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महाराष्ट्र में सुविधाओं की पोल खोलती तस्वीरें:कहीं ऑटो रिक्शा तो कहीं जमीन पर लेटाकर दी जा रही ऑक्सीजन; हर जगह सिर्फ इलाज के लिए भटक रहे लोग

मुंबई2 महीने पहले
महाराष्ट्र के ज्यादातर हॉस्पिटल में बेड फुल हो चुके हैं और ऑक्सीजन की कमी से मरीज मर रहे हैं। - Dainik Bhaskar
महाराष्ट्र के ज्यादातर हॉस्पिटल में बेड फुल हो चुके हैं और ऑक्सीजन की कमी से मरीज मर रहे हैं।

महाराष्ट्र में कोरोना लगातार भयावह रूप लेते जा रहा है। यहां स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा रही है। राज्य के लगभग सरकारी और निजी अस्पताल फुल हो चुके हैं। मेडिकल स्टोर से रेमडिसिवर इंजेक्शन गायब है। ऑक्सीजन की कमी से लगातार मरीज मर रहे हैं। मंगलवार को मुंबई के नालासोपारा के एक हॉस्पिटल में ऑक्सीजन नहीं मिलने से 7 मरीजों की मौत का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि बुधवार को महाराष्ट्र से कुछ ऐसी और तस्वीरें देखने को मिली।

ऑक्सीजन के लिए तड़पते लोगों की चार तस्वीरें

सातारा में एक महिला को ऑटो में बैठाकर ऑक्सीजन दिया जा रहा है।
सातारा में एक महिला को ऑटो में बैठाकर ऑक्सीजन दिया जा रहा है।

पहली तस्वीर: महाराष्ट्र के सातारा में एक 88 वर्षीय कोविड संक्रमित महिला को सही समय पर बेड नहीं मिलने की वजह से परिजनों ने उन्हें एक ऑटो रिक्शा में बैठकर ऑक्सीजन दिया। महिला सातारा के सरकारी ग्रामीण अस्पताल में एडमिट होने के किए गईं थी।

पिंपरी चिंचवाड़ में जमीन पर लेटे मरीज।
पिंपरी चिंचवाड़ में जमीन पर लेटे मरीज।

दूसरी तस्वीर: पिंपरी चिंचवाड़ के यशवंतराव चव्हाण अस्पताल में बेड्स लगभग फुल हो चुके हैं। आलम यह है कि मरीजों को हॉस्पिटल के गलियारों में जमीन पर बैठाकर ऑक्सीजन दिया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि गलियारे में बैठे मरीजों को बेड खाली होते ही वार्ड में शिफ्ट कर दिया जाता है। यशवंतराव चव्हाण अस्पताल में पिंपरी-चिंचवड शहर और आसपास के जिलों से मरीज इलाज के लिए आते है।

एक पिता-पुत्र पिछले तीन दिन से इस ऐम्बुलेंस में भटक रहे हैं।
एक पिता-पुत्र पिछले तीन दिन से इस ऐम्बुलेंस में भटक रहे हैं।

तीसरी तस्वीर: चंद्रपुर जिले से सामने आई है। यहां एक कोरोना संक्रमित पिता को लेकर उसका बेटा पिछले तीन दिन से एक प्राइवेट एम्बुलेंस में भटक रहा है, लेकिन उसे बेड नहीं मिल रहा है। बुजुर्ग वरोरा से चंद्रपुर, चंद्रपुर से मंचेरियाल और मंचेरियाल से चंद्रपुर लौट कर बुधवार को पहुंचा है, लेकिन उसे बेड नहीं मिला है। एम्बुलेंस में ही ऑक्सीजन लगाकर बुजुर्ग का इलाज किया जा रहा है। बेटे का कहना है कि आज शाम तक अगर बेड नहीं मिला तो उनके पिता का हाल बिगड़ सकता है।

नागपुर में मृत हुए लोगों के शवों को ले जाते उनके परिजन।
नागपुर में मृत हुए लोगों के शवों को ले जाते उनके परिजन।

चौथी तस्वीर: नागपुर के ग्रामीण JN अस्पताल में कुछ घंटों अंतराल में 4 मरीजों की मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि हॉस्पिटल में ऑक्सीजन और वेंटीलेटर की कमी से मरीजों ने दम तोड़ा। नाराज परिजनों ने हॉस्पिटल में जमकर हंगामा और तोड़फोड़ भी किया है। हॉस्पिटल ने अपनी सफाई में कहा कि सभी मरीज नागपुर में अन्य अस्पतालों में जगह न मिलने की वजह से गंभीर हालत में यहां लाए गए थे और उन्हें सांस लेने में दिक्कत थी।

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