जेल से बाहर आईं इंद्राणी मुखर्जी:चेहरे पर नजर आई खुशी; बेटी को मारने के आरोप में 6 साल से थीं सलाखों के पीछे

मुंबई3 महीने पहले
जेल से बाहर निकलने के दौरान इंद्राणी बेहद खुश नजर आईं और मीडिया के कैमरों को देखकर हाथ हिलाया। - Dainik Bhaskar
जेल से बाहर निकलने के दौरान इंद्राणी बेहद खुश नजर आईं और मीडिया के कैमरों को देखकर हाथ हिलाया।

सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद इंद्राणी मुखर्जी को शुक्रवार शाम को भायखला महिला जेल से रिहा कर दिया गया। अपनी बेटी शीना बोरा की हत्या के आरोप में इंद्राणी पिछले साढ़े 6 साल से जेल की सलाखों के पीछे कैद थीं। जेल से रिहा होने के बाद इंद्राणी मुखर्जी ने कहा, "मैं बहुत खुश हूं, अभी घर जा रही हूं, आगे की कोई योजना नहीं है, अभी तो सिर्फ घर जाना है।"

इससे पहले लोअर, बॉम्बे हाईकोर्ट से इंद्राणी की 7 जमानत अर्जी खारिज हो चुकी थी। बुधवार को देश की सर्वोच्च अदालत ने माना कि शीना बोरा की हत्या की जांच लंबी चलेगी, इसलिए लंबे समय तक इंद्राणी को जेल में नहीं रखा जा सकता है।

जेल से बाहर निकलने के दौरान इंद्राणी ने कहा कि वे बेहद खुश हैं।
जेल से बाहर निकलने के दौरान इंद्राणी ने कहा कि वे बेहद खुश हैं।

रिहाई के लिए इंद्राणी की ओर से 2 लाख रुपए का बांड विशेष सीबीआई अदालत में जमा करवाया गया है। हालांकि इंद्राणी को अदालत द्वारा लगाई गई उन शर्तों को भी मानना होगा, जिसमें कहा गया है कि वे बिना स्थानीय पुलिस को बताए मुंबई से बाहर नहीं जा सकती हैं।

आज जेल से बाहर निकली इंद्राणी का एक अलग ही रूप देखने को मिला। पेशी के दौरान मायूस नजर आने वाली इंद्राणी आज कॉन्फिडेंट नजर आईं और बाहर निकलने के दौरान मीडिया के कैमरों को देख हाथ हिलाया। जेल से बाहर आते वक्त इंद्राणी के चेहरे पर खुशी साफ नजर आ रही थी।

इंद्राणी मुखर्जी अगस्त 2015 में गिरफ्तारी के बाद से मुंबई के भायखला महिला जेल में बंद थीं। इंद्राणी मुखर्जी की ओर से अदालत में वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी पेश हुए थे। रोहतगी ने कहा कि मुकदमे में सुनवाई जल्द पूरी नहीं होने वाली है, क्योंकि इसमें अभी बड़ी संख्या में गवाहों का परीक्षण किया जाना बाकी है।

जेल में रहने के दौरान इंद्राणी का ऐसा हो गया था हाल।
जेल में रहने के दौरान इंद्राणी का ऐसा हो गया था हाल।

इंद्राणी ने बेटी के जिंदा होने का दावा किया था

मुंबई में 2012 में हुए शीना बोरा हत्याकांड में आज से पांच महीने पहले एक बड़ा टर्न तब आया, जब इंद्राणी मुखर्जी ने दावा किया है कि उनकी बेटी जिंदा है। इंद्राणी का दावा है कि जेल में बंद एक साथी महिला कैदी ने शीना से कश्मीर में मुलाकात की है। इंद्राणी ने CBI डायरेक्टर को इस बारे में एक चिट्ठी लिखी थी। उन्होंने अपील की है कि शीना बोरा को कश्मीर में तलाश किया जाए। केस की जांच CBI ही कर रही है। इंद्राणी पर अपनी बेटी की कार में गला दबाकर हत्या करने और उसके शव को जमीन में गाड़ने का आरोप है।

