कोरोना से जीती जंग:मुंबई में 98 साल के सेना के रिटायर्ड फौजी ठीक हुए, पुणे में 94 साल के बुजुर्ग ने दी बीमारी को मात

मुंबईएक वर्ष पहले
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'अश्विनी' पर एडमिट पूर्व सैनिक को विदा करने के लिए हॉस्पिटल का स्टाफ और नेवी के अधिकारी भी यहां आए थे। - Dainik Bhaskar
'अश्विनी' पर एडमिट पूर्व सैनिक को विदा करने के लिए हॉस्पिटल का स्टाफ और नेवी के अधिकारी भी यहां आए थे।
  • पूर्व सैनिक रामू लक्ष्मण सकपाल 1965 की जंग में भी शामिल रहे चुके हैं
  • दूसरे ठीक होने वाले बुजुर्ग एक सैनिक के पिता हैं

मुंबई में 98 साल के एक पूर्व सैनिक ने कोरोना को मात दे दी है। पूर्व सैनिक 1965 की जंग में भी शामिल हो चुके हैं। पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद 15 अगस्त को उन्हें हॉस्पिटल से छुट्‌टी दे दी गई।

महार रेजिमेंट में सिपाही रैंक से रिटायर हुए 98 साल के रामू लक्ष्मण सकपाल नवी मुंबई के नेरूल इलाके के रहने वाले हैं। कोरोना संक्रमित होने के बाद उन्हें नेवी के 'अश्विनी' सेंटर में दाखिल कराया गया था। जहाज पर बने अस्पताल में सेना के कार्यरत या रिटायर्ड फौजियों का इलाज किया जा रहा है। सकपाल को कोविड-19 के साथ न्यूमोनिया की शिकायत भी थी। सिपाही सकपाल को आईएनएचएस अश्विनी पर गर्मजोशी के साथ घर के लिए विदा किया गया। नेवी और सेना के अधिकारियों ने उन्हें गर्मजोशी से घर भेजा।

कमांड हॉस्पिटल में भर्ती बुजुर्ग को विदा करने के लिए सेना के अधिकारी भी यहां आए थे।
कमांड हॉस्पिटल में भर्ती बुजुर्ग को विदा करने के लिए सेना के अधिकारी भी यहां आए थे।

पुणे में भी 94 साल के पूर्व सैनिक ने दी कोरोना को मात
पुणे के कमांड आर्मी हॉस्पिटल में भर्ती 94 वर्षीया मरीज ने भी कोरोना वायरस को मात दी है। यह बुजुर्ग एक सैनिक के पिता हैं। रविवार को उन्हें हॉस्पिटल से छुट्टी दे दी गई। समय पर हॉस्पिटल में भर्ती होने और सही दवाइयों के इस्तेमाल से उन्होंने कोरोना को मात दी है।

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