महाविकास अघाड़ी में सब ठीक नहीं:शिवसेना नेता अनंत गीते बोले- NCP का जन्म कांग्रेस की पीठ में खंजर घोंपकर हुआ, राउत की सफाई- यह पार्टी का बयान नहीं

मुंबईएक महीने पहले
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महाविकास अघाड़ी में सब कुछ सही नहीं चल रहा है। ताजा विवाद शिवसेना नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनंत गीते के एक बयान के बाद खड़ा हुआ है। उन्होंने कहा है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) का जन्म ही कांग्रेस की पीठ में छुड़ा घोंपकर हुआ था। जब दो कांग्रेस पार्टियां एक नहीं हो पाईं, तो शिवसेना कैसे कांग्रेस बन सकती है?

अनंत गीते ने आगे कहा कि भले केंद्र और राज्य में महाविकास अघाड़ी की सरकार बन जाए, हम अघाड़ी सैनिक नहीं बन सकते। हम शिवसैनिक ही रहेंगे। हालांकि, गीते के बयान पर शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि यह उनका निजी मत है, पार्टी का नहीं।

पवार नहीं हो सकते हमारे गुरु
गीते ने कहा कि शिवसैनिकों को मोर्चे (गठबंधन) के बारे में नहीं सोचना चाहिए। बस अपने घर का ख्याल रखना चाहिए। यह सिर्फ सत्ता के लिए समझौता है। शरद पवार शिवसैनिकों के गुरु नहीं हो सकते। गीते ने रायगढ़ में एक कार्यक्रम में शिवसेना कार्यकर्ताओं के बीच ये बातें कहीं।

सरकार हमारी, लेकिन कांग्रेस-NCP हमारी नहीं
गीते ने कहा कि यह सरकार हमारी है, क्योंकि मुख्यमंत्री हमारा है, लेकिन कांग्रेस-NCP हमारी नहीं है। यह गठबंधन सरकार है। शिवसेना की नहीं। सरकार नेतृत्व करेगी। सत्ताधारी मोर्चे के नेता संभालेंगे। गांव की देखभाल करना आपकी, मेरी और शिवसैनिक की जिम्मेदारी है। ऐसा करने में अग्रणी के बारे में मत सोचो।

हमारे नेता सिर्फ बाला साहब ठाकरे
गीते ने कहा कि कोई कितना भी बड़ा नेता कहे, उसे कितनी भी उपाधियां दे, लेकिन वो हमारा नेता नहीं हो सकता है। हमारे नेता तो सिर्फ बाला साहेब ठाकरे हैं। अघाड़ी के नेता अघाड़ी को संभाल लेंगे, लेकिन हमें अपनी पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद संभालनी है। हमें अपने गांव और शिवसेना की फिक्र करनी है, अघाड़ी की नहीं।

गीते के बयान से शिवसेना का किनारा
अनंत गीते के इस बयान के बाद शिवसेना सांसद और प्रवक्ता संजय राउत भी सामने आए। उन्होंने कहा कि अनंत गीते ने क्या कहा है, मुझे नहीं मालूम। मैं सिर्फ इतना कहूंगा कि शरद पवार बड़े नेता हैं। वह महाराष्ट्र सरकार का मुख्य स्तंभ हैं। उन्होंने आगे कहा कि अनंत गीते का बयान उनका व्यक्तिगत मत हो सकता है, यह पार्टी का मत नहीं है।

महाराष्ट्र में शिवसेना, कांग्रेस-एनसीपी की संयुक्त सरकार है। इसके बावजूद ऐसा कई बार हुआ है कि तीनों दलों के नेताओं ने एक दूसरे की कई बार आलोचना की है। कई बार शरद पवार, संजय राउत और अजित पवार जैसे नेताओं को आगे आकर ऐसे मामलों में दखल देना पड़ा।

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