फारूक-महबूबा पर भड़के संजय राउत:शिवसेना नेता ने कहा- संविधान को चुनौती देने के लिए चीन की मदद लेने वालों को 10 साल के लिए अंडमान जेल भेजा जाना चाहिए

पुणेएक वर्ष पहले
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शिवसेना सांसद संजय राउत पुणे में पत्रकारों से विभिन्न मुद्दों पर बात कर रहे थे। - Dainik Bhaskar
शिवसेना सांसद संजय राउत पुणे में पत्रकारों से विभिन्न मुद्दों पर बात कर रहे थे।
  • संजय राउत ने कहा- शरद पवार अगर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का मार्गदर्शन करते हैं तो इससे बीजेपी नेता चंद्रकांत पाटिल के पेट में दर्द क्यों हो रहा है
  • राउत बोले- तेजस्वी अगर बहुमत के साथ बिहार के मुख्यमंत्री बनते हैं तो इसमें आश्चर्य नहीं होगा, बिहार में क्या चल रहा है यह सबको पता है

जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती के बयान को लेकर शिवसेना सांसद संजय राउत ने निशाना साधा है। शनिवार को पुणे में संजय राउत ने कहा कि अगर संविधान को चुनौती देने के लिए कोई चीन की मदद लेने की बात करता है तो उसे जेल भेजा जाना चाहिए।

राउत ने एक सवाल के जवाब में कहा, 'चाहे फारूक अब्दुल्ला हों या महबूबा मुफ्ती, अगर कोई भारत के संविधान को चुनौती देने के लिए चीन की मदद लेने की बात करता है, तो उन्हें गिरफ्तार कर 10 साल के लिए अंडमान भेजा जाना चाहिए। वे कैसे आजाद घूम रहे हैं?'

उन्होंने कहा कि शरद पवार अगर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का मार्गदर्शन करते हैं तो इससे बीजेपी नेता चंद्रकांत पाटिल के पेट में दर्ज क्यों हो रहा है।

तेजस्वी अगर सीएम बनते हैं तो आश्चर्य नहीं
बिहार चुनाव के मुद्दे पर संजय राउत ने कहा,'बिहार में चुनाव के दौरान क्या चल रहा है? ये सबको पता है, फिर भी सबको लगता है कि चुनाव पारदर्शी होंगे। तेजस्वी अगर बहुमत के साथ बिहार के मुख्यमंत्री बनते हैं तो इसमें आश्चर्य नहीं होगा।'

सीएम ठाकरे के प्रयास से कोरोना पर लगी लगाम
पुणे में कोरोना कंट्रोल के मुद्दे की सराहना करते हुए राउत ने कहा,'महाराष्ट्र की राजनीति पुणे से होती है। बाल ठाकरे जब तक थे, तब तक मुंबई से होती थी। उन्होंने कहा कि कोरोना संकट में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में बहुत अच्छा काम हुआ है। इसी वजह से कोरोना अभी काबू में है।

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