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हिरासत में मनेगी देशमुख की दिवाली:अनिल देशमुख 6 नवंबर तक ED की कस्टडी में भेजे गए, 100 करोड़ की वसूली मामले में हुई गिरफ्तारी

मुंबई3 महीने पहले

100 करोड़ की वसूली मामले में आरोपी महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख की दिवाली ED की हिरासत में मनेगी। स्पेशल PMLA कोर्ट ने उन्हें 6 नवंबर तक ED की कस्टडी में भेज दिया है। देर रात देशमुख को तकरीबन 13 घंटे की पूछताछ के बाद अरेस्ट किया गया था।

अदालत ने देशमुख द्वारा कस्टडी में घर का खाना देने और पूछताछ के दौरान उनके वकील को उनके पास रहने की अर्जी को मान लिया है। वे कई दिनों तक लापता रहने के बाद सोमवार सुबह 11 बजकर 55 मिनट पर अचानक प्रवर्तन निदेशालय (ED) ऑफिस पहुंच गए थे।

पांच समन के बाद ED के ऑफिस पहुंचे थे देशमुख
देशमुख को ED ने 5 बार पूछताछ के लिए समन किया था, लेकिन हर बार उनके वकील इंद्रपाल सिंह ही ED ऑफिस पहुंचे थे। उनकी दलील थी कि देशमुख 75 साल के हैं और महाराष्ट्र में कोरोना के बढ़ते मामलों की वजह से वे पेश नहीं हो सकते। देशमुख की दिवाली अब ED की कस्टडी में मनेगी। प्रवर्तन निदेशालय ने 14 दिन की कस्टडी मांगी थी। स्पेशल PMLA कोर्ट में जज पीबी जाधव ने दोनों पक्षों की दलीलें तकरीबन तीन घंटे तक सुनी। ED की ओर से ASG अनिल सिंह ने जमानत का विरोध किया था। देशमुख की ओर से सीनियर वकील विक्रम चौधरी पक्ष रख रहे थे। लंबी बहस के दौरान चौधरी ने कस्टडी खारिज करने और जमानत की मांग की थी।

बॉम्बे हाईकोर्ट ने खारिज की देशमुख की याचिका
इससे पहले 13 घंटे की पूछताछ के बाद ED ने पाया कि देशमुख की तरफ से किसी भी सवाल का संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। ED के असिस्टेंट डायरेक्टर तासीन सुल्तान और उनकी टीम ने देशमुख से लगातार पूछताछ की। अब इस मामले में कुछ और लोगों की गिरफ्तारी संभव है। पिछले हफ्ते देशमुख की उस याचिका को बॉम्बे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था, जिसमें उन्होंने ED के समन को रद्द करने की मांग की थी।

ED 100 करोड़ की वसूली मामले में मनी लॉन्ड्रिंग एंगल की जांच कर रही है। देशमुख के साथ उनके बेटे ऋषिकेश देशमुख और पत्नी को दो बार पूछताछ के लिए तलब किया गया था, लेकिन वे भी ED ऑफिस नहीं पहुंचे थे। माना जा रहा है कि देशमुख के बाद आज या कल तक उनके बेटे और पत्नी भी ED के सामने हाजिर हो सकते हैं।

इस केस में हुई है अनिल देशमुख की गिरफ्तारी
ED ने अपनी जांच में पाया कि मुंबई पुलिस में क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट का हेड रहते हुए सचिन वझे ने दिसंबर 2020 से फरवरी 2021 तक मुंबई के ऑर्केस्ट्रा बार से 4.70 करोड़ रुपए की वसूली की थी, जिसे बाद में सहायक के जरिए अनिल देशमुख को सौंप दिया गया था। ED को नागपुर स्थित एक चैरिटेबल ट्रस्ट श्री साईं शिक्षण संस्था के बारे में भी पता चला। इस ट्रस्ट को देशमुख का परिवार चला रहा है।

ED का दावा है कि दिल्ली की एक शैल कंपनी के जरिए इस ट्रस्ट को 4.18 करोड़ रुपए का चंदा मिला है। इस ट्रस्ट को उनके बेटे ऋषिकेश देशमुख ने स्थापित किया था। इसके बाद यही रकम डोनेशन के रूप में श्री साईं शिक्षण संस्था को ट्रांसफर कर दी गई। इसी को मनी लॉन्ड्रिंग मानते हुए ED ने देशमुख को गिरफ्तार किया है।

