महाराष्ट्र में छोटे बच्चों के लिए फिर खुले स्कूल:1 दिसंबर से शहरी इलाकों में पहली से सातवीं और ग्रामीण इलाकों में पहली से चौथी कक्षा के छात्र भी जा सकेंगे स्कूल

मुंबई7 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
राज्य में लगे लॉकडाउन के बाद से यह पहली बार है जब स्कूल में छोटे बच्चों को एंट्री मिली है। - Dainik Bhaskar
राज्य में लगे लॉकडाउन के बाद से यह पहली बार है जब स्कूल में छोटे बच्चों को एंट्री मिली है।

महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर का खतरा लगभग टल गया है। हालांकि, राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने बुधवार को कहा कि तीसरी लहर दिसंबर तक आ सकती है। इसके बावजूद महाराष्ट्र ग्रामीण इलाकों में पहली से चौथी कक्षा और शहरी इलाकों में पहली से 7वीं कक्षा के छात्रों के लिए भी स्कूल खोलने का निर्णय ले लिया गया है।

चाइल्ड टास्क फोर्स ने कैबिनेट डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ के साथ मिलकर स्कूल शुरू करने के प्रस्ताव को पहले ही मंजूरी दे दी थी। स्कूल शुरू होने पर भी छात्रों को कोरोना नियमों का पालन करना होगा। नियम पालन करवाने की पूरी जिम्मेदारी शिक्षकों पर होगी।

स्कूल खोलने को लेकर राज्य सरकार की एसओपी

  • सभी शिक्षकों का पूर्ण टीकाकरण अनिवार्य होगा। इस संबंध में जिला कलेक्टर को योजना बनानी चाहिए। मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद / आयुक्त, नगर निगम / मुख्य अधिकारी, नगर परिषद और शिक्षा अधिकारी जिला कलेक्टर के साथ मिलकर इस संबंध में काम और कार्रवाई करेंगे।
  • भीड़ से बचने के लिए छात्रों के माता-पिता को स्कूल परिसर में आने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
  • कोविड से संबंधित सभी नियमों का कड़ाई से पालन किया जाए।
  • अधिक विद्यार्थियों की संख्या वाले विद्यालयों में दो बैच में क्लास चलाई जानी चाहिए।
  • एक क्लास में अधिकतम 15-20 छात्र के बैठने की अनुमति होगी।
  • सभी छात्रों के लिए साबुन से लगातार हाथ धोना, मास्क का उपयोग, किसी भी लक्षण वाले छात्रों को घर भेजना और तत्काल कोरोना परीक्षण को अनिवार्य किया गया है।
  • यदि छात्र संक्रमित पाया जाता है, तो प्रधानाध्यापक को तुरंत स्कूल बंद करना चाहिए और स्कूल को सैनिटाइज़्ड करना चाहिए।
  • संबंधित विद्यालय के शिक्षकों को यथासम्भव एक ही शहर/गांव में रहने की व्यवस्था करनी चाहिए या उन्हें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वे सार्वजनिक परिवहन प्रणाली का यथासंभव उपयोग न करें।