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मुंबई में बड़ी लापरवाही:नालासोपारा में ऑक्सीजन की कमी से 3 घंटे में हुई 7 कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत, नाराज परिजनों ने हॉस्पिटल में किया हंगामा

मुंबई2 महीने पहले
हंगामे के बाद मौके पर पहुंची तुलिंज पुलिस की टीम मामले को संभालती हुई।

कोरोना संक्रमण के लगातार बढ़ रहे मामलों के बीच मुंबई से लापरवाही की खबर सामने आई है। नालासोपारा के आचोले रोड स्थित विनायक हॉस्पिटल में ऑक्सीजन की कमी से 3 घंटे में सात मरीजों की मौत हो गई है। मरीजों की मौत के बाद सोमवार रात उनके परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया है। जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंची तुलिंज पुलिस ने लोगों को समझा किसी तरह मामला शांत करवाया।

उधर, मुंबई में कोरोना को लेकर एक छोटी सी राहत की खबर ये कि पिछले 24 घंटों के दौरान यहां 6 हजार 905 नए केस सामने आए, जबकि इसी दौरान 9 हजार 37 लोग कोरोना से ठीक भी हुए हैं। हालांकि, इसी दौरान 43 लोगों की मौत भी हुई। मरने वाले में नालासोपारा के एक अस्‍पताल में भर्ती 7 मरीज भी शामिल हैं। दावा किया जा रहा है कि इन सभी की मौत सिर्फ 3 घंटे के दौरान ऑक्सीजन की कमी से हुई है।

हॉस्पिटल पर लापरवाही का बड़ा आरोप
इस बीच परिजनों ने आरोप लगाया है कि अगर सुबह ही डॉक्टर ऑक्सीजन की कमी की जानकारी दे देते तो हम मरीज को मुंबई या अन्य जगह ले जाते। इसमें डॉक्टरों और अस्पताल की भारी लापरवाही है।

मृतक की बहन ने कहा- नाटक करते हुए डॉक्टर चेस्ट पर पंपिंग करने लगा

अपने भाई को गंवाने वाली मुंबई की शाहीन ने बताया कि हम जब अपने पेशेंट को यहां लेकर आए थे तो डॉक्टर ने हमसे कहा था कि उन्हें कभी भी कुछ भी हो सकता है। लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि हॉस्पिटल में ऑक्सीजन की कमी है। उनके कहने पर हमने 35,000 का इंजेक्शन खरीद कर दिया। मैंने अपने भाई को देखने चाहती थी, लेकिन पहले मुझे उससे मिलने नहीं दिया गया। बाद में जब उनके पास गई तो उनकी डेथ हो चुकी थी और मॉनिटर पर स्ट्रेट लाइन दिखा रही थी। इसके बावजूद डॉक्टर नाटक करते हुए उसके चेस्ट पर पंपिंग करने लगा। मुझे नहीं पता वह डॉक्टर था कि 'हजाम' था।

हॉस्पिटल की सफाई: पहले से क्रिटिकल थे मरीज

हॉस्पिटल की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि जिन मरीजों की डेथ हुई है, वे पहले से ही क्रिटिकल थे और कुछ अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित थे। हॉस्पिटल में जब इन्हें एडमिट कराया गया तो किसी में 30 परसेंट और किसी में 40 परसेंट ऑक्सीजन लेवल था। इस बात की जानकारी परिवार के सदस्यों को भी भली-भांति थी। वसई विरार का सबसे बड़ा हॉस्पिटल होने के कारण हम कभी भी किसी को भी पेशेंट को एडमिट करने से मना नहीं करते हैं। इस बात की जानकारी जिला प्रशासन को भी है।

यह घटना मुंबई से सटे नालासोपारा के विनायक हॉस्पिटल की है।
यह घटना मुंबई से सटे नालासोपारा के विनायक हॉस्पिटल की है।

स्थानीय विधायक ने PM से मांगी मदद
इस पूरी घटना के बाद नालासोपारा के विधायक क्षितिज ठाकुर ने सोशल मीडिया के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा है कि लोगों का आरोप है कि वहां ऑक्‍सीजन की कमी होने से 7 कोरोना मरीजों की मौत हो गई है। हालांकि, विधायक ने अपने पोस्ट में तीन मरीजों की मौत की बात कही है।

मेयर ने भी सरकार से लगाई गुहार
वसई-विरार इलाके में पिछले कई दिनों से हॉस्पिटलों में ऑक्सीजन की भारी कमी देखने को मिल रही है, जिसे देखते हुए सोमवार की सुबह प्रथम महापौर राजीव पाटील ने एक ऑडियो संदेश जारी किया था। जिसमें पाटील ने पत्रकारों के माध्यम से राज्य सरकार से वसई विरार में ऑक्सीजन बढ़ाने की मांग की थी।

मुंबई में मरने वाले 36 लोग अन्य बीमारी से भी थे ग्रसित
जांच में सामने आया है कि मुंबई में मृत हुए 43 लोग में से 36 लोग किसी ना किसी लंबी बीमारी से ग्रसित थे। सोमवार को जिन 43 लोगों की मौत हुई उनमें से 30 पुरुष और 13 महिला शामिल हैं। नए आंकड़ों के अनुसार मुंबई जिले में ठीक होने वालों की दर (रिकवरी रेट) 80% है। मुंबई में कोरोना का डबल होने का टाइम 36 दिनों का है। 5 अप्रैल से 11 अप्रैल तक मुंबई में कुल कोविड वृद्धि दर 1.89% है।

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