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100 करोड़ की वसूली का केस:मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह पर लगा 25 हजार रुपए का जुर्माना, कई बार बुलाने पर भी चांदीवाल कमेटी के सामने नहीं हो रहे थे पेश

मुंबई9 महीने पहले
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जांच समिति इससे पहले भी परमबीर सिंह पर 5 हजार रुपए का जुर्माना लगा चुकी है। - Dainik Bhaskar
जांच समिति इससे पहले भी परमबीर सिंह पर 5 हजार रुपए का जुर्माना लगा चुकी है।

मुंबई के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह के खिलाफ जांच कर रही एक सदस्यीय जांच टीम के प्रमुख और बॉम्बे हाईकोर्ट के पूर्व जस्टिस कैलास उत्तमचंद चांदीवाल ने 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। सिंह पर कई बार बुलाने के बावजूद जांच कमेटी के सामने पेश नहीं होने का आरोप है। हालांकि, जांच कमेटी ने परमबीर को एक आखिरी मौका देते हुए तय समय पर उनके सामने पेश होने को कहा है।

परमबीर को नया समन भेजते हुए कहा गया है कि वे अगले तीन दिन में कोविड-19 के लिए बने मुख्यमंत्री राहत कोष में 25 हजार रुपए जमा करवाएं। जांच कमेटी ने परमबीर को भेजे नए समन में कहा है कि उनके सामने पेश नहीं होने से जांच को नहीं रोका जाएगा। कमेटी ने परमबीर को 25 अगस्त को उनके सामने पेश होने को कहा है।

जांच कमेटी को मिली है सिविल कोर्ट की शक्ति

राज्य के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ परमबीर सिंह द्वारा लगाए गए 100 करोड़ की वसूली के आरोपों की न्यायिक जांच करने के लिए महाराष्ट्र सरकार द्वारा एक सदस्यीय जांच समिति का गठन 30 मार्च को किया गया था। इसी मामले में तीन मई को जारी एक अधिसूचना में राज्य सरकार ने जांच समिति को सिविल कोर्ट की शक्तियां प्रदान की हैं।

कमेटी के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट गए हैं परमबीर
परमबीर सिंह की ओर से कमेटी के सामने पेश अधिवक्ता संजय जैन और अनुकुल सेठ ने बुधवार को सूचित किया कि परमबीर सिंह ने समिति के अस्तित्व और समिति द्वारा उन्हें जारी किए गए समन को बॉम्बे उच्च न्यायालय के समक्ष चुनौती दी है। इस मामले की अगली सुनवाई 23 अगस्त को होनी है। इसलिए सुनवाई पूरी होने तक परमबीर की पेशी को टाल देना चाहिए।

समिति की ओर से पेश वकील शिशिर हिरे ने बताया कि परमबीर सिंह की याचिका के अलावा, मुंबई के एक वकील इशांत श्रीवास्तव ने समिति के गठन को चुनौती देते हुए एक जनहित याचिका भी दायर की थी।

कमेटी के पास सिर्फ कार्रवाई की सिफारिश की पॉवर
इससे पहले जुलाई 2021 में परमबीर सिंह ने समिति की स्थापना के तरीके पर सवाल उठाया था। इसे न्यायमूर्ति चांदीवाल ने खारिज करते हुए कहा था कि जांच समिति ठीक वही कर रही है, जो सीबीआई परमबीर सिंह और बर्खास्त एपीआई सचिन वझे द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच के संदर्भ में कर रही है। न्यायमूर्ति चांदीवाल ने कहा, "आयोग सिर्फ एक वैधानिक प्राधिकरण(statutory authority) है और यह कोई निर्णय नहीं सुनाने जा रहा है। हम सिर्फ सिफारिश कर सकते हैं।"

पहले भी परमबीर पर लगा है 5 हजार का जुर्माना
समिति ने पहले भी सिंह पर समिति के समक्ष पेश नहीं होने के लिए 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया था। यह दूसरी बार है जब सिंह पर जुर्माना लगाया गया है।

बुधवार को देशमुख की याचिका हुई थी सुप्रीम कोर्ट से खारिज
खास यह है कि जांच समिति का यह आदेश उसी दिन आया है, जब सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार और देशमुख द्वारा दायर याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिसमें बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई थी। अदालत ने देशमुख के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो(CBI) की FIR को रद्द करने से इनकार कर दिया है।

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