नागपुर में हो सकता है आतंकी हमला:RSS मुख्यालय की सुरक्षा बढ़ाई गई, 'जैश- ए- मोहम्मद' के आतंकियों ने शहर के मुख्य स्पॉट्स की रेकी की

नागपुर20 दिन पहले
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यह तस्वीर नागपुर के आरएसएस मुख्यालय के बहार की है। आतंकी हमले के अलर्ट के बाद यहां सुरक्षा बढ़ा दी गई है।-फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar
यह तस्वीर नागपुर के आरएसएस मुख्यालय के बहार की है। आतंकी हमले के अलर्ट के बाद यहां सुरक्षा बढ़ा दी गई है।-फाइल फोटो।

नागपुर में बड़ा आतंकी हमला हो सकता है। इसका अंदेशा पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने शुक्रवार को जताया है। कुमार ने कहा कि आतंकी संगठन 'जैश- ए- मोहम्मद' शहर में बड़े आतंकी हमले करने की फिराक में है। उसके लोगों ने शहर के प्रमुख स्पॉट्स की रेकी की है, इसमें आरएसएस मुख्यालय भी शामिल है। इस जानकारी के बाद आरएसएस मुख्यालय की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इसी मामले में नागपुर पुलिस ने UAPA के तहत अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। क्राइम ब्रांच की टीम इस मामले की जांच कर रही है।

पूरे शहर में की गई नाकाबंदी
पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार के मुताबिक, संदिग्धों ने नागपुर के कई नामचीन स्पॉट्स की फोटोज ली हैं और उनका वीडियो भी बनाया है। पूरे शहर में नाकाबंदी कर दी गई है और बाहर से आने वाले हर शख्स का आईकार्ड चेक किया जा रहा है। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि इस जानकारी के बाद सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टियों को रद्द कर दिया गया है। शहर के सभी प्रमुख स्थानों के अंदर और बाहर लगे CCTV कैमरों की जांच की जांच की जा रही है। उपराजधानी से जुड़े सभी हाइवे पर भारी वाहनों की सघन जांच शुरु कर दी गई है।

नागपुर के कमिश्नर अमितेश कुमार।
नागपुर के कमिश्नर अमितेश कुमार।

2020 में भी हमले की बात सामने आई थी
इससे पहले अक्टूबर 2020 में आरएसएस नेताओं पर आतंकी हमले की साजिश की बात सामने आई थी। उस समय यह कहा गया था कि हमले के लिए आतंकवादी आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) या विस्फोटकों से लदी गाड़ी (वीआईईडी) का इस्तेमाल कर सकते हैं। उस दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) दिल्ली के मुताबिक, महाराष्ट्र, पंजाब और राजस्थान और पूर्वोत्तर के राज्यों के नेताओं को टारगेट किया गया था।

2006 में आरएसएस मुख्यालय पर हुआ था आतंकी हमला
बता दें कि जून 2006 की सुबह लगभग 4 बजे आरएसएस मुख्यालय पर एक आतंकी हमला हुआ था। एक लाल बत्ती वाली एम्बेसडर कार आरएसएस मुख्यालय की ओर आ रही थी। कार पर लाल बत्ती देख जवान सचेत हो गए। जवानों ने कार को रुकने का इशारा किया, लेकिन कार नहीं रुकी। इसके बाद आरएसएस मुख्यालय से लगभग 100 मीटर की दूरी पर कार थमी। जवान जब कार के नजदीक पहुंचा तो उसने देखा कि कार में 20 से 22 साल के 3 लड़के सवार थे। पुलिस ने लड़कों को जांच के लिए नीचे उतरने को कहा तो कार बैरियर तोड़ते हुए आगे बढ़ गई। कार बैरियर तोड़ते हुए जैसे ही आगे बढ़ी तो पुलिस को लड़कों के पास हथियार दिखाई दिए। पुलिस ने खतरे को भांपते हुए कार का पीछा किया। तभी कार में सवार आतंकियों ने फायरिंग की। इस मुठभेड़ में पुलिस ने कार में सवार तीनों आतंकियों को मार गिराया था।

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