ओमिक्रॉन का महाराष्ट्र पर बड़ा खतरा:विदेश से ठाणे लौटे 100 से ज्‍यादा लोग लापता, लगभग सभी के फोन बंद; कइयों के गलत पते मिले

मुंबई2 महीने पहले
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कल्याण डोम्बिवली म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन(KDMC) के प्रमुख विजय सूर्यवंशी ने कहा कि विदेश से ठाणे जिले में आए 295 विदेशी यात्रियों में से 109 यात्रियों का कुछ भी पता नहीं चल पा रहा है। - Dainik Bhaskar
कल्याण डोम्बिवली म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन(KDMC) के प्रमुख विजय सूर्यवंशी ने कहा कि विदेश से ठाणे जिले में आए 295 विदेशी यात्रियों में से 109 यात्रियों का कुछ भी पता नहीं चल पा रहा है।

कोरोनावायरस के नए वैरियंट 'ओमिक्रॉन' का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार दोपहर तक महाराष्ट्र में 10 मरीज सामने आ चुके हैं और 11 संदिग्ध मरीजों की 'जीनोम सिक्वेंसिंग' करवाई गई है। इस बीच एक डराने वाली जानकारी ठाणे जिले से सामने आ रही है। राज्य स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, हाई रिस्क वाले देशों से महाराष्ट्र पहुंचे 100 से ज्यादा यात्री गायब हो गए हैं।

इन यात्रियों के बारे में कुछ भी पता नहीं चल पा रहा है और लगभग सभी के नंबर बंद आ रहे हैं। कल्याण डोम्बिवली म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन(KDMC) के प्रमुख विजय सूर्यवंशी ने कहा कि विदेश से ठाणे जिले में आए 295 विदेशी यात्रियों में से 109 यात्रियों का कुछ भी पता नहीं चल पा रहा है। सूर्यवंशी ने बताया कि इनमें से कुछ लोगों के मोबाइल फोन बंद थे, जबकि कइयों के अंतिम दिए गए कई पते भी गलत मिले हैं। इन्हें ट्रेस नहीं करने की वजह से संक्रमण का खतरा लगातार बना हुआ है।

बाहर से आने वालों को 7 दिनों के लिए किया जा रहा क्वारैंटाइन
सूर्यवंशी ने आगे कहा कि KDMC में 'एट रिस्क' देशों से आने वाले सभी लोगों को 7 दिनों के लिए क्वारैंटाइन किया जा रहा है। इस बीच उनका दूसरे, पांचवें और 8वें दिन का आरटी-पीसीआर टेस्ट करवाया जा रहा है। नेगेटिव आने के बावजूद उन्हें होम क्वारैंटाइन में रखा जा रहा है। हमने सभी हाउसिंग सोसाइटीज के पदाधिकारियों को यह जिम्मेदारी दी है कि वे क्वारैंटाइन के नियमों का कड़ाई से पालन करवाएं। इसके आलावा सभी सोशल गैदरिंग और शादी समारोह पर भी हमारी टीम नजर रख रही है।

KDMC में 72 प्रतिशत लोगों को दी गई पहली डोज
सूर्यवंशी ने आगे बताया कि KDMC एरिया में रहने वाले 72 प्रतिशत लोगों को वैक्सीन की पहली डोज और 52 प्रतिशत लोगों को दूसरी डोज दे दी गई है। हमारा उद्देश्य जल्द से जल्द ज्यादातर लोगों का वैक्सीनेशन करने की है।"

'ओमिक्रॉन' वेरिएंट से संक्रमित सबसे ज्यादा मरीज महाराष्ट्र में
देश में 'ओमिक्रॉन' वेरिएंट से संक्रमित सबसे ज्यादा मरीज महाराष्ट्र में हैं। मुंबई में पिछले महीने विदेश से लौटे दो व्यक्तियों में सोमवार को 'ओमिक्रॉन' वेरिएंट मिला है। दोनों दोस्त हैं और एक अमेरिका से लौटा है, जबकि दूसरा दक्षिण अफ्रीका से आया है। इनके संपर्क में आने वाके 320 लोगों को पिंपरी चिंचवाड़ के जीजामाता कोविड सेंटर में रखा गया है। राज्य में अब इस स्वरूप से कुल मामले बढ़कर 10 हो गए हैं। संक्रमित हुए दोनों व्यक्ति कोविड-19 वैक्सीन की दोनों खुराक ले चुके हैं। राज्य में पहला मरीज मुंबई से सटे कल्याण इलाके में मिला था। इसके बाद पिंपरी चिंचवाड़ और पुणे में 7 मरीज मिले थे। सभी की स्थिति सामान्य है और कइयों में लक्षण भी नहीं हैं।

महाराष्ट्र सरकार की नई गाइडलाइंस
अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों के लिए महाराष्ट्र सरकार की जो संशोधित नियमावली जारी की गई है, उसके तहत अब विदेश से आने वाले सभी लोगों के लिए RT-PCR टेस्ट करवाना जरुरी होगा। अगर कोई व्यक्ति ओमिक्रॉन से संक्रमित पाया जाता है तो उसे सख्ती से क्वारैंटाइन किया जाएगा। उसका इलाज तब तक जारी रहेगा, जब तक संबंधित संक्रमित मरीज की रिपोर्ट नेगेटिव नहीं आ जाती। रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद सात दिनों के लिए उसे फिर से क्वारैंटाइन रहना होगा। इसके बाद आठवें दिन एक बार फिर टेस्ट किया जाएगा।


'ओमिक्रॉन' का संक्रमण सुपर माइल्ड
भारत और महाराष्ट्र में ओमिक्रॉन का संक्रमण बेहद तेजी से तो जरूर फैल रहा है लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक इसका प्रभाव सुपर माइल्ड यानी अति सौम्य है। अब तक भारत में कहीं भी ओमिक्रॉन संक्रमण से एक भी मृत्यु की खबर सामने नहीं आई है। इसकी एक वजह यह भी बताई जा रही है कि कई ओमिक्रॉन से संक्रमित लोग वैक्सीन ले चुके हैं।

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