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पाकिस्तानी नाम पर विवाद:मुंबई में 'कराची स्वीट्स' के नाम से शिवसेना नेता हुए नाराज, 1947 में पाक से आए पूर्वजों ने रखा था नाम

मुंबई11 दिन पहले
शिवसेना नेता का दुकानदार को कथित तौर पर धमकाने का एक वीडियो भी सामने आया है।

शिवसेना नेता नितिन नंदगांवकर का एक वीडियो वायरल हुआ है। इस वीडियो में, वह मुंबई की फेमस कराची स्वीट्स के मालिक को इसका नाम बदलने के लिए कथित तौर पर धमकाते हुए नजर आ रहे हैं। ताजा जानकारी के मुताबिक, स्वीट शॉप के मालिक ने भी इसपर सहमति जताते हुए कराची शब्द को कागज से ढक लिया है।

यह शॉप मुंबई के बांद्रा पश्चिम इलाके में स्थित है। वीडियो में शिवसेना नेता कह रहे हैं, 'मैं आपको कुछ समय दे रहा हूं। उस अवधि के दौरान, आपको अपनी दुकान का नाम बदलना चाहिए और मराठी में कोई नाम लिखना चाहिए।' वीडियो में नितिन आगे कहते नजर आ रहे हैं कि उन्हें कराची नाम से नफरत है। क्योंकि यह पाकिस्तान में है। इसलिए वे प्यार से इस नाम को हटाने के लिए कह रहे हैं।

दुकान के मालिक ने फिलहाल कराची स्वीट्स के नाम को ढक दिया है।
दुकान के मालिक ने फिलहाल कराची स्वीट्स के नाम को ढक दिया है।

पाकिस्तान से आये थे दुकान के मालिक के पूर्वज
जब दुकान के मालिक ने शिवसेना नेता को बताया कि उनके पूर्वज पाकिस्तान से आये थे और उनका परिवार विभाजन के बाद भारत आ गया, तो नंदगांवकर ने कहा कि उनका यहां (भारत में) स्वागत है, लेकिन उन्हें दुकान का नाम बदलना होगा। शिवसेना नेता ने कहा, "आप इसे अपने पूर्वजों या मराठी में कुछ नाम दे सकते हैं।'

शिवसेना नेता को समझाने का प्रयास भी हुआ
दुकान के मालिक वीडियो में यह समझाने की कोशिश करते हुए देखे जा सकता हैं कि दुकान का कराची से कोई लेना-देना नहीं है, फिर भी शिवसेना नेता मान नहीं रहे हैं। शिवसेना नेता ने आगे कहा, "मुझे कराची नाम से नफरत है क्योंकि यह आतंकवादियों की जगह है। कराची शब्द का कोई कारोबार नहीं होना चाहिए। आपको नाम बदलना होगा ... हम आपको समय दे रहे हैं।"

शिवसेना ने झाड़ा पल्ला
इस पूरे विवाद पर गुरुवार को शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा,"कराची बेकरी और कराची स्वीट्स पिछले 60 सालों से मुंबई में हैं। उनका पाकिस्तान से कोई लेना-देना नहीं। अब उनके नामों को बदलने के लिए कहने का कोई मतलब नहीं है। यह शिवसेना का आधिकारिक रुख नहीं है।"

मुंबई यह दुकान 1947 से चल रही थी।
मुंबई यह दुकान 1947 से चल रही थी।

मनसे में रहने के दौरान की थी ऑटो वालों की पिटाई
नितिन नंदकवकर पहले महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना पार्टी में थे। कुछ दिन पहले उन्होंने मनसे छोड़ शिवसेना का दामन थामा है। वे पहले भी उत्तर भारतीय ऑटो वालों की पिटाई करने के मामले में सुर्खियों में आए थे।

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