ओमिक्रॉन ने बनाए तीन नए वैरिएंट:खतरनाक डेल्टा वैरिएंट को ठिकाने लगा रहा एक नया वैरिएंट, तीसरी लहर में सबसे ज्यादा संक्रमण भी यही फैला रहा

पुणे16 दिन पहले

कोरोना का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन अब पूरी दुनिया में फैल चुका है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) ने ओमिक्रॉन (B.1.1.529) को वैरिएंट ऑफ कंसर्न की सूची में डाला है। अब इस वैरिएंट के भी तीन नए सब वैरिएंट सामने आए हैं। यानी इसने अपने तीन नए रूप बना लिए हैं। इंडियन साइंटिस्ट्स ने इनमें से एक सब वैरिएंट को BA.1 नाम दिया है।

इसकी जीनोम सीक्वेंसिंग करने वाले इंडियन वायरोलॉजिस्ट का दावा है कि BA.1 ओमिक्रॉन से भी ज्यादा तेजी से फैल रहा है और महाराष्ट्र व कुछ अन्य राज्यों में यह तेजी से डेल्टा वैरिएंट को ठिकाने लगाकर उसकी जगह लोगों को सबसे ज्यादा संक्रमित करने का काम कर रहा है।

हालांकि साइंटिस्ट्स अभी तक यह तय नहीं कर पाए हैं कि तेजी से संक्रमण फैलाने के बावजूद यह नया सब वैरिएंट खतरनाक है या नहीं।

ओमिक्रॉन के कारण नए मामले तेजी से बढ़े हैं।
ओमिक्रॉन के कारण नए मामले तेजी से बढ़े हैं।

तीन नए सब वैरिएंट में से BA.1 में ओमिक्रॉन के सबसे ज्यादा गुण
वायरोलॉजिस्ट्स का कहना है कि ओमिक्रॉन (B.1.1.529) वैरिएंट आगे तीन सब वैरिएंट BA.1, BA.2 और BA.3 में बंट गया है। ओमिक्रॉन के नए सब वैरिएंट BA.2 के कई मामले साउथ अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा में मिले हैं, जबकि BA.1 तेजी से भारत में फैलता दिखाई दे रहा है।

डिपार्टमेंट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी (INSACOG) के वायरोलॉजिस्ट के मुताबिक, BA.1 अपनी तेजी से विकास की प्रवृति के कारण बहुत तेजी से पैर पसारता है और यही ओमिक्रॉन का मूल वंश है। यानी इसमें ओमिक्रॉन के सबसे ज्यादा गुण हैं। मौजूदा तीसरी लहर में नए मामलों में जो बढ़त देखने को मिल रही है, उसमें इसका बड़ा योगदान है। BA.1 की वजह से ही अधिकांश मरीजों में बहुत हल्के लक्षण देखने को मिले हैं। इसकी वजह से अस्पताल में बहुत कम मरीज भर्ती हो रहे हैं।

वायरस के स्पाइक प्रोटीन में अमीनो एसिड की पोजीशन को रिप्लेस कर रहा BA.1
वायरोलॉजिस्ट के मुताबिक, BA.1 और BA.3 वायरस के स्पाइक प्रोटीन में अमीनो एसिड की पोजीशन 69-70 को मिटा दे रही है। क्लिनिकल सीक्वेंसिंग की जांच के दौरान कई जगहों पर नॉर्मल ओमिक्रॉन की जगह BA.1 की मौजूदगी अधिक मिली है। चूंकि यह सब वैरिएंट एक ही फैमिली से संबंधित है, इसलिए इन नमूनों को ओमिक्रॉन पॉजिटिव माना जाता है।

INSACOG महाराष्ट्र और केरल समेत कई राज्यों में कर रहा सीक्वेंसिंग
The department’s Indian SARS-CoV-2 Genomics Consortium (INSACOG) यानी डिपार्टमेंट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी महाराष्ट्र और केरल सहित कुछ राज्यों के लिए जीनोम सीक्वेंसिंग का काम देखता है। ओमिक्रॉन में लगभग 50 से भी ज्यादा म्यूटेशन हैं। इसका सबसे पहला मामला 8 नवंबर को साउथ अफ्रीका में पाया गया था। इसके बाद से ही ये भारत समेत पूरी दुनिया में फैल चुका है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि ओमिक्रॉन के वंश में विभाजन वैज्ञानिकों के लिए ज्यादा दिलचस्पी का विषय है, क्योंकि ये महामारी विज्ञान को बेहतर तरीके से समझने में मदद करेगा। आम आदमी को इससे चिंतित होने की जरूरत नहीं है।

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