवैध वसूली का टारगेट देने का आरोप लगाया था, जिसके बाद उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था।- फाइल फोटो।

मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह द्वारा पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख पर लगाए 100 करोड़ की वसूली के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दूसरी बार देशमुख के घर पर छापा मारा । ED की 6 टीमें देशमुख के नागपुर, मुंबई स्थित 5 ठिकानों में 10 घंटे तक तलाशी की है। इनमें देशमुख का नागपुर और मुंबई का घर भी शामिल है। इससे पहले ED उनके घर पर 25 मई को छापेमारी कर चुकी है। ED से पहले CBI ने भी उनके 12 ठिकानों पर छापे मारे थे।

ताजा जानकारी के मुताबिक ED की कार्रवाई सुबह 6 बजे शुरू हुई और अभी तक जारी है। ED ने देशमुख के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के तहत केस दर्ज किया है। ED के केस में अनिल देशमुख के अलावा उनके करीबियों के भी नाम थे, जिन पर अब शिकंजा कसा जा रहा है।

कमिश्नर रहते हुए परमबीर ने क्यों नहीं लगाया आरोप: देशमुख

ED के छापेमारी के बाद अनिल देशमुख ने अपना पक्ष रखते हुए कहा, 'परमबीर सिंह जब आयुक्त थे तब क्यों नही मुझ पर आरोप लगाया?, पद से हटाने के बाद मुझ पे झूठा आरोप लगाया, जितने पुलिस अधिकारियों को NIA ने गिरफ्तार किया वो सब परमबीर को सीधा रिपोर्ट करते थे। परमबीर को मुंबई पुलिस आयुक्त के पद से इसलिए हटाया गया क्योंकि उनकी भूमिका संदेहास्पद थी।'

आज की छापेमारी पर अनिल देशमुख ने कहा, 'ED की कार्रवाई पर मैं उनका पूरा सहयोग कर रहा हूं और आगे भी ऐसा ही करता रहूंगा। सत्य जल्दी सभी के सामने आएगा।'

4 जगह मुंबई में और 1 जगह नागपुर में ED की रेड

  • ज्ञानेश्वरी बंगले, सरकारी निवास
  • सुखदा टावर, वर्ली वाले घर
  • कुंदन शिंदे , देशमुख के PA के घर
  • संजीव पलांडे, देशमुख के PS के घर
  • नागपुर वाले घर

अनिल देशमुख पर ये हैं आरोप
मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने करीब ढाई महीने पहले राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखे एक पत्र में आरोप लगाया था कि अनिल देशमुख ने ही मुंबई पुलिस के निलंबित अधिकारी सचिन वझे को हर महीने 100 करोड़ रुपए की वसूली का टारगेट दिया था। हालांकि, अनिल देशमुख ने आरोपों से इंकार किया था, लेकिन बॉम्बे हाईकोर्ट की ओर से CBI जांच के आदेश के बाद देशमुख को पद से इस्तीफा देना पड़ा था।

सचिन वझे ने भी देशमुख पर आरोप लगाया था
सिर्फ परमबीर सिंह ने ही नहीं, बल्कि सचिन वझे ने भी महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख पर अवैध वसूली का टारगेट देने का आरोप लगाया था। वझे ने NIA को दिए बयान में कहा था, 'मैंने 6 जून 2020 को दोबारा ड्यूटी ज्वाॅइन की थी। मेरी ज्वॉइनिंग से शरद पवार खुश नहीं थे। उन्होंने मुझे दोबारा सस्पेंड करने के लिए कहा। यह बात मुझे खुद अनिल देशमुख ने बताई थी। उन्होंने मुझसे पवार साहब को मनाने के लिए 2 करोड़ रुपए भी मांगे थे। इतनी बड़ी रकम देना मेरे लिए मुमकिन नहीं था। इसके बाद गृह मंत्री ने मुझे इसे बाद में चुकाने को कहा। इसके बाद मेरी पोस्टिंग मुंबई के क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट (CIU) में हुई।'

वझे ने आगे बताया था, 'जनवरी 2021 में गृह मंत्री अनिल देशमुख ने मुझे अपने सरकारी बंगले पर बुलाया। तब उनके PA कुंदन भी वहां मौजूद थे। इसी समय मुझसे मुंबई में 1,650 पब, बार मौजूद होने और उनसे हर महीने 3 लाख रुपए के कलेक्शन की बात कही गई। इस पर मैंने गृह मंत्री अनिल देशमुख से कहा कि शहर में 1,650 बार नहीं, सिर्फ 200 बार हैं।'

'मैंने गृह मंत्री को इस तरह बार और पबों से पैसा इकट्ठा करने से भी मना कर दिया था, क्योंकि मैंने उन्हें बताया था कि यह मेरी क्षमता से बाहर की बात है। तब गृह मंत्री के PA कुंदन ने मुझे कहा था कि अगर मैं अपनी जॉब और पोस्ट को बचाना चाहता हूं तो वही करूं जो गृह मंत्री कह रहे हैं।'

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