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एंटीलिया केस:वझे के साथ विस्फोटक बरामदगी मामले में गिरफ्तार API रियाजुद्दीन काजी सस्पेंड, मनसुख की हत्या में भी है संदिग्ध भूमिका

मुंबई8 महीने पहले
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रियाजुद्दीन काजी को सचिन वझे का सबसे करीबी माना जाता है। NIA को संदेह है कि इस पूरे केस में उसकी भूमिका संदिग्ध है। - Dainik Bhaskar
रियाजुद्दीन काजी को सचिन वझे का सबसे करीबी माना जाता है। NIA को संदेह है कि इस पूरे केस में उसकी भूमिका संदिग्ध है।

मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया पास मिली विस्फोटक से भरी स्कॉर्पियो मामले में गिरफ्तार API रियाजुद्दीन काजी को लोकल आर्म्स यूनिट से सस्पेंड कर दिया गया है। फिलहाल वह 16 अप्रैल तक राष्ट्रीय जांच एजेंसी(NIA) की कस्टडी में है। सूत्रों के मुताबिक, NIA आज काजी को इस मामले में गिरफ्तार और मुंबई की तलोजा जेल में बंद सचिन वझे के कुछ अड्डों पर ले जा सकती है। NIA का मानना है क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट (CIU) में रहने के दौरान काजी अक्सर इन जगहों पर वझे के साथ जाया करता था।

अपर पुलिस आयुक्त वीरेंद्र मिश्रा की ओर से बताया गया है कि NIA ने API रियाजुद्दीन काजी को एक्सप्लोसिव एक्ट में गिरफ्तार किया है। इसलिए रियाजुद्दीन काजी को अगले आदेश तक के लिए निलंबित किया गया है। काजी की भूमिका स्कॉर्पियो के मालिक मनसुख हिरेन की हत्या में भी संदिग्ध है। जांच में सामने आया है कि एंटीलिया मामले में गिरफ्तार और मुंबई की तलोजा जेल में बंद सचिन वझे के कहने पर ही रियाजुद्दीन ने इस केस से जुड़े सबूत मिटाने की कोशिश की थी।

काजी को सचिन वझे का राजदार माना जाता है
इस मामले में NIA काजी से 15 मार्च, 16 मार्च, 17 मार्च, 20 मार्च, 23 मार्च, 26 मार्च और 27 मार्च को कई घंटे पूछताछ कर चुकी है। काजी की भूमिका शुरू से ही इस केस में संदिग्ध बताई जा रही थी। उसे सचिन वझे का सबसे करीबी राजदार माना जाता है। इसलिए NIA को उसके पास से कई अहम सबूत मिल सकते हैं।

वझे के कहने पर सबूत मिटाए
सूत्रों के मुताबिक रियाजुद्दीन काजी ने 26 फरवरी को सचिन वझे की ठाणे स्थित साकेत सोसायटी में जाकर वहां के CCTV, DVR अपने कब्जे में ले लिए थे। बाद में इन सबूतों को नष्ट कर मीठी नदी में फेंक दिया था। वहीं रियाजुद्दीन काजी के सरकारी गवाह बनने की भी चर्चा थी।

काजी के खिलाफ CCTV फुटेज बना अहम सबूत
जांच के दौरान NIA को विक्रोली कन्नमवार नगर इलाके में एक नंबर प्लेट बनाने की दुकान के बाहर लगा CCTV फुटेज मिला था। काजी नंबर प्लेट बनाने वाली दुकान में जाते हुए दिखाई दे रहा था। जांच में सामने आया कि काजी दुकान के बाहर लगे CCTV का DVR जब्त करने आया था। फुटेज में वह दुकान मालिक के साथ बाहर जाता हुआ भी दिखाई दिया था।

तीन एजेंसियां कर रही थी एंटीलिया से जुड़े केस की जांच
एंटीलिया के बाहर से जिलेटिन बरामदगी मामले में तीन अलग-अलग केस दर्ज हुए हैं। तीनों केस की जांच की मौजूदा स्थिति इस तरह है-

  • पहला केस मनसुख हिरेन की स्कॉर्पियो चोरी होने का है, जिसमें मुंबई की गामदेवी पुलिस जांच कर रही है।
  • दूसरा केस अंबानी के घर के पास बरामद हुई जिलेटिन से भरी स्कॉर्पियो का है। इसकी जांच NIA के हाथ में है। इसी केस में सचिन वझे को अरेस्ट किया गया है।
  • तीसरा केस स्कॉर्पियो के मालिक मनसुख हिरेन की हत्या का है। इस केस में महाराष्ट्र ATS जांच कर रही थी। अब ठाणे कोर्ट के आदेश के बाद इस केस को भी NIA को ट्रांसफर कर दिया गया है, हालांकि ATS ने अभी तक इस केस को बंद करने का आधिकारिक ऐलान नहीं किया है।
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