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मंत्रालय को बम से उड़ाने की धमकी:फोन कर धमकी देने वाला किसान निकला, जमीन का मुआवजा नहीं मिलने से था नाराज; हिरासत में लेकर पूछताछ जारी

मुंबई18 दिन पहले
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बम डिस्पोजल स्क्वॉड की टीम ने मंत्रालय के मैदान में जमा मिट्टी की भी जांच की। - Dainik Bhaskar
बम डिस्पोजल स्क्वॉड की टीम ने मंत्रालय के मैदान में जमा मिट्टी की भी जांच की।

रविवार को एक शख्स ने फोन कर मंत्रालय को बम से उड़ाने की धमकी दी थी। अब इस मामले में नया खुलासा हुआ है। धमकी देने वाला शख्स एक किसान है। हिरासत में लेकर उससे पूछताछ जारी है। जांच में सामने आया है कि जमीन का मुआवजा नहीं मिलने से किसान नाराज चल रहा था।

छुट्टी के दिन दोपहर लगभग 12:45 बजे मंत्रालय के आपातकालीन कक्ष में अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर मंत्रालय को बम से उड़ाने की धमकी दी थी। इसके बाद मंत्रालय की सुरक्षा बढ़ाते हुए बम डिस्पोजल स्क्वाड और डॉग स्क्वाड ने इसकी तीनों इमारतों के चप्पे-चप्पे को खंगाला। हर कमरे, हर अलमारी, फॉल सीलिंग की तलाशी ली गई। यहां तक कि मंत्रियों के केबिन की भी तलाशी ली गई। हालांकि, कई घंटे की तलाशी के बाद यह स्पष्ट हो गया कि यह एक फेक कॉल थी।

मंत्रालय के बाहर रखे कूड़ेदान की जांच करता बम डिस्पोजल स्क्वाड का एक कर्मचारी।
मंत्रालय के बाहर रखे कूड़ेदान की जांच करता बम डिस्पोजल स्क्वाड का एक कर्मचारी।

ऐसे आरोपी तक पहुंची पुलिस
इसके बाद मुंबई पुलिस की एक विशेष टीम फोन करने वाले का पता लगा रही थी। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के माध्यम से यह पता चला कि मंत्रालय को उड़ाने की धमकी देने वाला फोन नागपुर से आया था। इसके बाद नागपुर पुलिस ने 40 साल के सागर मांढरे को हिरासत में लिया। फिलहाल उससे पूछताछ जारी है।

सरकार तक बात पहुंचाने के लिए यह कदम उठाया
पेशे से किसान सागर ने मंत्रालय में फर्जी कॉल करने की बात को स्वीकार कर लिया है। उसने पुलिस को बताया कि उसकी जमीन सरकार ने अधिग्रहीत कर रखी है, लेकिन उसे अब तक मुआवजा नहीं मिला है। वह कई महीने से अधिकारियों से गुहार लगा रहा है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई तो सागर को यही तरीका सही लगा। अपनी बात सरकार तक पहुंचाने के लिए। बहरहाल मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन के अधिकारियों की एक विशेष टीम इस मामले की आगे जांच कर रही है।