महाविकास अघाड़ी पर भारी पड़ी BJP:नागपुर में कांग्रेस और अकोला में शिवसेना उम्मीदवार को दी पटखनी, महाराष्ट्र विधान परिषद की 6 में से 4 सीटें जीतीं

नागपुरएक महीने पहले
भाजपा नेता चंद्रशेखर बावनकुले अपने समर्थकों के साथ जीत का जश्न मनाते हुए।

महाराष्ट्र में भाजपा ने मंगलवार को महाविकास आघाड़ी सरकार को बड़ा झटका दिया। महाराष्ट्र विधान परिषद (MLC) की दो सीटों नागपुर और अकोला-वाशिम-बुलढाणा विधान परिषद सीट पर भाजपा उम्मीदवारों ने बड़े अंतर से जीत हासिल कर ली है। राज्य में 10 दिसंबर को कुल छह सीटों के लिए चुनाव हुए थे, जिनमें से चार सीटों पर निर्विरोध मतदान हुआ था। अब 6 सीटों में से 4 भाजपा के खाते में आ गई हैं।

मुंबई की दो सीटों पर हुए चुनाव में शिवसेना के सुनील शिंदे और भाजपा के राजहंस सिंह ने एक-एक सीट पर निर्विरोध जीत हासिल की। कोल्हापुर से कांग्रेस उम्मीदवार सतेज पाटील और नंदुरबार-धुले से भाजपा उम्मीदवार अमरीश पटेल निर्विरोध चुने गए हैं।

जीत दर्ज करने के बाद चंद्रशेखर बावनकुले, पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से लिपट कर भावुक नजर आए।
जीत दर्ज करने के बाद चंद्रशेखर बावनकुले, पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से लिपट कर भावुक नजर आए।

नागपुर में बावनकुले ने देशमुख को हराया

नागपुर में भाजपा के वरिष्ठ नेता और प्रदेश के पूर्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने जीत दर्ज की है। एमवीए के समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार मंगेश देशमुख को 186 वोट ही मिल सके। नागपुर में महाविकास आघाड़ी के 16 सदस्यों ने बीजेपी के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की। महाविकास आघाड़ी के पास 202 वोट थे। बीजेपी नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने अपनी जीत पर कहा कि प्रदेश कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले को जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे देना चाहिए।

बीजेपी के वसंत खंडेलवाल (बीच में) अपने समर्थकों के साथ जीत का जश्न मनाते हुए।
बीजेपी के वसंत खंडेलवाल (बीच में) अपने समर्थकों के साथ जीत का जश्न मनाते हुए।

अकोला में शिवसेना को लगा बड़ा झटका
अकोला सीट पर बीजेपी के वसंत खंडेलवाल 110 मतों से शिवसेना के गोपीकिशन बाजोरिया से चुनाव जीते हैं। कुल 808 वोटों में से खंडेलवाल को 443 जबकि बाजोरिया को 334 वोट मिले। वे लगातार 3 बार यानी 18 साल से चुनाव जीतते आ रहे थे। तीनों दलों के साथ आने के बाद भी महाविकास अघाड़ी और भाजपा के पास बहुमत नहीं था। जीत का दारोमदार वंचित बहुजन आघाड़ी और निर्दलीय पार्षदों के हाथ में था। एक्सपर्ट की माने तो शिवसेना को पिछले तीनों बार गठबंधन में भाजपा की मदद मिली थी, लेकिन इस बार भाजपा के अलग होने से शिवसेना को नुकसान हुआ है।

भाजपा ने तोड़ा MVA का मिथक: फडणवीस
महाराष्ट्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि भाजपा ने MVA के इस मिथक को तोड़ दिया है कि तीनों दल (शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस) राज्य में मिलकर सभी चुनाव जीत सकते हैं। इस जीत पर उन्‍होंने कहा, 'मुझे यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि महाराष्ट्र एमएलसी चुनाव में बीजेपी ने 6 में से 4 सीटें जीती हैं। मैं मोदी जी, हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृह मंत्री अमित शाह को धन्यवाद देना चाहता हूं। भले ही 3 राजनीतिक दल एक साथ आ जाएं, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि जीत उन्‍हीं की होगी।'

फडणवीस ने आगे कहा, 'दो दिन तक वे खरीद-फरोख्त में लिप्त रहे, फिर भी वे अपनी पार्टी को साथ नहीं रख सके। यह सही मायने में कांग्रेस नेताओं की हार है। कांग्रेस नेता निरंकुश तरीके से व्यवहार कर रहे हैं। नाना पटोले पार्टी की प्रदेश इकाई के काम के लिए उपयुक्त नहीं हैं और उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।'

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