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कोरोना के खिलाफ जंग:संक्रमण रोकने के लिए पुणे के एक गांव की महिला सरपंच ने 8 दिनों तक हार्ड लॉकडाउन किया, सैनिटाइजेशन टनल भी बनाई

पुणे2 वर्ष पहले
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पंचायती राज दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरपंचों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात की। इसमें पुणे की सरपंच प्रियंका रामदास मेदनकर भी शामिल हैं। प्रधानमंत्री उनके काम से काफी प्रभावित हुए।
  • प्रियंका पुणे के खेड़ तहसील के तहत आने वाले मेदनकरवाड़ी ग्राम पंचायत की सरपंच है, प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को उनके बात की थी
  • उन्होंने गांव में संक्रमण को रोकने के लिए लोगों को मास्क पहनने के लिए जागरूक किया और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों को सख्ती से लागू करवाया

पंचायती राज दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बात करके सरपंच प्रियंका रामदास मेदनकर सुर्खियों में आ गई। प्रियंका पुणे के खेड़ तहसील के तहत आने वाले मेदनकरवाड़ी ग्राम पंचायत की सरपंच हैं। प्रियंका ने गांव में कोरोना की एंट्री को जिस तरह रोका, उसकी प्रधानमंत्री ने भी तारीफ की है। प्रियंका ने अपने गांव में सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों को लागू करवाया।

गांव के लोगों को मास्क पहनने और सैनिटाइजर के इस्तेमाल के प्रति जागरूक किया। प्रधानमंत्री से बातचीत के दौरान जब प्रियंका ने उन्हें यह सारी बातें बताईं तो वह काफी प्रभावित हुए। मोदी ने प्रियंका से करीब 6 मिनट तक बात की। इस दौरान उन्होंने पीएम को एक कविता भी सुनाई। पुणे में संक्रमण के अब तक 800 से ज्यादा केस मिल चुके हैं।  

प्रियंका रामदास मेदनकर सामाजिक कार्यों के लिए कई बार सरकार को आर्थिक मदद पहुंचा चुकी हैं।
प्रियंका रामदास मेदनकर सामाजिक कार्यों के लिए कई बार सरकार को आर्थिक मदद पहुंचा चुकी हैं।

कोरोना के खिलाफ लड़ाई में प्रियंका की कोशिश:
भारतीय जनता युवा मोर्चा से जुड़ी रहीं 32 साल की प्रियंका से बातचीत के बाद मोदी ने कहा- आप जैसी पढ़ी-लिखी सरपंच आधुनिक व्यवस्थाओं को गांव में लागू करवा सकती हैं। प्रधानमंत्री से बातचीत के बाद प्रियंका ने दैनिक भास्कर से बातचीत की।

  • प्रियंका ने कहा- एक सरपंच के लिए देश के सबसे बड़े व्यक्ति से बात करना एक गौरव का क्षण है। मेरे राजनीतिक जीवन का आज सबसे बड़ा दिन है। मेरे लिए यह एक लाइफ चेंजिंग एक्सपीरियंस था। जब मुझे पता चला कि पीएम मुझसे बात करने वाले हैं तो मैं रात भर सो नहीं सकी। लेकिन रियल में जब बात की तो वे बेहद आसान लगा। प्रधानमंत्री ने एक अभिभावक की तरह हमारी बातें सुनी और मेरे काम को सराहा। यह मेरे लिए बेहद सुखद अनुभव था।
  • 'मार्च से जब लॉकडाउन लगाया गया, इसके बाद हमने पूरे गांव को आठ दिनों के लिए हार्ड लॉकडाउन कर दिया। अगले ही दिन से हमने पूरा गांव सोडियम डाईपोक्लोराइड से सैनिटाइज किया। इसके बाद दो जगहों पर सैनिटाइजेशन टनल लगाई। जहां पर ज्यादा लोगों की आवाजाही रहती है। इसके अलावा, एक संस्था से जुड़ी महिलाओं को मास्क बनाने के काम से जोड़ा। लोगों को घरों में मास्क पहनने के लिए प्रेरित किया। घर-घर सैनिटाइज करवाया।'
  • 'संक्रमण रोकने के लिए गांव के लोगों का मॉर्निंग और इवनिंग वॉक बंद करवाया। इसे प्रभावी करने के लिए गांव में शाम की स्ट्रीट लाइट जल्दी बंद कर दी जाती है। इसका असर भी दिखा और अभी तक कोई भी कोरोना संक्रमित गांव में नहीं मिला है।
  • मैं हर एक-दो दिन में पूरे गांव में लाउडस्पीकर लेकर घूमती हूं और लोगों से कहती हूं कि वे घरों में रहे और लोग मेरी बात मान भी रहे हैं।
वीडियो कॉफ्रेंसिंग के दौरान प्रियंका ने प्रधानमंत्री मोदी को एक कविता भी सुनाई।
वीडियो कॉफ्रेंसिंग के दौरान प्रियंका ने प्रधानमंत्री मोदी को एक कविता भी सुनाई।

