महाराष्ट्र में दुकानों और सुपर मार्केट में बिकेगी शराब:उद्धव कैबिनेट ने दी मंजूरी, भाजपा ने कहा-यह पूरी तरह शराबियों को समर्पित सरकार

मुंबई5 महीने पहलेलेखक: विनोद यादव
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इस वक्त साल भर में करीब 70 लाख लीटर वाइन की खपत महाराष्ट्र में होती है। - Dainik Bhaskar
इस वक्त साल भर में करीब 70 लाख लीटर वाइन की खपत महाराष्ट्र में होती है।

महाराष्ट्र की ठाकरे सरकार ने सुपर मार्केट सहित एक हजार वर्ग फीट के दुकानों में वाइन बेचने के प्रस्ताव को मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी दी है। भाजपा विधायक एवं पूर्व वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने महाविकास आघाडी सरकार के इस निर्णय की निंदा करते हुए कहा, “ठाकरे सरकार पूरी तरह से शराबियों को समर्पित सरकार है।”

मंत्रिमंडल की बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कैबिनेट मंत्री एवं राकांपा प्रवक्ता नवाब मलिक ने इस निर्णय की जानकारी पत्रकारों को दी। उन्होंने कहा, “महाराष्ट्र में ढेर सारी वाइनरी है। किसानों के फल उत्पादन पर वाइनरी चलती है। इस निर्णय से फल उत्पादक किसानों को फायदा होगा।” उन्होंने बताया कि राज्य सरकार नयी वाइन पॉलिसी लागू करना चाहती है।

इस वक्त साल भर में करीब 70 लाख लीटर वाइन की खपत महाराष्ट्र में होती है। नयी वाइन पॉलिसी लागू होने पर यह बढ़ाकर एक हजार लीटर तक पहुंचने की उम्मीद है। भाजपा द्वारा महाराष्ट्र सरकार के इस निर्णय का विरोध किए जाने के सवाल पर मलिक ने कहा, गोवा और हिमाचल में भाजपा सरकार ने ऐसी ही पॉलिसी लागू की है। भाजपा शासित कई राज्यों में वाइन विक्री की नीति अमल में लाई गई है। परंतु यहां महाराष्ट्र में भाजपा विरोध कर रही है।

यह पूरी तरह शराबियों को समर्पित सरकार : भाजपा

भाजपा विधायक एवं पूर्व वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने इस मंत्रिमंडल की बैठक में वाइन बिक्री के संबंध में लिए गए निर्णय की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि राज्य की ठाकरे सरकार पूरी तरह से शराबियों को समर्पित सरकार है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में लोगों को दवा की जरूरत है, परंतु राज्य सरकार ने दवा नहीं हम, हम दारू पियेंगे। महाराष्ट्र को मद्यराष्ट्र बनाने वाला निर्णय लिया है।

महाराष्ट्र को मद्यराष्ट्र बनाने वाला निर्णय है यह: फडणवीस

पूर्व मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने ठाकरे सरकार के निर्णय की निंदा करते हुए कहा कि सरकार का यह निर्णय महाराष्ट्र को मद्यराष्ट्र बनाने वाला है। महाराष्ट्र में पेट्रोल-डीजल से दारू सस्ती है। शराब बंदी को हटाकर उसे बेचने की अनुमति दी जा रही है। राज्य में शराब के नए लाइसेंस जारी किए जा रहे हैं। और अब तो किराना दुकानों और सुपर मार्केट में वाइन बिक्री का निर्णय लिया गया है। इससे साबित हो गया है कि ठाकरे सरकार सत्ता के नशे में मदहोश है। परंतु राज्य की जनता ऐसे गलत निर्णय को बर्दाश्त नहीं करेगी।