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अर्नब अभी जेल में रहेंगे:अर्नब से जेल में पूछताछ करेगी पुलिस, बॉम्बे हाईकोर्ट ने अंतरिम जमानत देने से मना किया

मुंबई9 महीने पहले
फोटो 4 नवंबर की है, जब अर्नब गोस्वामी को गिरफ्तार किया गया था। अर्नब पर एक डिजायनर को सुसाइड के लिए मजबूर करने का आरोप है।

बॉम्बे हाईकोर्ट ने रिपब्लिक TV के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी को जमानत देने से इनकार कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि लोअर कोर्ट में अर्जी लगाएं। एक डिजाइनर और उनकी मां को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मुंबई पुलिस ने 4 नवंबर को अर्नब को गिरफ्तार किया था।

इस बीच, सेशंस कोर्ट ने रायगढ़ पुलिस को अन्वय नाइक की आत्महत्या के मामले में अर्नब गोस्वामी से तलोजा जेल में हर दिन तीन घंटे के लिए पूछताछ करने की अनुमति दे दी है। पुलिस ने गोस्वामी की पुलिस हिरासत की मांग की थी।

अर्नब की सिक्योरिटी पर राज्यपाल ने गृह मंत्री से बात की
महाराष्ट्र राजभवन की तरफ से सोमवार को बयान आया कि अर्नब के मामले में राज्यपाल बीएस कोश्यारी ने गृह मंत्री अनिल देशमुख से बात की है। राज्यपाल ने अर्नब की सिक्योरिटी और हेल्थ को लेकर चिंता जताई। साथ ही गृह मंत्री से कहा है कि अर्नब के परिवार को उनसे मिलने और बात करने की छूट दी जाए।

जांच करने वाले पुलिस अफसर को सस्पेंड करने की सिफारिश
आईजी कौकन संजय मोहिते ने मीरा-भायंदर के कमिश्नर सदानंद दाते को लेटर लिखा है। इसमें उन्होंने अन्वय नाइक और उनकी मां कुमुदिनी की आत्महत्या मामले की जांच करने वाले सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर सुरेश वराडे को सस्पेंड करने को कहा है। सुरेश वराडे इस वक्त विरार पुलिस स्टेशन में तैनात हैं। आईजी ने वराडे के खिलाफ डिपार्टमेंटल इंक्वायरी भी बैठाने को कहा है। उन पर आत्महत्या केस को मिस लीड करके क्लोजर रिपोर्ट लगाने का आरोप है।

पुलिस ने कहा- अर्नब ने ज्यूडिशियल कस्टडी में भी फोन यूज किया
रायगढ़ डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने अर्नब को 18 नवंबर तक ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया था। इसके बाद उन्हें शनिवार रात तक अलीबाग के एक स्कूल में बने क्वारैंटाइन सेंटर (अस्थाई जेल) में रखा गया। रविवार सुबह तलोजा जेल में शिफ्ट कर दिए गए। पुलिस ने कहा था कि ज्यूडिशियल कस्टडी होने के बावजूद अर्नब मोबाइल फोन यूज कर रहे थे और सोशल मीडिया पर एक्टिव थे।

अर्नब का दावा- पुलिस टॉर्चर कर रही
अर्नब ने तलोजा जेल जाते वक्त कहा था कि उनकी जान को खतरा बताया। उन्हें वकील से बात नहीं करने दी जा रही। हिरासत में उन्हें टॉर्चर किया जा रहा है। इससे पहले शनिवार को अर्नब के वकील ने हाईकोर्ट में सप्लीमेंट्री एप्लिकेशन लगाई थी। इसमें अर्नब ने दावा किया था कि पुलिस ने उन्हें जूते से मारा और पानी तक नहीं पीने दिया।

अर्नब पर आरोप- मां-बेटे को आत्महत्या के लिए मजबूर किया
मुंबई में इंटीरियर डिजाइनर अन्वय नाइक और उनकी मां कुमुदिनी ने मई 2018 में आत्महत्या कर ली थी। सुसाइड नोट में अर्नब समेत 3 लोगों पर आरोप लगाए थे। सुसाइड नोट के मुताबिक अर्नब और दूसरे आरोपियों ने नाइक को अलग-अलग प्रोजेक्ट के लिए डिजाइनर रखा था, लेकिन करीब 5.40 करोड़ रुपए का पेमेंट नहीं किया। इससे अन्वय की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई और उन्होंने सुसाइड कर लिया। नाइक ने रिपब्लिक टीवी का स्टूडियो तैयार किया था।

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