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  • Government Has Decided To Remove Assistant Police Inspector Sachin Vaze From The Crime Branch. His Name Came Up In The Statement Of Mansukh Hiren's Wife: Maharashtra Home Minister Anil Deshmukh

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स्कॉर्पियो मालिक की मौत का मामला:मामले की जांच से जुड़े API सचिन वझे को क्राइम ब्रांच से हटाया गया, मनसुख की पत्नी ने पति की हत्या में शामिल होने का लगाया था आरोप

मुंबईएक महीने पहले
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सचिन वझे को उनके पद से हटाने की जानकारी मीडिया से देते हुए महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख। - Dainik Bhaskar
सचिन वझे को उनके पद से हटाने की जानकारी मीडिया से देते हुए महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख।

मुंबई क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट (CIU) में कार्यरत और असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर सचिन वझे को उनके पद से हटा दिया गया है। महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने बुधवार को विधानसभा में इसकी जानकारी दी। सचिन वझे उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के बाहर से बरामद हुई विस्फोटक से भरी स्कॉर्पियो गाड़ी मामले की जांच से जुड़े थे।

स्कॉर्पियो के मालिक मनसुख हिरेन की मौत के बाद उनकी पत्नी और विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने वझे पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। विमला हिरेन के हवाले से फडणवीस ने मंगलवार को कहा था कि सचिन वझे ने ही मनसुख की हत्या की है।

इस मामले को लेकर विपक्ष यानी भारतीय जनता पार्टी लगातार हमलावर है। विपक्ष के हंगामे को देखते हुए मंगलवार को विधानसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी थी। बुधवार को भी विपक्ष ने विधानसभा की सीढ़ियों पर बैठकर सचिन वझे की गिरफ्तारी की मांग करते हुए हंगामा किया।

महाराष्ट्र ATS कर रही इस मामले की जांच

5 मार्च को ठाणे की खाड़ी से बरामद हुई मनसुख हिरेन के शव मामले में महाराष्ट्र ATS ने हत्या का केस दर्ज किया है। बुधवार को गृह मंत्री अनिल देशमुख ने विधानसभा में बताया कि मनसुख हिरेन की पत्नी ने जो भी आरोप लगाए हैं, उसकी गहनता से जांच होगी। हमने API सचिन वझे को CIU से हटा दिया है। गृह मंत्री ने यह भी बताया कि वझे को अब दूसरी जगह ट्रांसफर किया जाएगा।

सचिन वझे को बचा रही है सरकार: देवेंद्र फडणवीस

महाराष्ट्र के गृह मंत्री के इस बयान पर विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे लीपापोती करार दिया है। पूर्व CM ने कहा कि आमतौर पर अगर किसी पर आरोप लगते हैं, तो सबसे पहले उसे सस्पेंड किया जाता है। लेकिन सचिन वझे को ट्रांसफर किया जाना यह बताता है कि सरकार उसे बचाने का प्रयास कर रही है। हम इस मामले को तब तक नहीं छोड़ेंगे जब तक सचिन वझे को गिरफ्तार नहीं किया जाता। हम लगातार इस मामले को विधानसभा के अंदर और बाहर उठाते रहेंगे।

सचिन वझे पर फडणवीस ने यह लगाया था आरोप
मंगलवार को पूर्व CM ने मनसुख की पत्नी की कंप्लेंट कॉपी के आधार पर बताया कि क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट में कार्यरत सचिन वझे ने मनसुख की कार को चार महीने पहले इस्तेमाल किया था। वे मनसुख से कई बार मिले थे। वझे ने ही साजिश के तहत मनसुख की हत्या की है। फडणवीस ने सचिन को गिरफ्तार करने की मांग की थी। फडणवीस के बयान के बाद सदन में हंगामा हो गया था।

मनसुख हिरेन की पत्नी का सचिन वझे पर आरोप

मनसुख हिरेन की पत्नी विमला हिरेन ने सचिन वझे पर आरोप लगाते हुए कंप्लेंट दर्ज करवाई है। अपनी कंप्लेंट में विमला ने कहा, "26 फरवरी 2021 को मेरे पति पूछताछ के लिए सचिन वझे के साथ क्राइम ब्रांच गए। इसके बाद 10.30 बजे आए। उन्होंने मुझे बताया कि वे दिन भर सचिन वझे के साथ थे। 27 फरवरी की सुबह मेरे पति एक बार फिर क्राइम ब्रांच के ऑफिस गए और रात 10.30 बजे वापस आए। इसके बाद 28 फरवरी को फिर एक बार वे सचिन वझे के साथ गए और अपना स्टेटमेंट लिखवाया। घर आकर उन्होंने स्टेटमेंट की कॉपी रखी, उसमें सचिन वझे का हस्ताक्षर भी है यानी किसी और ने उनसे पूछताछ नहीं की। तीनों दिन सचिन वझे ही उनके साथ थे।“

हिरेन की पत्नी ने आगे लिखा कि 2 मार्च को घर आने के बाद उनके पति सचिन वझे के साथ ही ठाणे के घर से मुंबई गए थे और उनके कहने पर ही वकील गिरी के माध्यम से उन्होंने पुलिस और मीडिया द्वारा बार-बार पूछताछ किए जाने से परेशान होने की शिकायत की थी।

इसके बाद पत्नी ने शिकायत में लिखा है, “पूरी परिस्थिति को देखते हुए मुझे शक है कि मेरे पति का खून सचिन वझे ने किया है।” इतना कुछ लिखने के बाद भी सचिन वझे की गिरफ्तारी अब तक क्यों नहीं हुई देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में पूछा।

कौन हैं सचिन वझे?

मुंबई में साल 2003 में ख्वाजा यूनुस नाम के शख्स की पुलिस हिरासत में हुई मौत के मामले में सचिन वझे ने साल 2008 में इस्तीफा दे दिया था। वझे को यूनुस की मौत के मामले में साल 2004 में गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद वे सस्पेंड कर दिए गए थे। वझे पर यूनुस की हिरासत में मौत से जुड़े तथ्य छिपाने का आरोप था।

हालांकि, उद्धव सरकार बनने के बाद तकरीबन 12 साल बाद 7 जून 2020 को उन्हें फिर बहाल कर दिया गया। उन्हें मुंबई पुलिस के क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट (CIU) में तैनात किया गया। साल 1990 बैच के पुलिस अधिकारी वझे अपने कार्यकाल के दौरान लगभग 63 मुठभेड़ का हिस्सा रहे हैं। सचिन वझे वही शख्स हैं जिन्होंने अर्नब गोस्वामी को उनके घर से अरेस्ट किया था।

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