CBI शीना बोरा केस क्लोज करना चाहती है

CBI ने शीना बोरा मर्डर केस में जांच बंद करने का फैसला किया है। पिछले दिनों CBI ने मुंबई की स्‍पेशल कोर्ट में कहा था कि 2012 में हुए इस मर्डर को लेकर उसकी जांच पूरी हो गई है। CBI ने इस मामले में तीन चार्जशीट और दो सप्‍लीमेंट्री चार्जशीट फाइल की हैं। इनमें इंद्राणी मुखर्जी, उसके ड्राइवर श्‍यामवर राय, पूर्व पति संजीव खन्‍ना व पीटर मुखर्जी को आरोपी बनाया गया है।

इंद्राणी को उनकी बेटी की हत्या के आरोप में 2015 में अरेस्ट किया गया था।
इंद्राणी को उनकी बेटी की हत्या के आरोप में 2015 में अरेस्ट किया गया था।

क्या है शीना बोरा हत्याकांड?

  • शीना बोरा हत्याकांड का खुलासा तब हुआ, जब पुलिस ने इंद्राणी मुखर्जी के ड्राइवर श्यामवर राय को बंदूक के साथ गिरफ्तार किया। राय ने बताया था कि शीना की हत्या साल 2012 में इंद्राणी मुखर्जी ने एक कार में गला दबाकर की थी।
  • इंद्राणी की गिरफ्तारी के बाद उनके पूर्व पति संजीव खन्ना को भी बेटी की हत्या में मदद करने और सबूत मिटाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
  • अपने दूसरे पति पीटर मुखर्जी को इंद्राणी ने बताया था कि शीना उसकी बहन है। शीना बोरा और पीटर मुखर्जी के बेटे राहुल मुखर्जी के बीच भी नजदीकियां थीं।
  • शीना के अचानक 2012 में गायब हो जाने के बाद राहुल ने उसे तलाशने का काफी प्रयास किया। जब मामला सामने आया तो जांच में पता चला कि इंद्राणी ने मुंबई के बांद्रा में शीना की गला दबाकर हत्या कर दी और उसके शव को रायगढ़ जिले में दफना दिया।
  • जांच एजेंसियों का दावा था कि शीना बोरा के अवशेष भी मिले थे। इंद्राणी ने इसे खारिज कर दिया था।
  • इंद्राणी के बाद CBI ने उनके दूसरे पति पीटर मुखर्जी को भी गिरफ्तार किया था, जिन्हें 2020 में जमानत मिल गई थी। ट्रायल के दौरान ही इंद्राणी और पीटर ने 17 साल चली अपनी शादी के बाद 2019 में तलाक ले लिया था।

6 तारीखों में खुला शीना की हत्या का राज

  • 24 अप्रैल 2012 को शीना बोरा की रायगढ़ में हुई हत्या। शीना का गला घोटा गया, फिर उसे पेट्रोल डालकर जला दिया गया। लाश एक सूटकेस में डालकर खोपोली रोड पर फेंक दी गई।
  • 23 मई 2012 पुलिस को एक सड़ चुकी लाश के अवशेष मिले।
  • 21 अगस्‍त 2015 को श्‍यामवर राय को अवैध असलहों के साथ पकड़ा गया।
  • 22 अगस्त 2015 को राय ने खुलासा किया कि इंद्राणी ने शीना की हत्या कर दी है।
  • 25 अगस्‍त 2015 को खार पुलिस ने इंद्राणी को गिरफ्तार किया।
  • 26 अगस्‍त 2015 को पुलिस ने इंद्राणी के पूर्व पति और शीना बोरा मर्डर केस में सह-आरोपी संजीव खन्‍ना को अरेस्‍ट किया।