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'ताऊ ते' की तबाही का आंकलन शुरू:एक दिन के कोंकण दौरे पर उद्धव ठाकरे, रत्नागिरी में CM ने कहा- एक भी प्रभावित नहीं रहेगा मुआवजे से वंचित

मुंबई6 महीने पहलेलेखक: विनोद यादव
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रत्नागिरी पहुंचे CM उद्धव ठाकरे प्रभावित लोगों से बात करते हुए। - Dainik Bhaskar
रत्नागिरी पहुंचे CM उद्धव ठाकरे प्रभावित लोगों से बात करते हुए।

'ताऊ ते' चक्रवाती तूफान से राज्य में हुई तबाही का जायजा लेने के लिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे शुक्रवार को कोंकण के रत्नागिरी जिले में पहुंचे। यहां उन्होंने कहा कि चक्रवात से प्रभावित कोई भी व्यक्ति नुकसान भरपाई से वंचित नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार इस वक्त कहां और कितना नुकसान हुआ है? इसकी जानकारी इकट्ठा कर रही है ताकि नुकसान भरपाई की घोषणा जल्द से जल्द की जा सके।

उन्होंने कहा कि चक्रवात की वजह से रत्नागिरी जिले में 1100 किसानों का करीब 2500 हैक्टेर फल बागों का भारी नुकसान हुआ है। इसमें से 3430 किसानों का पंचनामा पूरा हो गया है। रत्नागिरी के बाद CM ठाकरे सिंधुदुर्ग जिले में जाने वाले हैं।

कोंकण दौरे पर फडणवीस का उद्धव पर निशाना
हालांकि, उद्धव के आज के दौरे को लेकर विपक्ष ने उन पर निशाना साधा है। पूर्व CM और नेता विपक्ष देवेंद्र फडणवीस ने कहा, 'कोंकण में पिछले बार जब निसर्ग चक्रवात आया था, तब सरकार ने प्रति हेक्टर 50 हजार यानी एक पेड़ का जिस बागवान का नुकसान हुआ था उसे महज 500 रुपए की मदद मिली थी। जिससे कोंकण के लोगों को घोर निराश होना पड़ा था। उन्होंने कहा कि सभी को पता है कि कोंकण ने शिवसेना को दिल खोलकर दोनों हाथों से हमेशा मदद की है। इसलिए अब मुख्यमंत्री ठाकरे भी चक्रवात तूफान प्रभावित कोंकण को ज्यादा से ज्यादा नुकसान भरपाई दें।'

कोंकण के तीन जिलों में इतना हुआ नुकसान
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे आज शुक्रवार को कोंकण के जिन दो जिलों का दौरा कर रहे हैं। वहां चक्रवात की वजह से भारी नुकसान हुआ है। सिंधुदुर्ग जिले में दो हजार से अधिक और रत्नागिरी में एक हजार से अधिक घरों को भारी नुकसान हुआ है। अकेले सिंधुदुर्ग जिले में 5.77 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान होने का प्राथमिक अंदाज है। रत्नागिरी जिले में 8 लोग जख्मी भी हुए हैं।

पड़ोस के रायगढ़ जिले में 4 लोगों की मौत हुई है और 6 जख्मी हुए हैं। यहां 6 हजार से अधिक घरों को नुकसान हुआ है। इसके अलावा कोंकण हापूस आम के उत्पादन के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। चक्रवाती तूफान की वजह से हापूस आम उत्पादन करने वाले बागवानों की कमर ही टूट गई है। यही वजह है कि शुक्रवार की दोपहर कोंकण का दौरा कर मुंबई वापस लौटने पर मुख्यमंत्री चक्रवात प्रभावित इलाकों के लिए कितनी नुकसान भरपाई घोषित करते हैं। इस पर पूरे महाराष्ट्र की नजर रहने वाली है।

PM ने भी किया था 'ताऊ ते' प्रभावित गुजरात का दौरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने “ताऊ ते”चक्रवात तूफान प्रभावित गुजरात का दौरा किया क्योंकि चक्रवात का लैंडफॉल ( तूफान का समुद्र तट से टकराना) वहां हुआ था। गुजरात में इस चक्रवात से भारी नुकसान हुआ है और वहां करीब 45 लोगों की मौत हुई है। बहुत से इलाकों में गांव के गांव पूरी तरह से तबाह हो गए। इसलिए प्रधानमंत्री ने गुजरात का दौरान किया और वहां के लिए फौरन मदद भी घोषित की। प्रधानमंत्री ने गुजरात दौरे के साथ ही साफ कर दिया है कि गुजरात की तरह ही महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, गोवा, राजस्थान और दमन-दीव इन चक्रवात प्रभावित राज्यों को भी आर्थिक मदद दी जाएगी।