वर्धा के हॉस्पिटल में मिला भ्रूण का कब्रिस्तान:12 खोपड़ियां, 54 भ्रूण के अवशेष बरामद, हॉस्पिटल की डायरेक्टर समेत चार अब तक गिरफ्तार

मुंबई4 दिन पहले
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एपीआई सोनुने ने कहा, यह मामला बेहद गंभीर है। हमें संदेह है कि इस मामले में अभी कई और जुड़े हो सकते हैं। - Dainik Bhaskar
एपीआई सोनुने ने कहा, यह मामला बेहद गंभीर है। हमें संदेह है कि इस मामले में अभी कई और जुड़े हो सकते हैं।

महाराष्ट्र के वर्धा जिले के अरवी इलाके में पुलिस ने एक प्राइवेट एबॉर्शन केंद्र का भंडाफोड़ कर अवैध रूप से गर्भपात कराए गए भ्रूणों के एक कब्रिस्तान का पता लगाया है। एक प्राइवेट हॉस्पिटल के कैंपस में बने एक पुराने बायोगैस प्लांट में 11 खोपड़ियां और 54 भ्रूण की हड्डियां बरामद हुई है। पुलिस ने गुरुवार को हॉस्पिटल में रेड किया और इसके डायरेक्टर और एक अन्य कर्मचारी को अरेस्ट किया है।

मामले की जांच के बाद सब-इंस्पेक्टर ज्योत्सना गिरी ने बताया कि हमने इस केस में हॉस्पिटल के डायरेक्टर रेखा कदम और उनकी एक सहयोगी 38 वर्षीय नर्स संगीत काले को अरेस्ट किया है। इस मामले का खुलासा 13 वर्षीय लड़की के अवैध गर्भपात की जांच के दौरान हुआ जो पास के रहने वाले एक 17 वर्षीय लड़के के साथ कथित संबंध के बाद गर्भवती हो गई थी। दोनों आरोपियों ने पीड़िता से 30 हजार रुपए भी लिए थे।

सब-इंस्पेक्टर ज्योत्सना गिरी ने बताया कि रेड के दौरान हॉस्पिटल कैंपस से कई दागदार कपड़े, बैग, खुदाई के लिए इस्तेमाल किए गए कुछ फावड़े और वहां फेंके गए अन्य मेडिकल सबूत भी बरामद हुए हैं, जिन्हें जमा कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। एक स्थानीय डॉक्टर ने बताया कि अवैध गर्भपात, प्रतिबंधित लिंग-निर्धारण परीक्षण और यहां तक कि कन्या भ्रूण हत्या जैसी कथित रूप से अस्पष्ट गतिविधियों की गुपचुप जानकारी तो सबको थी, लेकिन किसी ने भी इसके बारे में शिकायत करने या इसके बारे में खुलकर बोलने की हिम्मत नहीं की।

गुरुवार को पुलिस ने इस हॉस्पिटल के कैंपस में रेड की है।
गुरुवार को पुलिस ने इस हॉस्पिटल के कैंपस में रेड की है।

गुमनाम सूचना के बाद पुलिस ने शुरू की जांच
महिला जांच अधिकारियों की टीम की सहायक पुलिस निरीक्षक वंदना सोनूने ने बताया कि अरवी पुलिस को 4 जनवरी की इस मामले में एक गुमनाम सूचना मिली थी। इस टीम ने अपने स्थानीय स्रोतों से जानकारी के आधार पर छानबीन की और अंत में नाबालिग लड़की का पता लगाकर उसके माता-पिता से पूरी जानकारी हासिल की जिन्हें लड़के के परिवार द्वारा चुप रहने की धमकी दी गई थी।

पीड़िता बनी सरकारी गवाह और हुआ मामले का खुलासा
सहायक पुालिस निरीक्षक सोनुने ने बताया हमने उनसे बातचीत की और पूरा आश्वासन दिया कि उन्हें पूरी सुरक्षा दी जाएगी। आखिरकार वे लड़की के अवैध गर्भपात के पांच दिन बाद इस मामले में नौ जनवरी को पहली सूचना रिपोर्ट दर्ज करने के लिए सहमत हो गए। इस शिकायत के आधार पर एक पुलिस टीम ने कदम अस्पताल पर छापा मारा।

पीड़िता को धमकाने के मामले में लड़की के माता-पिता भी अरेस्ट

पुलिस ने लड़के के माता-पिता को भी पकड़ा है, जिन्होंने नाबालिग लड़की को गर्भपात के लिए मजबूर करवाया था। उन्होंने मामले की जानकारी बाहर लाने पर लड़की को जान से मारने की धमकी भी दी थी। इन चारों आरोपियों को इस सप्ताह दो दिनों के लिए पुलिस ने रिमांड पर लेकर जब पूछताछ की गई उन्होंने इस कब्रिस्तान की जानकारी दी। इसके बाद बायोगैस संयंत्र पर रेड की गई।

पुलिस को संदेह है कि यह गोरखधंधा कई साल से चल रहा है।
पुलिस को संदेह है कि यह गोरखधंधा कई साल से चल रहा है।

अभी और लोग इस केस से जुड़े हो सकते हैं
एपीआई सोनुने ने कहा, यह मामला बेहद गंभीर है। हमें संदेह है कि इस मामले में अभी कई और जुड़े हो सकते हैं। यहां ‘बेटी बचाओ’ अभियान की 2012 में अगुवाई करने वाले पुणे के जाने-माने स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर गणेश रख ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इसकी पूरी जांच होनी चाहिए क्योंकि यह कदम अस्पताल में चलाए जा रहे कन्या भ्रूण हत्या रैकेट हो सकता है।

शिवसेना नेता ने गृहमंत्री से शिकायत करने की बात कही
शिवसेना नेता किशोर तिवारी ने कहा कि महाविकास अघाड़ी सरकार को इसका कड़ा संज्ञान लेना चाहिए। मैं गृह मंत्री दिलीप वलसे-पाटिल और पुलिस महानिदेशक संजय पांडे से अनुरोध करता हूं कि एक विशेष जांच दल गठित करें और इन संदिग्ध गतिविधियों की जड़ तक पहुंचें।