महाराष्ट्र में लापरवाही:जलगांव में पांच दिन से लापता 82 साल की कोरोना मरीज का शव हॉस्पिटल के बाथरूम से बरामद

जलगांवएक वर्ष पहले
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मामला सामने आने के बाद जिलााधिकारी और एसपी हॉस्पिटल पहुंचे और उन्होंने अस्पताल के स्टाफ से पूछताछ की। - Dainik Bhaskar
मामला सामने आने के बाद जिलााधिकारी और एसपी हॉस्पिटल पहुंचे और उन्होंने अस्पताल के स्टाफ से पूछताछ की।
  • भुसावल की रहने वाली महिला को 1 जून को जलगांव के कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया था
  • महिला की बहु की मौत भी संक्रमण के हुई थी, उनका बेटा भी संक्रमित है और उसका इलाज नासिक में चल रहा है

गणेश सुरसे. महाराष्ट्र के जलगांव में लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां इलाज करवाने आई 82 वर्षीय महिला का शव पांच दिन बाद बुधवार को हॉस्पिटल के एक बाथरूम से बरामद हुआ है। महिला 5 जून से हॉस्पिटल से लापता थी। 

हॉस्पिटल प्रशासन की ओर से बताया गया है कि महिला का शव वार्ड नंबर 7 के टॉयलेट से बरामद हुआ। इसका दरवाजा अन्दर से बंद था और शव की बदबू आने के बाद इसे तोड़ा गया। मूल रूप से भुसावल की रहने वाली वृद्ध महिला को एक जून की शाम सात बजे जलगांव कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

2 जून की रात को महिला अचानक गायब हो गई। इसके बाद हॉस्पिटल ने इसकी पड़ताल शुरू की। परिवार के लोगों से पूछताछ हुई और अगले दिन महिला अपने आप हॉस्पिटल में लौट आई। वह सारी रात कहां थीं इस बारे में कुछ पता नहीं चला। 

5 जून को फिर लापता हुई महिला 
इसके बाद वृद्ध महिला 5 जून को फिर से लापता हो गई। फिर से परिजनों से पूछताछ हुई, इस बार पुलिस को भी इसकी जानकारी दी गई लेकिन किसी ने हॉस्पिटल चेक नहीं किया। बुधवार सुबह हॉस्पिटल की इंचार्ज डॉ. किरण पाटिल नियमित दौरे के लिए वार्ड नंबर सात में गई थीं। उन्होंने नर्सों और सफाई कर्मचारियों से शौचालय के पास से बदबू के बारे में पूछा। शौचालय की कुंडी अंदर से बंद थी। सफाईकर्मियों को बुलाकर दरवाजा तोड़ा गया तो वृद्धा का शव शौचालय में पड़ा था। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम में यह बात सामने आई है कि महिला की मौत पांच दिन पहले हुई थी। 

महिला की बहु की संक्रमण से मौत हुई, बेटे का भी चल रहा इलाज
बुजुर्ग महिला का अंतिम संस्कार जलगांव में किया गया है। जांच में सामने आया है कि महिला को संक्रमण अपने परिवार से हुआ था। सबसे दुख की बात यह है कि एक जून को महिला की बहु की कोरोना संक्रमण से मौत हुई थी। वहीं, महिला का बेटा भी संक्रमित है। उसका नासिक के जिला हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। 

3 जून को स्वास्थ्य मंत्री ने किया था हॉस्पिटल का दौरा
यह मामला इसलिए भी बड़ी लापरवाही का है कि 3 जून को राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे यहां दौरे पर आए थे। उन्होंने हॉस्पिटल के हालात पर प्रशासन को फटकार लगाई थी। शव पांच दिनों तक अस्पताल के एक वार्ड शौचालय में पड़ा रहा। इसका मतलब है कि इन पांच दिनों में बाथरूम और शौचालय साफ नहीं किए गए।

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