पेशी के बाद देशमुख ने वीडियो मैसेज जारी किया
ED के सामने पेश होने के बाद देशमुख के सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट हुआ है। इसमें देशमुख ने कहा- जब-जब ED ने समन किया, मैंने उनका सहयोग किया है। मैंने पहले ही कहा था कि मेरी याचिकाएं हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं। इनके निपटारे के बाद मैं ED ऑफिस आऊंगा। दो बार CBI ने मेरे यहां रेड की, उसमें भी मैंने पूरा सहयोग किया।

अभी भी सुप्रीम कोर्ट में मेरा फैसला आया नहीं है, लेकिन मैं खुद ही ED दफ्तर आया हूं। मेरे ऊपर परमबीर सिंह ने गलत आरोप लगाए थे। आज वही परमबीर सिंह विदेश भाग गए हैं, ऐसी खबर मीडिया के माध्यम से आ रही हैं। उन्हीं परमबीर सिंह के खिलाफ पुलिस विभाग में कई शिकायतें दर्ज हुई हैं।

वकील ने कहा था- सनसनी फैलाने के लिए लगाए आरोप
इससे पहले वकील के जरिए भेजे एक पत्र में देशमुख ने उनके मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में लंबित होने का हवाला दिया था। अनिल देशमुख ने ED को लिखे अपने पत्र में जांच एजेंसी की ओर से ताकत और अधिकारों का गलत इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि अभी तक मुझे ED की तरफ से ECIR की कॉपी या अन्य दस्तावेज नहीं दिए गए हैं। जिससे साफ होता है कि यह समन केवल मीडिया में सनसनी फैलाने के लिए भेजा गया है।

CBI भी कर रही है देशमुख की जांच
मुंबई पुलिस के पूर्व पुलिस कमिश्नर और मौजूदा होम गार्ड DG परमबीर सिंह ने अनिल देशमुख पर 100 करोड़ रुपये की वसूली का आरोप लगाया है, जिसके लिए अनिल देशमुख को महाराष्ट्र के गृहमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। इस मामले में देशमुख के खिलाफ पहले CBI ने केस दर्ज किया था और फिर उसमें मनी ट्रेल की जानकारी मिलने के बाद ED की एंट्री हुई। ED ने उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है। CBI दो बार देशमुख के ठिकानों पर छापेमारी भी कर चुकी है।

देशमुख के PA और PS हुए हैं अरेस्ट
इस मामले में देशमुख के PA संजीव पलांडे और PS कुंदन शिंदे को अरेस्ट किया था, दोनों फिलहाल केंद्रीय एजेंसी की कस्टडी में हैं। इन पर आरोप हैं कि ये इन्होंने मनी लॉन्ड्रिंग में देशमुख की मदद की थी। इधर, देशमुख ने ED की पूछताछ से बचने के लिए एक पत्र लिखा था।

ED ने जब्त की थी देशमुख की दो प्रॉपर्टी
इसी मामले में 15 दिन पहले देशमुख और उनके परिवार की 4.2 करोड़ रुपए की संपत्ति को जब्त किया गया था। इसमें नागपुर का एक फ्लैट और पनवेल की एक जमीन शामिल है। इसी मामले में देशमुख के PA संजीव पलांडे और PS कुंदन शिंदे को अरेस्ट किया गया था। दोनों फिलहाल केंद्रीय एजेंसी की कस्टडी में हैं।

परमबीर सिंह के आरोप के बाद शुरू हुई है जांच
यह मामला देशमुख पर लगे वसूली के आरोपों से जुड़ा है। मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने करीब ढाई महीने पहले राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखे एक पत्र में आरोप लगाया था कि अनिल देशमुख ने ही मुंबई पुलिस के निलंबित अधिकारी सचिन वझे को हर महीने 100 करोड़ रुपए की वसूली का टारगेट दिया था।

एक दिन पहले देशमुख का मिडिलमैन अरेस्ट हुआ
इसी से जुड़े मामले में CBI ने रविवार को पहली गिरफ्तारी की थी। सेंट्रल एजेंसी ने ठाणे से संतोष शंकर जगताप नाम को पकड़ा है। फिलहाल वह चार दिन की कस्टडी में है। जगताप को अनिल देशमुख का मिडिलमैन बताया जा रहा है।

CBI ने कुछ दिन पहले कुछ कॉन्फिडेंशियल डॉक्युमेंट्स लीक करने के मामले में अनिल देशमुख के कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। 2 सितंबर को जांच एजेंसी ने देशमुख के वकील आनंद दागा और अपने ही सब-इंस्पेक्टर अभिषेक तिवारी को भी अरेस्ट किया था।

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