दो हजार प्रवासी मजदूरों को के खाने का कराया इंतजाम
प्रियंका ने बताया, 'मैं जिस इलाके में रहती हूं वह औद्योगिक क्षेत्र में आता है। ऐसे में इलाके में 70 प्रतिशत ऐसे लोग हैं जो दूसरे राज्यों या शहरों से आकर बसे हैं। इनमें बड़ी संख्या में मजदूर और फैक्ट्री में काम करने वाले लोग हैं। जिनके पास राशनकार्ड हैं, उन्हें हम सीधे राशन उपलब्ध करवा रहे हैं। वहीं, जिन्हें राशन की दिक्कत है उन्हें स्थानीय लोगों और कंपनियों के सीएसआर फंड का इस्तेमाल कर खाना पहुंचाने का इंतजाम कराया। 

प्रियंका और उनके पति सुदर्शन चौधरी भी भारतीय जनता युवा मोर्चा से जुड़े रहे हैं।
प्रियंका और उनके पति सुदर्शन चौधरी भी भारतीय जनता युवा मोर्चा से जुड़े रहे हैं।

पिता और पति भी कर रहें हैं कोरोना से लड़ाई में प्रियंका का सहयोग
प्रियंका पुणे के एमआईटी कॉलेज से पोस्ट ग्रेजुएट हैं। कोरोना की इस लड़ाई में उनके पिता रामदास मेदनकर और पति सुदर्शन चौधरी भी कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग कर रहे हैं। उनके पति पास के सोरतापवाड़ी गांव के सरपंच हैं। दोनों अपने गांव के सैनिटाइजेशन से लेकर घर-घर मास्क पहुंचाने का काम कर रहे हैं।

पहले गांव की सफाई की फिर पति ने बांधा था सेहरा
प्रियंका के पति सुदर्शन चौधरी भी भारतीय जनता युवा मोर्चा से जुड़े हैं। सुदर्शन पीएम मोदी के 'स्वच्छ भारत अभियान' से इस कदर प्रभावित हैं कि उन्होंने शादी की रस्मों में से एक रस्म गांव में सफाई अभियान की रखी थी। प्रियंका बताती हैं कि शादी वाले दिन उन्होंने सुबह पहले दो घंटे गांव की सफाई की और फिर दोपहर में सेहरा बांधा था। आज भी वे इस अभियान से जुड़े हुए हैं और हर रविवार को अपने इलाके की सफाई का काम करते हैं। 

प्रियंका महाराष्ट्र के सबसे कम उम्र के सरपंचों में से एक हैं। उनके पति भी गांव के सरपंच हैं। उन्होंने पुणे से ही पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की है।
प्रियंका महाराष्ट्र के सबसे कम उम्र के सरपंचों में से एक हैं। उनके पति भी गांव के सरपंच हैं। उन्होंने पुणे से ही पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की है।